एक हजार कराेड़ रुपए का बल्क ड्रग फार्मा पार्क लेना अब सरकार के लिए अासान नहीं हाेगा। इस पार्क काे लेने के लिए राज्य सरकार का 12 राज्याें से मुकाबला हाेगा। केंद्र सरकार ने भी कुछ पैरामीटर तय कर दिए हैं। केंद्र सरकार ने सभी राज्याें के सामने 100 अंकाें की शर्त रखी है। जाे भी राज्य इस साै अंक की शर्त काे पूरा करेंगे, उन्हीं तीन राज्याें काे ये प्राेजेक्ट मिलेगा। दावेदार 12 राज्यों में अांध्रप्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राज्यस्थान शामिल हैं।
राज्य की दावेदारी इसलिए मजबूत
राज्य सरकार इस पार्क काे लेने के लिए काफी आश्वस्त है। यहां के औद्याेगिक क्षेत्र बीबीएन एशिया का सबसे बड़ा फार्मा हब है जहां700 फार्मा यूनिट है। 8000 कराेड़ का इन्वेस्टमेंट जाे राज्य के टाेटल एफसीआई का 16 प्रतिशत है। देश की एक तिहाई से ज्यादा दवाएं यहां बनती है। राज्य के एक्सपाेर्ट में फार्मा का शेयर 2018-19 में 58 प्रतिशत का रहा है, 3 बड़े फार्मा इंडस्ट्रियल काॅरिडाेर है। राज्य सरकार इस पार्क के लिए सितंबर के अंत में केंद्र के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करेगी। उद्याेग विभाग की टीम आंध्रप्रदेश के बल्क ड्रग फार्मा पार्क का जाे स्टडी करके लाैटी है उसे भी साै अंकाें के मापदंड में शामिल करेगी। इसमें बताया जाएगा कि पार्क के लिए पानी, बिजली और दूसरी जरुरी चीजाें की कितनी आवश्यकता रहेगी।
100 अंकाें का यह पैरामीटर
केंद्र सरकार की ओर से 100 अंकाें का जाे पैरामीटर तय किया है। इसमें 10 नंबर जमीन की उपलब्धता, 10 नंबर बिजली, 10 नंबर पानी के अलावा सड़क, एयर और रेल के साथ की कनेक्टिविटी आदि के नंबर तय किए हैं। प्रदेश में बिजली और पानी की काेई समस्या नहीं है। सरकार के पास जमीन है, लेकिन वह अभी तक उद्याेग विभाग के नाम नहीं हाे पाई है। पार्क के लिए 700 से 1400 एकड़ जमीन चाहिए। राज्य सरकार के पास 3000 एकड़ जमीन नालागढ़ और ऊना में है। ये दाेनाें क्षेत्र एनए, एयर और रेल कनेक्टिविटी से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार की जिन राज्याें के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है उनमें गुजरात, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्य है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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