September 2020

सीमावर्ती इलाके में इन दिनों मानव तस्कर काफी सक्रिय है। इसका खुलासा बुधवार को विराटनगर पुलिस के द्वारा पकड़े गय तीन मानव तस्कर की गिरफ्तारी से हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुनसरी जिले के कोशी गांव पालिका के रास्ते भारत भेजे जाने के क्रम में एक युवती को सीमा से नेपाल सस्त्र पुलिस ने बरामद की है।

मानव तस्कर के चंगुल से मुक्त की गयी युवती की पहचान नेपाल के सप्तरी जिले के दौलतपुर निवासी बिपना चौधरी के रूप में हुई है। वही मानव तस्करी में शामिल एक महिला सहित दो पुरुष को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी में सप्तरी के कृष्णसवरण गांव पालिका के 29 वर्षीय साहिल मन्सुरी, शंभुनाथ नगरपालिका के 22 वर्षीय सुचिनकला चौधरी व लहान के 32 वर्षीय जिवछ साह शामिल है।

मानव तस्करी में शामिल तीनों व्यक्ति को एसएसबी भीमनगर के सहयोग से गिरफ्तार करने की बात नेपाल सशस्त्र पुलिस सुनसरी के उपनिरीक्षक माधव प्रसाद पौडेल ने जानकारी दिया है। एसपी पौडेल ने कहा कि प्रथम अनुसंधान में लड़की को बलि देने के नियत से ही ले जाने की घटना प्रतीत हो रही है। इस तस्करी में मोटी रकम का लेनदेन की जानकारी मिली है।



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पुलिस हिरासत में तीनों तस्कर।


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यूएई में चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग के खेलों में ऑनलाइन सट्टा लगा रहे तीन लोगों को जोगबनी सीमा से सटे िवराटनगर के वार्ड संख्या-15 से गिरफ्तार किया गया है। वार्ड-15 में मुन्ना साह के घर मे गुप्त सूचना के आधार पर की गयी छापेमारी के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मोरंग एसपी संतोष खडका से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तार व्यक्ति से बरामद सट्टा खेलने में प्रयोग किये जा रहे लेपटॉप व मोबाइल को जांच उपरांत मटियरवा के 42 वर्षीय जगदीश साह व 38 वर्षीय बैजनाथ साह को गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ्तार व्यक्ति मुन्ना उर्फ सत्यजीत साह के पास से 60 हजार नगद, एक लेपटॉप, एक मोबाइल, जगदीश साह के पास से मोबाइल व एक बाइक, बैजनाथ साह के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति पर मामला दर्ज कर लिया गया है।



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पुलिस हिरासत में तीनों सट्टेबाज।


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| सदर थाना क्षेत्र के गैयारी में पंचायत के फैसले के बाद एक पक्ष अपना घर बना रहा था। लेकिन दूसरे पक्ष ने विरोध जताया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गया।

जिसमें मो. इनतसार, मशरूर, मौकाशिब, बीबी रशिदा खातुन जख्मी हो गयी। जिसे उपचार के लिये बुधवार को सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया गया हैं।



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रानीगंज थाना क्षेत्र के मझुवा पश्चिम पंचायत के वार्ड संख्या-9 हीरानगर गांव में मंगलवार की दोपहर को कारी कोशी नदी में नहाने के दौरान गहरे पानी में डूबने से दो युवक की मौत हो गई। जिसमें एक युवक के शव मंगलवार को काफी खोजबीन के बाद मिला। जबकि दूसरे युवक का शव बुधवार को पानी से बाहर निकाला गया।

मृतकों में 19 वर्षीय चानो कुमार पिता अरुण साह एवं दूसरा 18 वर्षीय ज्योतिष कुमार पिता किसुन दयाल साह है। घटना को लेकर मृतक के चाचा बद्री साह के बयान पर रानीगंज थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। थाने में दिए आवेदन में मझूआ पश्चिम पंचायत हीरानगर वार्ड-9 निवासी बद्री साह पिता स्व. मदन साह ने बताया कि मंगलवार को दिन के करीब साढ़े बारह बजे मेरा भतीजा ज्योतिष कुमार एवं मेरे भाई के साढू का लड़का चानो कुमार पिता-अरुण साह दोनों हीरानगर निवासी दोनों भाई घर के बगल के ही कारी कोशी नदी में स्नान करने गया था।

स्नान करने के दौरान दोनों तेज पानी के बहाव में गहरे पानी में चला गया। जिससे गहरे पानी मे डूब गया। वहीं मौके पर पहुंची रानीगंज पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज अररिया दिया। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया।

पटेगना . अररिया प्रखंड के बोची पंचायत अंतर्गत वार्ड-10 मुखिया टोला में मंगलवार की शाम को मरना धार पार करने के क्रम में पैर फिसल जाने से एक 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। जानकारी अनुसार बोची पंचायत निवासी मो.जुबेर आलम का पुत्र यासिर आलम का मरना धार पार करने के क्रम में पैर फिसल गया। जिससे वह गहरे पानी में चला गया। ज्यादा पानी होने के कारण वह डूब गया।

आसपास के ग्रामीणों द्वारा हल्ला करने पर 3 घंटा मशक्कत के बाद संध्या 6 बजे पानी से निकाला गया, तब तक वह दम तोड़ चुका था। मृतक बच्चे का शव गांव पहुंचते ही मातमी सन्नाटा पसर गया। मंगलवार देर शाम को ही उसे स्थानीय कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वहीं परिजनों ने सबको पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया।

इधर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों में मौलाना जसीमुद्दीन, जुबेर आलम, नूर हसन, मुस्तकीम, तारीख, मौलाना हबीब, शाहिद, मोहसीन, शिक्षक अकमल हुसैन आदि ने जिला प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।



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आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन मामले में सीओ के बयान पर मंगलवार को दो लोगों के विरुद्ध रानीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। रानीगंज अंचल अधिकारी रमण कुमार सिंह ने बताया कि 28 सितंबर को संध्या क्षेत्र भ्रमण के दौरान पाया गया कि सत्संग भवन के समीप छतियोना वार्ड-12 में जनार्दन मंडल पिता स्व. सोमी मंडल एवं छतियोना वार्ड-10 निवासी वैद्यनाथ दास पिता स्व. झारखंड मंडल दोनों के भवन में एक राष्टीय दल बीजेपी का चुनाव चिन्ह कलम छाप एवं उस दल के एक नेता का फोटो लगा हुआ पाया गया। जो आचार संहिता के उल्लंघन में आता है। वहीं रानीगंज थानाध्यक्ष श्यामनंदन यादव ने बताया दो पर मामला दर्ज किया गया है।



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राजनीति में परिवारवाद गरम बहस है। क्षेत्रीय दल इसकी सीधी जद में हैं। राजद-कांग्रेस पर सत्तापक्ष के हमले का प्रमुख एजेंडा ही परिवारवाद है। लेकिन यह तस्वीर का एक पहलू है। दूसरा पहलू यह है कि राज्य के सात पूर्व मुख्यमंत्रियों के एक भी परिजन राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। तीन के परिजनों ने कुछ दिनों तक राजनीति की पिच पर जमे रहने की कोशिश भी की। लेकिन पारी लंबी खिंचती नहीं देख संन्यास लेना ही बेहतर समझा।

सूबे के पहले मुख्यमंत्री और बिहार केसरी के नाम से प्रसिद्ध डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने अपने जीवन में कभी परिवार के लोगों को राजनीति में आगे लाने का प्रयास ही नहीं किया। एक और पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भोला पासवान शास्त्री ने बेटे या परिवार के दूसरे सदस्यों के लिए कभी टिकट का बंदोबस्त किया हो इसका उदाहरण भी नहीं मिलता। लेकिन आज स्थितियां उलट हैं।

वर्तमान में तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों के परिजन ही सियासत में सक्रिय

तीन पूर्व सीएम के परिजन वर्तमान में राजनीतिक रूप से सक्रिय है। दारोगा प्रसाद राय के पुत्र चंद्रिका राय, डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पुत्र नीतीश मिश्रा और लालू-राबड़ी परिवार तो है ही। पूर्व मुख्यमंत्री सत्येन्द्र नारायण सिंह के पुत्र निखिल कुमार और भागवत झा आजाद के पुत्र कीर्ति झा आजाद लोकसभा चुनाव लड़ते रहे हैं। हालात बता रहे कि विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीति में परिवारवाद, वंशवाद, क्षेत्रवाद और जातिवाद सरीखे जुमले और परवान चढ़ेंगे।

इस बार ज्यादा नजर आएंगे सियासी पृष्ठभूमि के नेता

हाशिए पर खिसके, पॉलिटिकल रिटायरमेंट की कगार पर खड़े मंत्रियों, विधायकों में शायद ही कोई चर्चित नेता हो जिसके परिजन इस बार दंगल में भाग्य आजमाते न दिखें। वजह साफ है क्योंकि नजीर सामने है और हर दल में है। 2020 के चुनाव में राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं की संख्या सर्वाधिक होगी।

ये हैं सात पूर्व सीएम जिनका परिवार अब राजनीति में सक्रिय नहीं

दीप नारायण सिंह, केबी सहाय, महामाया प्रसाद सिन्हा, भोला पासवान शास्त्री, केदार पांडेय, चंद्रशेखर सिंह, हरिहर प्रसाद सिंह

2015 में इन नेताओं के परिजन थे चुनावी मैदान में

  • अर्जित शाश्वत चौबे- अश्विनी चौबे के पुत्र
  • प्रिंस राज*- रामचंद्र पासवान के पुत्र
  • युसुफ खान- चौधरी महबूब अली कैसर के पुत्र
  • विवेक ठाकुर*- डॉ. सीपी ठाकुर के पुत्र
  • संजीव चौरसिया- गंगा प्रसाद के पुत्र
  • अजय प्रताप सिंह- नरेन्द्र सिंह के पुत्र
  • कन्हैया सिंह- वीणा देवी के देवर
  • गीता पाण्डेय- सुनील पाण्डेय की पत्नी
  • संतोष सुमन-जीतन राम मांझी के पुत्र
  • संत सिंह कुशवाहा- उपेन्द्र कुशवाहा के रिश्तेदार
  • रणधीर सिंह- पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के पुत्र
  • राहुल तिवारी-शिवानंद तिवारी के पुत्र
  • फराज फातमी- अली अशरफ फातमी के पुत्र
  • वर्षा रानी- बुलो मंडल की पत्नी
  • तेजस्वी-तेजप्रताप- लालू-राबड़ी के पुत्र
  • नितिन नवीन- नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र

* इनमें लोजपा के प्रिंस राज लोकसभा के सदस्य और भाजपा के विवेक ठाकुर राज्यसभा के सदस्य हैं।



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लालू प्रसाद और राबड़ी देवी के पुत्र तेजस्वी-तेजप्रताप भी चुनाव के केंद्र में रहेंगे।


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बैंक से रुपए की निकासी कर घर लौटने के दौरान बाइक सवार दो अपराधियों ने सरेआम एक सेवानिवृत शिक्षक से तकरीबन 38 हजार रुपये की लूट की घटना को सफलता पूर्वक अंजाम देने में सफल रहे। इस बावत पीड़ित शिक्षक मो.मोजीबुर्रहमान ने थाना में आवेदन दिया है। जिससे उन्होंने कहा है कि बुधवार को पंजाब नेशनल बैंक की स्थानीय शाखा से 37 हजार 5 सौ रुपये की निकासी कर सिटी रिक्शा से घर लौट रहे थे।

जहां पटेल चौक के समीप जैन धर्मशाला रोड में सिटी रिक्शा से उतरकर एक पुस्तक की दुकान में कलम खरीदने के उद्देश्य से रुक गए। दुकान में भीड़ रहने के कारण कुछ देर रुके। जिसके बाद पैदल ही घर लौटने लगा। इसी बीच अचानक काले रंग की पल्सर बाइक से दो अपराधी आये और हाथ में रखे रुपये से भरा बैग की छिनतई कर भागने में सफल रहे। हालांकि घटना को लेकर हो- हल्ला भी मचाया गया। मगर कोशिश बेकार साबित हुआ। मामले की पुष्टि करते हुए थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेन्दु ने घटना की जांच कर कारवाई की बात कही।



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तीन दिनों के अंदर अररिया में सरकारी व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाली घटना दूसरी बार घटी। बीते सोमवार को ही जीरोमाइल से निकल क्षतिग्रस्त पुल पर पुलिस वालों ने एक प्रसव पीड़िता की गाड़ी को जाने नहीं दिया था। जिसके कारण पीड़िता दर्द को सहन नहीं कर पाई और उसे सड़क पर ही प्रसव हो गया था।

लोगों के जेहन से ये बात मिटी भी नहीं कि बुधवार को एक बार फिर ऐसी घटना घटी। सिकटी प्रखंड के डेढ़वा की रहने वाली एक महिला को उसके परिजनों ने टेम्पो से प्रसव के लिए सदर अस्पताल अररिया ला रहे थे। पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण परिजन पीड़िता को पैदल ही पुल पार करा रहे थे। पैदल पार करने के कारण पीड़िता दर्द को सहन नहीं कर पाई और उसे बीच सड़क पर ही प्रसव हो गया। हालांकि परिजनों के साथ अस्पताल की कुछ महिलाओं ने उसे सहयोग करते हुए घेराबंदी बनाया। लेकिन सरकारी व्यवस्था को हर कोई कोसते नजर आए।


एनएच 327 ई पर मिर्जाभाग के निकट पुल धंसने के कारण आवागमन था बंद

जानकारी अनुसार सिकटी डेढवा गांव के राजेश यादव की पत्नी पिंकी देवी को प्रसव पीड़ा के कारण सिकटी प्राथमिक स्वास्थ केन्द्र सिकटी में भर्ती कराया। लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने महिला को रेफर कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन से एम्बुलेंस की मांग की। लेकिन उन्हें एम्बुलेंस नहीं मिला।

जिसके कारण परिजनों ने प्रसव पीड़िता को ऑटो से अररिया ला रहे थे। एनएच 327ई पर जीरोमाइल के क्षतिग्रस्त पुल पर पैदल पार कराने के कारण उसे प्रसव हो गया। परिजनों में महेश यादव ने बताया कि उनलोगों ने एम्बुलेंस के लिये कई बार अस्पताल प्रशासन से विनती की। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने एम्बुलेंस नहीं उपलब्ध कराया।

सिविल सर्जन डाॅ.रूपनारायण कुमार ने बताया कि जच्चा-बच्चा के लिये एम्बुलेंस सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपलब्ध हैं। नाजुक स्थिित में रहने वाली प्रसव पीड़िता को ही रेफर किया जाना है। ऐसे पीड़िता को एम्बुलेंस सेवा भी दिया जाना है। सिकटी पीएचसी में उसे एम्बुलेंस क्यो नहीं मिला, इसकी जांच कराई जाएगी।

सदर अस्पताल से पहुंची एम्बुलेंस

सूचना मिलते ही अस्पताल सदर अस्पताल से एम्बुलेंस भेजा गया। एम्बुलेंस कर्मियों ने जच्चा-बच्चा को अस्पताल लाया गया। जहां जच्चा-बच्चा सुरक्षित बताया जा रहा है।



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हाईवे किनारे जन्मीं बच्ची : हाईवे किनारे बच्ची को जन्म देने के बाद प्रसूता कों एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाते परिजन। दो दिन पूर्व भी हाईवे किनारे एक महिला ने बच्ची को दिया था जन्म (इनसेट में)।


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विधान परिषद के शिक्षक व स्नातक निर्वाचन की नामांकन प्रक्रिया पर भदवा भारी पड़ रहा है। तीसरे दिन बुधवार को भी किसी अभ्यर्थी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के नामांकन कोषांग में प्रतिनियुक्त सभी अधिकारी-कर्मचारी दाेपहर 3 बजे तक नामांकन करने वाले अभ्यर्थियों का इंतजार करते रहे।

उधर, नामांकन पत्रों की खरीद के लिए अभ्यर्थी व उनके समर्थकों का कमिश्नरी के नाजिर कार्यालय में आना-जाना जरूर रहा। तीसरे दिन स्नातक निर्वाचन के लिए 4 तथा शिक्षक निर्वाचन के लिए निवर्तमान विधान पार्षद संजय सिंह ने नामांकन पर्चे की खरीद की। तीन दिनों में अब तक तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 10 तथा स्नातक निर्वाचन के लिए 8 अभ्यर्थियों ने नामांकन पर्चा खरीदा है। अब तक कुल 18 पर्चे खरीदे गए, लेकिन किसी अभ्यर्थी ने दाखिल नहीं किया है।
निर्वाचन अधिकारी सह प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि तिरहुत शिक्षक व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अगले 5 अक्टूबर तक नामांकन की प्रक्रिया जारी रहेगी। विधान परिषद की दोनों सीटों के लिए 22 अक्टूबर की सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होंगे तथा मतगणना 12 नवंबर को होगी।
इन्होंने खरीदा नामांकन पर्चा
शिक्षक निर्वाचन के लिए - संजय कुमार सिंह और स्नातक निर्वाचन के लिए प्रेम कुमार पासवान, कौशल किशोर, जालंधर भक्त व मनीष मोहन।



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Five candidates took the nomination for Tirhut teacher-graduate election even on the third day


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झपहां रेलवे ओवर ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के ऊपरी भाग में 2 स्लैब के गैप के बीच कंक्रीट ढलाई टूट गया है। इस कारण दबाव पड़ने पर पीच धंस कर नीचे गिर गया और पुल पर बड़ा होल हो गया। क्षतिग्रस्त पुल के कारण दुर्घटना की आशंका को देखते हुए बुधवार शाम करीब तीन बजे पथ निर्माण विभाग ने मरम्मत कार्य शुरू किया। इसके लिए पुल पर एक लेन पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया।

जिसके कारण सीतामढ़ी मार्ग में भयंकर ट्रैफिक जाम हो गया। बड़ी संख्या में वाहनों की कतार करीब 10 किलोमीटर में खड़ी हो गई। पुल पर लगे इस जाम से को पार करने में सीतामढ़ी की ओर से आ रहे मोहम्मद नौशाद आलम को 5 घंटे लगे। उन्होंने बताया की मरम्मत के लिए निर्माण एजेंसी की गाड़ी से एक लेन पूरी तरह बंद हो चुकी थी।

जबकि दूसरी लेन पर आमने-सामने बड़े वाहन आकर फंस गए। जाम में कई एंबुलेंस व मरीज की गाड़ियां फंसी थी। झपहां ओपी की पुलिस पहले तो वाहनों को सीधी कराने की कोशिश की लेकिन बाद में वह भी लोगों को अपने हाल पर छोड़ कर पीछे हट गई। रात 11 बजे तक सीतामढ़ी रोड में गाड़ियां रेंगती रही।



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निजी अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों से ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए सरकार द्वारा निर्धारित से 5 गुनी व कहीं-कहीं उससे भी अधिक राशि वसूली जा रही है। इसकी शिकायत एक मरीज ने स्टेट ड्रग कंट्रोलर से की ताे जांच शुरू हुई। मुजफ्फरपुर के सहायक ड्रग कंट्रोलर ने जब जांच कराई ताे 3 बड़े अस्पतालों समेत 7 संस्थान चिह्नित किए गए जहां सरकार द्वारा निर्धारित राशि से 5 गुनी राशि वसूली का मामला सामने आया। इन संस्थानाें से शाे काॅज करते हुए सहायक ड्रग कंट्रोलर ने बुधवार को इसकी रिपाेर्ट स्टेट ड्रग कंट्रोलर को भेज दी। इन सब पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
बता दें कि जूरन छपरा स्थित एक बड़े अस्पताल में भर्ती मरीज ने स्टेट ड्रग कंट्रोल से शिकायत की थी कि उनसे ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए सरकार द्वारा निर्धारित राशि से काफी अधिक ली जा रही है। स्टेट ड्रग कंट्रोलर रविंद्र सिंह ने मुजफ्फरपुर के सहायक ड्रग कंट्रोलर शिवानी को जांच कराने का निर्देश दिया। उन्हाेंने जिले के सभी ड्रग इंस्पेक्टराें से जांच कराई ताे आराेप सही निकला।

जांच में अधिक राशि लेने की पुष्टि हुई है
ड्रग इंस्पेक्टर ने उन्हें जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें सरकार के निर्धारित मूल्य 17 रुपए 49 पैसे प्रति क्यूबिक मीटर के बदले अधिक रकम वसूले जाने की पुष्टि हुई है। सभी चिह्नित संचालकों से शो कॉज मांगा गया है। कुछ अस्पताल संचालकों का कहना है कि वे महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदते हैं। अधिक पैसे लेना मजबूरी है। लिखित जवाब मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -शिवानी, सहायक ड्रग कंट्रोलर

पहले स्क्रीनिंग कराने के विवाद में सदर अस्पताल में भिड़े दो मरीजों के परिजन, आधा घंटा जांच बाधित

सदर अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने आए दो मरीज के परिजन स्क्रीनिंग पहले कराने की बात पर आपस में भिड़ गए। दाेनों मरीज के परिजनों के बीच पहले गाली-गलौज हुई। फिर हाथापाई करने लगे। सुरक्षा गार्ड ने दोनों को शांत कराया। इस दौरान आधे घंटे के लिए थर्मल स्क्रीनिंग को रोक दिया गया। दोनों मरीजों के परिजनों को शांत कर उनके मरीजों को लाइन से आने पर ही स्क्रीनिंग की गई।

सूचना मिलने पर पहुंचे अस्पताल प्रबंधक प्रवीण कुमार ने मरीजों को शांतिपूर्वक स्क्रीनिंग करा इलाज कराने की बात कही। जानकारी के अनुसार, ओपीडी के दौरान सदर अस्पताल के मेन गेट पर मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही थी।

इस बीच एक मरीज के परिजन ने इमरजेंसी बता कर पहले स्क्रीनिंग करने को कहा। इस बात पहले लाइन में लगे अन्य मरीज के परिजनों ने विरोध किया। जिसके बाद दोनों के बीच बकझक और गाली-गलौज होने लगी।



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Arbitrary of private hospitals and retail, 5 times the amount recovered from patients for oxygen cylinders


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चुनावी राजनीति में निर्दलीयों की भूमिका रही है। झारखंड में एक निर्दलीय विधायक मधु कोड़ा मुख्यमंत्री बन गए थे। लेकिन बिहार की राजनीति में जैसे-जैसे गठबंधन की राजनीति गहराती गई, निर्दलियों के लिए जगह कम होती चली गई। विधानसभा चुनाव का ट्रेंड देखें तो लगता है बदली हुई राजनीतिक और सामजिक परिस्थितियों में इस बार भी निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में कम ही होंगे।

1957 में जब बिहार में कांग्रेस की सरकार बनी थी और कांग्रेस ही एक मात्र बड़ी पार्टी थी तब भी 45 निर्दलीय चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंचे थे। इमरजेंसी के बाद चुनावी राजनीति में निर्दलीय प्रत्याशियों की भागीदारी में जबरदस्त उछाल दर्ज की गई। 1951 से 2015 तक औसतन 1617 प्रत्याशी मैदान में थे जिसमें औसतन 17 निर्दलीय विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे।

अक्टूबर 2005 में सबसे कम वोट, 2015 में सबसे कम जीत

पिछले तीन विधानसभा चुनाव 2005 अक्टूबर, 2010 और 2015 के चुनाव को देखें तो क्रमश: 746, 1342 और 1150 प्रत्याशी मैदान में थे इनका औसत लगभग 1079 आता है। इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीतने वाले विधायकों का औसत 7 से भी कम रहा। इतना ही नहीं इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशियों को मिले वोट भी प्रतिशत भी औसत से कम रहा। 2015 के चुनाव में कुल 4 निर्दलीय प्रत्याशी ही विधानसभा पहुंच पाए।

इमरजेंसी बाद पहली बार 2206 निर्दलीय प्रत्याशी आए

1951 से 1971 तक के चुनाव में औसतन 552 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव में दावा पेश करते थे। 1977 के चुनाव में अचानक से 2206 प्रत्याशी मैदान में आ गए। सबसे ज्यादा 23.73 प्रतिशत वोट भी इनको मिले। हालांकि जीत का प्रतिशत (1.09 ) कम ही रहा। यह ठीक इमरजेंसी के बाद का चुनाव था। इसके बाद बिहार में राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ। साल 1985 से 1995 तक लगातार निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई।



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Independence rule weakened by coalition's 'politics', decrease in number of candidates and vote sharing


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आखिरकार 80 साल से अधिक के बुजुर्ग-कोरोना मरीजों और दिव्यांगों के पोस्टल बैलेट से वोटिंग के लिए आवेदन का नियम को गलत बताया है और इसे हटाने की मांग की है। यह मांग बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त की विभिन्न दलों की बैठक के दौरान उठी। इस मुद्दे को उठाने वाली जदयू का कहना था कि चुनाव आयोग इस नियम को संशोधित करे ताकि 13 लाख बुजुर्ग, 6 लाख दिव्यांग व कोरोना संक्रमितों को राहत मिले और वो आसानी से वोट दे सकें।

गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने 29 सितंबर के अंक में ‘वोट के इस फैसले के खिलाफ हमारा वोट’ से उस पूरी प्रक्रिया पर जदयू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष डाॅ. अशोक चौधरी, राष्ट्रीय महासचिव संगठन आरसीपी सिंह, संसदीय दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह व जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने आयोग के सामने 80 वर्ष से अधिक उम्र के वोटरों को पोस्टल बैलट के लिए आवेदन देने का मुद्दा उठाया।

जदयू ने कहा कि बुजुर्गों को आवेदन देने के लिए घर से बाहर न जाना पड़े और उनके घर से ही आवेदन लेने की व्यवस्था हो यह आयोग सुनिश्चित करे। जदयू ने यह भी कहा कि बहुत से वोटरों के पास मतदान पर्ची समय पर नहीं पहुंच पाता। आयोग यह सुनिश्चित करे कि बीएलओ समय पर सभी वोटरों को पर्ची पहुंचाएं। तीसरा मुद्दा चुनाव प्रचार को लेकर उठाया गया। साथ ही कहा स्टार प्रचारक अगर कहीं जाते हैं और तय क्षमता से अधिक भीड़ जुट जाने पर प्रत्याशी पर ही मुकदमा न हो।

जदयू ने पूछा-जनसंपर्क-सभा में तय लोगों से ज्यादा आ गए तो क्या करेंगे?

जदयू ने चुनाव आयोग से कई बुनियादी मसलों पर स्पष्ट व्यवस्था की अपेक्षा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल ने उनसे कहा कि अगर जनसंपर्क अभियान के दौरान तय संख्या (5) से कुछ ज्यादा लोग आ गए, जिन्हें हम जानते भी नहीं हैं, तो हम क्या करेंगे या कर लेंगे? यही बात सभा के लिए निर्धारित संख्या को लेकर भी कही गई। प्रतिनिधिमंडल में डाॅ. अशोक चौधरी, आरसीपी सिंह, राजीव रंजन सिंह, संजय कुमार झा थे।

राजद: वोटिंग 12 की घंटे हो

सांसद मनोज झा ने मतदान के समय को 12 घंटे करने की मांग की। उन्होंने कहा कि अभी मतदान का समय सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक किया गया है जिसे बढ़ाकर शाम 7 बजे तक किया जाए। कोरोना के कारण वोटरों में भय है इसलिए वोटरों का बीमा कराया जाए। मतदान केंद्रों पर वोटरों की संख्या 700 की जाए। यह भी कहा- डोर टू डोर चुनाव प्रचार में पांच की बजाय 40 लोग जुट जाएं तो मुकदमा किस पर होगा।

बीजेपी: नावों की सघन जांच हो

पूर्व सांसद जनक, एस.डी. संजय, राधिका रमन और कुमार सचिन ने कहा बिहार में शांतिपूर्ण मतदान की व्यवस्था हो। नदी मार्ग से काफी मात्रा में पैसा एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्री मतदाताओं को गलत तरीके से प्रभावित करने के लिए पहुंचाया जाता है। चुनाव के दौरान नदी वाले इलाकों में नावों की सघन जांच हो और मतदान के दो दिन पहले परिचालन पर प्रतिबंध लगे।
कांग्रेस: मेडिकल टीम तैनात हो

चुनाव आयोग के समक्ष एआईसीसी सदस्य ब्रजेश प्रसाद मुनन, हरखू झा और रीता सिंह ने कहा कि चुनाव के दौरान हर दस बूथ पर मेडिकल टीम हो। सभाओं के लिए जो पार्टी पहले आवेदन दे उसे मैदान या हॉल
के आवंटन में प्राथमिकता मिले। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी राजनीतिक दलों को वोटर लिस्ट की चार-चार प्रिंटेड कॉपी उपलब्ध कराई जाए।

कई सवाल और भी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में वोटर कैसे आएंगे?

लोजपा: राजेन्द्र विश्वकर्मा, सौलत राही और चंदन कुमार ने कहा प्रत्येक बूथ पर पांच सौ वोटर हों। बाढ़ प्रभावित इलाकों में वोटरों के लिए परिवहन की व्यवस्था की जाए।
रालोसपा : पार्टी के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष सिंह चंद्रवंशी ने कहा कि अतिसंवेदनशील बूथों पर सभी मतदाता वोट डाल सकें यह सुनिश्चित हो। कमजोर वर्ग के वोटरों को बूथ तक ले जाने की व्यवस्था करें। हर बूथ पर वोटरों की संख्या 250 तक ही सीमित की जाए।
सीपीआईएम: सीपीआईएम के सर्वोदय शर्मा और गणेश शंकर सिंह ने कहा गरीबों के पास स्मार्ट फ़ोन और लैपटॉप नहीं है कि वे वर्चुअल रैली में शामिल हो सकें। आयोग ऐसी व्यवस्था करे कि गरीब वोटर वर्चुअल रैली में शामिल हो सके। आयोग ब्यूरोक्रेसी पर भी नजर रखे। पार्टी ने आयोग के सामने पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का भी मुद्दा उठाया।
भाकपा: एक बूथ पर 500 से अधिक मतदाता नहीं रखने की अपील की। बाढ़ प्रभावित जिलों में में मतदाता कैसे आएंगे? आयोग उपाय करे। विजय नारायण मिश्र और कपिलदेव यादव ने सुझाव दिया।



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मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक में जाते जदयू के पदाधिकारी।


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बिहार आबादी के लिहाज से देश का तीसरा बड़ा राज्य है। मुस्लिम आबादी भी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बाद यहां सबसे ज्यादा है। प्रदेश की 243 सीटों में से 38 ऐसी हैं, जहां मुस्लिम वोटर 20% से ज्यादा हैं। ये वोट महा गठबंधन का परंपरागत वोट बैंक कहे जाते हैं। लेकिन, जदयू, लोजपा जैसे एनडीए के दलों को भी मुस्लिम वोट मिलता है। इस चुनाव में मुस्लिम वोटर किस तरफ जाएगा ये तो 10 नवंबर को पता चलेगा। लेकिन, पिछले चुनावों में मुस्लिम वोटर किसके साथ रहा है और कितने मुस्लिम विधायक बन रहे हैं, आइए जानते हैं...

पिछली बार 23 मुस्लिम विधायक चुने गए थे

2015 के चुनाव में 23 मुस्लिम विधायक चुनकर आए थे। 2000 के चुनावों के बाद ये पहली बार था, जब इतनी बड़ी संख्या में मुस्लिम विधायक जीते थे। 2000 के चुनाव में 29 मुस्लिम विधायक चुने गए थे।

2015 में सबसे ज्यादा 11 मुस्लिम विधायक राजद से थे। कांग्रेस के 27 विधायकों में से 6, जदयू के 71 में 5 मुस्लिम विधायक बने। भाजपा के 53 में से एक भी विधायक मुस्लिम नहीं है।

1985 में सबसे ज्यादा मुस्लिम विधायक जीतकर आए थे

1951 में बिहार में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए। उस वक्त यहां 276 सीटें होती थीं। उस वक्त कुछ सीटों पर एक से ज्यादा विधायक भी चुने जाते थे। 1951 में कुल 330 विधायक चुने गए थे, जिनमें से 24 मुस्लिम थे।

उसके बाद 1957 में चुनाव हुए, जिसमें 319 विधायकों में से 25 मुस्लिम थे। 1962 में 21 मुस्लिम विधायक जीते। सबसे ज्यादा 34 मुस्लिम विधायक 1985 के चुनाव में चुनकर आए थे। जबकि, सबसे कम 16 मुस्लिम विधायक अक्टूबर 2005 के चुनाव में आए।

6 साल में तीन चुनाव, किस तरफ गए मुस्लिम वोट?

पिछले 6 साल में बिहार में तीन चुनाव हो चुके हैं। जिनमें 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव और 2015 का विधानसभा चुनाव है। तीनों ही बार ज्यादातर मुस्लिम वोट राजद के साथ गए।

2014 का लोकसभा चुनावः सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे में आया था कि इस चुनाव में 60% से ज्यादा मुस्लिम वोट (ओबीसी मुस्लिम भी शामिल) राजद-कांग्रेस गठबंधन को मिले थे। नीतीश की जदयू को 21% मुसलमानों ने वोट किया। जबकि, भाजपा को मुसलमानों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया।

2015 का विधानसभा चुनावः इस चुनाव में राजद-कांग्रेस और जदयू के महा गठबंधन को मुसलमानों के 77.6% वोट मिले थे। जबकि, भाजपा और उसके सहयोगियों को महज 7.8% वोट मिले।

2019 का लोकसभा चुनावः पिछले साल हुए लोकसभा चुनाव में एनडीए (भाजपा+जदयू+लोजपा) बिहार की 40 में से 39 सीटें जीतने में कामयाब रहा था। सीएसडीएस-लोकनीति के सर्वे के मुताबिक, इस चुनाव में महा गठबंधन (राजद+कांग्रेस+हम+वीआईपी+रालोसपा) को 77% से ज्यादा मुस्लिम वोट मिले थे, जबकि एनडीए को सिर्फ 6% मुसलमानों ने वोट किया।



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JDU BJP Vs RJD AIMIM Congress Muslims Candidate Data In Bihar Vidhan Sabha (Assembly) Election; All You Need To Know


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पटना के राजेंद्रनगर स्थित जिस घर काे चाेराें ने खंगाल दिया, उसमें 1960 के दशक में महान साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु रहते थे। उन्हाेंने यहां रहकर कई किताबें लिखी थीं। अब यह मकान जर्जर हो गया है। देखभाल के लिए उनके छाेटे पुत्र दक्षिणेश्वर प्रसाद राय के साले गौरव कुमार इस मकान में रहते हैं। 10 दिन से वे गांव गए थे, इसलिए घर बंद था।
दरियापुर गाेला में रहने वाली रेणु की पुत्री ने बताया कि भाई लोग पटना आते हैं, ताे इसी मकान में रहते हैं। बाबूजी की सारी धराेहर चली गई। दिल्ली में रह रहे दक्षिणेश्वर ने कहा कि चोर उनकी कालजयी रचनाएं चुरा ले गए। पहला संस्करण था जिनपर उनके हस्ताक्षर थे। सब चाेर लेकर चले गए।

आज उनकी दूसरी माैत हाे गई। उन्हाेंने कहा कि 1972 में उन्हाेंने फारबिसगंज से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उनका चुनाव चिह्न नाव था। उन्हाेंने कहा था कि चुनाव जीत गए तो छाेटा उपन्यास लिखूंगा और हारे ताे माेटा। चुनाव हार गए ताे कागज की नाव लिखा था।

सीसीटीवी फुटेज में चोरी का सामान बांटते दिखे दाे चाेर
सूत्राें के अनुसार, राजेंद्रनगर रोड नंबर 12 में लगे एक सीसीटीवी फुटेज में दो लोग कुछ सामान का बंटवारा करते दिख रहे हैं। इसमें एक चापाकल भी दिख रहा है। इससे लग रहा है कि इन्हीं दो लोगों ने किताबों की चोरी की है। इस घटना के पीछे स्थानीय चाेराें का हाथ है। गहने या नकद की चाेरी नहीं हुई है।

जनवरी में पैतृक गांव में हुई थी चाेरी
फणीश्वर नाथ रेणु मूल रूप से फारबिसगंज के हिंगना औराही के रहने वाले थे। बिहार सरकार ने उनके गांव में पाैने दाे कराेड़ की लागत से रेणु स्मृति भवन बनवाया है। इसी साल जनवरी में इसी स्मृत भवन के कमराें का ताला ताेड़कर चाेर करीब 9 लाख का सामान चुरा ले गए थे।



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राजेंद्रनगर स्थित फणीश्वरनाथ रेणु के घर चोरी के बाद जांच-पड़ताल करते पुलिस अधिकारी।


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पटना में जूनियर डीपीएस की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर काराेबारी रामाशंकर प्रसाद से 2.10 कराेड़ रुपए ठगने वाले उनके ही परिचित प्रेम प्रकाश विधार्थी काे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गांधी मैदान थाने की पुलिस प्रेम प्रकाश काे गिरफ्तार करने के लिए पटना से विमान से दिल्ली गई थी।

गिरफ्तार करने के बाद उसे विमान से पटना लाना था, पर हथकड़ी लगाकर विमान से लाने की अनुमति नहीं मिली। इस वजह से पुलिस उसे ब्रह्मपुत्र मेल से दिल्ली से लेकर बुधवार काे पटना पहुंची। रामाशंकर प्रसाद न्यू डाकबंगला राेड के रहने वाले हैं। प्रेम प्रकाश मूल रूप से औरंगाबाद का रहने वाला है।
रामाशंकर और प्रेम प्रकाश में पहले से जान-पहचान थी। करीब ढाई साल पहले दाेनाें में यह बात तय हुई थी कि वे पटना में जूनियर डीपीएस स्कूल खाेलेंगे। इसके लिए प्रेम प्रकाश ने रामाशंकर काे कहा था कि ढाई-ढाई कराेड़ रुपए लगाकर फ्रेंचाइजी ले लेंगे। रामाशंकर ने उन्हें 35-35 लाख के छह चेक दे दिए।

इसे उन्हाेंने कैश करा लिया। जब स्कूल की फ्रेंचाइजी नहीं मिली ताे उन्हाेंने प्रेम प्रकाश से पूछताछ शुरू की। वे उन्हें भराेसा दिलाते रहे कि काम हाे जाएगा, पर बाद में रामाशंकर काे पता चला कि वे ठगी का शिकार हाे गए हैं। उन्हाेंने गांधी मैदान थाने में 8 सितंबर, 2018 काे प्रेमप्रकाश के खिलाफ केस दर्ज करा दिया।

हाईकाेर्ट में भी गया था मामला: मामला हाईकाेर्ट में भी गया था। हाईकाेर्ट ने कहा- रकम फाैरन वापस कर दिया जाए, पर प्रेम प्रकाश ने ऐसा नहीं किया। इधर, चुनाव काे देखते हुए लंबित मामलाें पर पुलिस की कार्रवाई तेज हाे गई है। थानेदार रंजीत वत्स ने केस के आईओ राघवेंद्र झा काे आदेश दिया कि इस केस के आराेपी का पता लगाकर गिरफ्तार करें।

राघवेंद्र काे पता चला कि वह दिल्ली में है। थानेदार रंजीत वत्य व आईओ राघवेंद्र झा ने बताया कि 2.10 कराेड़ की ठगी के मामले में प्रेम प्रकाश काे दिल्ली से गिरफ्तार कर लाया गया है। गुरुवार काे उसे काेर्ट में पेश किया जाएगा।



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2.10 crores fraudster arrested from Delhi in the name of giving franchise of Junior DPS in Patna


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कदमकुआं थाना इलाके के लंगर टाेली में रहने वाले जूता-चप्पल के काराेबारी सराेज कुमार का जमीन कब्जा करने के लिए बाउंसर आए थे। करीब दाे दर्जन की तादाद में बाउंसराें के आने का काेराेबारी व उनके समर्थकाें ने विराेध कर दिया। इस दाैररन बाउंसराें ने मारपीट की और कई बाइक में ताेड़फाेड़ भी की।

सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची कदमकुआं थाने की पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए बाउंसरों को भगा दिया। घटना को लेकर करीब 3 घंटे तक दोनों पक्षों में गहमागहमी बनी रही। इस मामले में कारोबारी की ओर से कदमकुआं थाने में आरोपितों के खिलाफ लिखित शिकायत की गई है।

सरोज कुमार का दावा है कि वीरपुर लंगर टोली के पास उनकी जमीन है। एक माह पहले आराेपिताें ने 5 फीट जमीन कब्जा कर लिया। बाउंसरों ने उनके चहारदीवारी को गिरा दिया था। इस मामले में आरोपितों के खिलाफ कदमकुआं थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है थी पर पुलिस ने कुछ नहीं किया।

इस वजह से बुधवार को एक बार फिर आराेपिताें के इशारे पर करीब 20 से 25 बाउंसर हॉकी-डंडे लेकर आ गए और 5फीट जमीन पर फिर से कब्जा करने की कोशिश की जाने लगी। कदमकुआं थानेदार निशिकांत निशि ने बताया कि दो पक्षों में भूखंड को लेकर विवाद पहले से चल रहा है।



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कारोबारी सरोज कुमार के समर्थन में प्रदर्शन करते स्थानीय लोग।


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शहर के शोभापुर रोड स्थित न्यू बस स्टैंड के बीच में बने चबूतरे पर शेड लगवाने की मांग लोगों के द्वारा की जा रही है। लोगों का कहना है बस स्टैंड आए यात्री परेशान होते हैं। नपा सीएमओ विनोद कुमार प्रजापति ने कहा है इस दिशा में जल्दी ही सकारात्मक प्रयास किया जाएगा। यात्री प्रतीक्षालय नहीं काम का न्यू बस स्टैंड पर यात्री प्रतीक्षालय बना हुआ है, लेकिन वह यात्रियों के काम का नहीं है। इसका कारण उसका एक कोने में बना होना है। शिव शनि साईं हनुमान मंदिर के पास बने इस यात्री प्रतीक्षालय का उपयोग डे केयर सेंटर के साथ मंदिर की धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जाता है।

यात्री गंगाराम ने कहा वैसे भी यात्री प्रतीक्षालय में बैठने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि बस स्टैंड पर आने वाली बसें वहां से नजर ही नहीं आती हैं। यह आशंका रहती है कि हम बस का इंतजार करते रहें और वह आकर चली भी जाए और हमें पता ना चले। बस स्टैंड परिसर में बीच में एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है। यात्री इसी पर बैठते हैं। सभी यात्री बसें इसी चबूतरे के आसपास खड़ी होती हैं और यहां से बस स्टैंड के बाहर तक यात्री बसों को देखा जा सकता है।

बस स्टैंड परिसर में में जो दुकान है बनी है दुकानदारों ने उनके बरामदे में कब्जा कर रखा है इसलिए यात्री वहां भी खड़े नहीं हो पाते हैं। बारिश और गर्मी के मौसम में यात्रियों को बहुत ज्यादा परेशानी उठाना पड़ता है। नागरिकों ने नगरपालिका से मांग की है कि बस स्टैंड परिसर के चबूतरे पर टीन शेड लगवा दिए जाएं जिससे लोगों को बैठने का सहारा हो जाएगा।

शेड बनवाने का प्रयास किया जाएगा

जल्दी ही बस स्टैंड क्षेत्र का निरीक्षण कर नगर पालिका की तकनीकी शाखा से राय ली जाएगी और शेड बनवाने का प्रयास किया जाएगा।
विनोद कुमार प्रजापति, सीएमओ



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Demand to get shed on bus stand platform


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महान साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु के पटना के राजेन्द्र नगर स्थित आवास से उनकी कई बहुमूल्य मूल कृतियां चोरी हो गई हैं। बुधवार को चोरों ने उनके बेटे पद्म पराग रेणु के घर पर से लाखों का माल साफ कर दिया है। राजेन्द्र नगर गोलंबर स्थित सोसाइटी के ब्लाक नंबर 2 के फ्लैट 30बी से चोरी हुई है। सूचना मिलने के बाद सिटी एसपी समेत पुलिस के कई आलाधिकारी घर पर पहुंच गए हैं। पूछताछ और छानबीन जारी है। चोरी की गई किताबों में मैला आंचल,ठुमरी और परती परिकथा का पहला संस्करण शामिल है। इन किताबों पर फणीश्वर नाथ रेणु के हस्ताक्षर भी थे। इसके अलावा बहुचर्चित उपन्यास कागज की नाव की मूल प्रति भी चोर उड़ा ले गए। यह किताब रेणु के हाथ से लिखी हुई थी।

बताया जा रहा है कि उनका घर बंद था, चोरों ने दरवाजा तोड़कर घटना को अंजाम दिया है।घर से कुछ बर्तन और एक चापाकल भी गायब है। इस घर में अभी फणीश्वर नाथ रेणु के छोटे बेटे दक्षिणेश्वर प्रसाद राय के साले रह रहे थे। वे यहां रहकर पढ़ाई कर रहे थे। पिछले दस दिनों से वे घर में ताला लगाकर कहीं चले गए थे। सिटी एसपी के अनुसार इस घटना में किसी स्थानीय चोर का हाथ है। उन्होंने बताया कि चोर कोई बड़ी रकम या जेवरात वगैरह नहीं ले गए हैं लेकिन साहित्य के बहुमूल्य धरोहरों की चोरी हुई है। पुलिस गंभीरता से मामले की छानबीन कर रही है। राजेन्द्र नगर रोड नंबर 12 में लगे एक सीसीटीवी फुटेज में दो लोग कुछ सामान का बंटवारा करते दिख रहे हैं। इसमें एक चापाकल भी दिख रहा है। इससे लग रहा है कि इन्हीं दो लोगों ने किताबों की चोरी की है। फणीश्वर नाथ रेणु के घर से कुछ ही दूरी पर स्थित मैला टंकी के पास उनकी छोटी बेटी नमृता सिन्हा का घर है। सबसे पहले चोरी की सूचना उन्हीं को मिली, उसके बाद पुलिस को खबर की गई।

बता दें कि चोरों की रेणु की साहित्यिक कृतियों पर पहले से नजर थी। इसी साल जनवरी में उनके पैतृक गांव हिंगना औराही में रेणु स्मृति भवन में भी चोरी की घटना हुई थी।
सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बेबाक लिखने वाले साहित्यकार की लोकप्रिय कहानी मारे गए गुलफाम पर हिन्दी फिल्म तीसरी कसम बनी थी। मैला आंचल पर टीवी धारावाहिक भी बन चुका है।

रेणु के घर के इसी कमरे से हुई है किताबों की चोरी।


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बुधवार को रेणु के आवास पर चोरी के बाद छानबीन करते पुलिसकर्मी


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पहले चरण में पटना जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों मोकामा, बाढ़, मसौढ़ी, पालीगंज और बिक्रम विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव होगा। डीएम कुमार रवि ने कहा कि पहले चरण की अधिसूचना 1 अक्टूबर को जारी होगी। इसके साथ ही उम्मीदवारों का नामांकन शुरू हो जाएगा। नामांकन 8 अक्टूबर तक होगा। 12 अक्टूबर तक नाम वापस लिया जा सकेगा। 28 अक्टूबर को मतदान और 10 नवंबर को मतगणना होगी।
निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में प्रत्याशी नामांकन करेंगे। कार्यालय परिसर से 100 मीटर की परिधि में धारा 144 लागू रहेगी। नामांकन के लिए दो वाहन लेकर जाने की अनुमति होगी। 100 मीटर पहले ही वाहन रोकने की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्याशी को पैदल निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में जाना होगा।

अभ्यर्थी के साथ दो व्यक्ति ही रहेंगे। नामांकन की परंपरागत व्यवस्था के अतिरिक्त ऑनलाइन व्यवस्था भी है। नामांकन सहित सभी चुनावी प्रक्रिया के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना है। मास्क पहनना अनिवार्य है। अंदर प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग होगी। सेनेटाइजर का उपयोग करना हाेगा। सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए कार्यालय कक्ष में प्रवेश करना है।

मसौढ़ी व पालीगंज के 918 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 से शाम 4 बजे तक ही वोटिंग

मसौढ़ी और पालीगंज विधानसभा क्षेत्र के 918 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक ही मतदान होगा। इनमें मसौढ़ी के 511 और पालीगंज के 407 मतदान केंद्र हैं। यह इलाका नक्सल क्षेत्र में शामिल था। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर चुनाव आयोग ने यह अनुमति दी है।

बाकी बूथों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। जिले में 599 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और अति संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया गया है। इन मतदान केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहेगी। इसके अलावा दियारा इलाके में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की जा रही है।

मतदान के 90 मिनट पहले होगा मॉक पोल

  • मतदान 7 से शाम 6 बजे तक होगा। मतदान शुरू होने के 90 मिनट पहले मॉक पोल किया जाएगा।
  • पटना जिले में 599 मतदान केंद्र को संवेदनशील और अति संवेदनशील के रूप में किया गया चिह्नित, कड़ी सुरक्षा रहेगी।


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मतदाताओं को रंगोली बनाकर जागरूक किया जा रहा है। डीएम कुमार रवि ने इसके माध्यम से मतदान के लिए पहचान पत्र के विकल्प के बारे में लोगों को बताने का निर्देश दिया है।


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स्पाइसजेट की पटना-बेंगलुरु की फ्लाइट एसजी 963 में मंगलवार की रात काे चूहा घुस गया। यात्री उस वक्त विमान पर सवार हाे चुके थे। चूहे के इधर-उधर घूमने के दाैरान किसी यात्री के पांव पर चढ़ गया। फिर क्या था, देखते ही देखते यात्रियाें में अफरातफरी मच गई। यात्री हंगामा करने लगे।

मामले की गंभीरता काे देखते हुए करीब 180 यात्रियाें काे विमान से उतारा गया। उसके बाद विमान की तलाशी ली गई। चूहे काे किसी तरह भगाया गया। उसके बाद यात्री फिर विमान में सवार हुए और विमान बेंगलुरु के लिए टेकऑफ किया। चूहा की वजह से विमान करीब एक घंटे तक रुका रहा।

विमान में सवार यात्री स्वाति ने इसे साेशल मीडिया में पाेस्ट करते हुए लिखा- हैशटैग रैट इन द फ्लाइट। हालांकि, एयरलाइंस के आधिकारिक सूत्राें ने विमान में चूहा घुसने की बात से इनकार किया। उन्हाेंने कहा- विमान में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी। चूहा नहीं घुसा था।

चूहा कैसे चढ़ गया, पता नहीं
विमान में चूहा कैसे चढ़ गया, इसका खुलासा नहीं हुआ है। एयरपाेर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरे से भी देखा गया, पर पता नहीं चल सका। कयास लगाया जा रहा है कि चूहा बेंगलुरु से ही विमान में आया हाेगा और किसी काेने में छिप गया हाेगा। या फिर पटना में लैंड करने के बाद चूहा लैडर से सवार हाे गया हाेगा। पटना में जब यात्री सवार हाेकर बैठ गए ताे वह इधर-उधर भागने लगा।



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यात्रियों के फ्लाइट से उतरने के बाद मची रही अफरातफरी।


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पटना जिले में 242 कोरोना मरीज मिले हैं। संक्रमितों की संख्या बढ़कर 27555 हो गई है। इनमें 25366 मरीज ठीक हो चुके हैं। अभी 2086 एक्टिव केस हैं। जिले में बुधवार को 7025 सैंपल की जांच की गई। पीएमसीएच में 677 सैंपल में 23 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिनमें अस्पताल के एक स्टाफ और यहां भर्ती सात मरीज हैं।
छपरा की मरीज लालझरी देवी की मौत हो गई। आईजीआईएमएस में 2747 सैंपल की जांच 40 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें अस्पताल में भर्ती पांच मरीज हैं। एम्स में 21 नए काराेना मरीजाें काे भर्ती किया गया। इनमें दरियापुर और बाेरिंग राेड के एक-एक डाॅक्टर भी हैं। इन 21 मरीजाें में पटना के 12 मरीज हैं। वहीं बुधवार के 12 मरीजाें काे डिस्चार्ज किया गया।
दाे मरीजाें बाेरिंग राेड की रामदुलारी देवी और अररिया के उमाशंकर बर्णवाल की मौत हो गई। एनएमसीएच में बुधवार को एक नया मरीज भर्ती हुआ और एक मरीज को छुट्टी दी गई। 447 बेड के अस्पताल में कोरोना के मात्र 17 मरीज भर्ती हैं।

राज्य में मिले 1435 नए पॉजिटिव केस
राज्य में कोरोना सैंपल की जांच की संख्या थोड़ी कम हुई है। राज्य में अबतक कोरोना से 900 से अधिक मौत हुई है। पिछले 24 घंटे में 131383 सैंपल की जांच हुई, जिसमें 1435 नए संक्रमित मिले। राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 182907 हो गई। वहीं, कुल स्वस्थ होने वालों की संख्या भी बढ़कर 169625 हो गई है। जबकि राज्य में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या कम होकर 12376 रह गई है। रिकवरी दर भी बढ़कर 92.74% हो गया है।



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242 corona patients found in Patna district, two doctors also infected, three died, 1435 new positive cases found in the state


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(मो. सिकंदर) अभी जीत-हार की नहीं, उम्मीदवार काैन हाेगा, चर्चा का विषय यही है। हर कोई मान कर चल रहा है कि कांग्रेस विधायक सिद्धार्थ फिर मैदान में होंगे ही, सामने कौन होगा यह तय नहीं है। एनडीए में यह सीट भाजपा के खाते में जाने की संभावना है। एनडीए के उम्मीदवार पर अटकलें जारी हैं।

बिक्रम के शहीद चौक स्थित अरविंद कुमार की चाय दुकान पर चुनावी बातचीत में मशगूल लोगों में गोपाल तिवारी कहते हैं-इलाके में पहले भी कोई काम नहीं हुआ। बीते पांच साल में भी नहीं हुआ। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नदारद है। हर घर तक नल का जल पहुंचाने के लिए सभी सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। अब पानी भी नहीं पहुंच रहा।
बिक्रम, ग्रेटर पटना का हिस्सा नहीं है। इसकी कसक भी लोगों में है। स्थानीय अरविंद कुमार कहते हैं कि इसी विधानसभा क्षेत्र के नौबतपुर को ग्रेटर पटना में रखा गया है, लेकिन हमें अलग कर दिया गया। यह सही नहीं है। बिक्रम नगर पंचायत क्षेत्र होने के कारण सड़क व नाली-गली योजना पर काम हुआ है। लेकिन, सीवर लाइन नहीं है।

किसानों का कहना है कि नहर में पानी नहीं आना बड़ी समस्या है। जब भी आवाज उठती है, तो कहा जाता है कि सोन में पानी ही नहीं है। यूरिया भी समय पर नहीं मिली। बाजार समिति नहीं रहने से किसानों को उपज खुले बाजार में बेचनी पड़ती है।

ट्रॉमा सेंटर 12 साल पहले बना, अबतक चालू नहीं

बिक्रम प्रखंड में करीब 12 साल पहले तत्कालीन राज्यसभा सांसद सीपी ठाकुर की ओर से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया गया, लेकिन यह अबतक चालू नहीं हो सका है। अब भी लोगों को आपात स्थिति में पटना की दौड़ लगानी पड़ती है। ​​​​​​​

लोकसभा चुनाव में सड़क के लिए दो बूथों पर हुआ था वोट बहिष्कार
गांव में सड़क निर्माण को लेकर 2019 के लोकसभा के चुनाव में नौबतपुर के दो बूथों पर लोगों ने वोट बहिष्कार किया था। बूथ संख्या 201 उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चर्रा में 862, जबकि बूथ संख्या 329 प्राथमिक विद्यालय सलारपुर में 961 वोट थे। सड़क का मुद्दा अभी कायम है।
यह है वोटों का गणित
क्षेत्र में भूमिहार वोटरों की संख्या करीब 1.10 लाख है। दूसरे नंबर पर यादव वोटर हैं जिनकी संख्या करीब 75 हजार है। अतिपिछड़ा वोट करीब 20 हजार, वैश्य 16 हजार व अल्पसंख्यक 16 हजार वोट हैं। वहीं, दलित व महादलित वोटरों की संख्या करीब 40 हजार है।
2015 : तीन दल साथ आए तो बड़ा हो गया जीत का अंतर
वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में भाजपा-जदयू ने मिलकर लड़ा था। दूसरी तरफ लोजपा के उम्मीदवार को राजद का समर्थन था। भाजपा के अनिल कुमार को 38965, लोजपा के सिद्धार्थ को 36613 वोट मिले थे। सिद्धार्थ महज 2352 वोट से हारे थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में तीन दल कांग्रेस, जदयू और राजद एक साथ आए तो जीत का अंतर काफी बड़ा हो गया। कांग्रेस उम्मीदवार सिद्धार्थ को 94088 वोट मिले और उन्होंने 44311 वोटों से जीत हासिल की।
सीट का इतिहास

बिक्रम से 1957 के पहले चुनाव में कांग्रेस की मनोरमा देवी जीती थीं। 1962 में भी उन्हें ही जीत मिली। 1967 में कांग्रेस के एम गोपाल तो 1969 और 1972 में खदेरन सिंह (कांग्रेस-ओ) जीते थे। 1977 में भाजपा के पितामह कैलाशपति मिश्रा जनता पार्टी की टिकट पर जीते। सीपीआई के रामनाथ यादव 1980, 1985, 1990 व 1995 में जीते। 2000 में भाजपा के रामजनम शर्मा जीते। भाजपा के अनिल कुमार 2010 और अक्टूबर 2005 में हुए चुनाव में जीते थे, जबकि 2005 के फरवरी में हुए चुनाव में वह लोजपा के टिकट पर एमएलए बने थे।



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बिक्रम प्रखंड में करीब 12 साल पहले तत्कालीन राज्यसभा सांसद सीपी ठाकुर की ओर से ट्रॉमा सेंटर का निर्माण कराया गया, लेकिन यह अबतक चालू नहीं हो सका है।


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राजधानी में क्वींस क्लब की पार्टी में शराब-बियर के अलावा दूसरे तरह के नशे का भी एंगल भी आ गया है। हालांकि अभी तक पुलिस को इसके कोई प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन पुख्ता सूचना के आधार पर फोरेंसिक विभाग को सैंपल लेने के लिए चिट्ठी लिखी गई है। फोरेंसिक सैंपल बुधवार को इकट्ठा किए जाएंगे। रविवार रात हुई इस पार्टी का मंगलवार को सुबह से शहर में वीडियो वायरल है, जिसमें लगभग दो दर्जन युवक-युवतियां मस्ती में नाचते नजर आ रहे हैं। शंकरनगर की राजवीर कौर की बर्थडे पार्टी थी, इसलिए उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की जो सूची तैयार की है, अब उसमें 20 नाम हो गए हैं जिनमें 7 संभ्रांत परिवारों की महिलाएं और लड़कियां भी हैं। सभी रायपुर और दो-तीन लोग भिलाई के हैं।
क्वींस क्लब में रविवार रात हवाई फायर की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ हैं। पार्टी में डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोग शामिल थे। इसमें रायपुर और भिलाई के बड़े परिवार की महिलाएं तक आई हुई थी। पुलिस को मौके से शराब-बीयर की बोतल के अलावा कुछ मिला नहीं है। पुलिस ड्रग्स की जांच के लिए फारेंसिक टीम की मदद लेगी। वहां के कमरों और पार्टी हॉल का सैंपल लिया जाएगा। ताकि जिस रंगीन पार्टी की चर्चाएं है, उसकी सच्चाई सामने आ सकें। इधर, तेलीबांधा पुलिस ने मंगलवार को अमित धावना नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। क्वींस क्लब में दो कमरे इसी के नाम से बुक किए गए थे।
हालांकि उसने बयान दिया है कि कमरे उसके नाम से बुक करवाए गए, लेकिन उसने बुकिंग नहीं करवाई थी। यह उसके एक दोस्त ने करवाई थी और पेमेंट भी उसी ने किया है। हालांकि अमित ने पुलिस को पार्टी के बारे में पूरी जानकारी दी है। उसे तथा शंकरनगर की लड़की को मिलाकर क्वींस क्लब की लाॅकडाउन पार्टी और फायरिंग में 7 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। अभी पार्टी में हुड़दंग करते नजर आ रहे युवक-युवतियों की गिरफ्तारी बाकी है। जिनकी भी पहचान हो रही है, उनके नाम एफआईआर में जोड़े जा रहे हैं। तेलीबांधा पुलिस ने फरार 7 आरोपियों के अलावा क्लब से जुड़े लोगों को मंगलवार को थाना बुलाया था। जिन्हें आरोपी बनाया जा चुका है, उनमें से कोई थाने नहीं पहुंचा। क्लब मालिक हरबंश बत्रा, सौरभ बत्रा समेत 4 लोग तेलीबांधा थाने गए।

वीडियो वायरल : रसूखदार परिवारों की 7 महिलाओं के नाम
पार्टी में केक सेरेमनी, शराब के अलावा जमकर नाच गाना भी हुआ, जिसका वीडियो वायरल हो रहा हैं। इसमें नशे में धुत्त युवतियां जमकर थिरकती दिखाई दे रही हैं। इस मामले में 14 लोगों के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है, जिसमें से 7 गिरफ्तार हुए हैं। हवाई फायर करनेवाले हितेश पटेल को जेल भेज दिया गया है। जो सूची बन रही है, उसमें 7 महिलाओं के नाम है।

हाउसिंग बोर्ड का भवन
पुलिस को मिले दस्तावेजों के अनुसार यह क्लब हाउसिंग बोर्ड से 30 साल की लीज पर लिया गया था। सालाना लीज रेंट 12 लाख रुपए है। 2011 से क्लब को बत्रा परिवार चला रहा था। पिछले साल से कुछ अन्य लोगों ने इसे एग्रीमेंट कर संचालन के लिए दूसरे लोगों को दिया है। पुलिस देर रात तक रसूखदार-कारोबारियों का इंतजार करती रही, लेकिन कोई नहीं पहुंचा।

लॉकडाउन में खुलेआम एंट्री
पुलिस ने आधा दर्जन लोगों से लिए गए बयान के आधार पर खुलासा किया कि क्वींस क्लब में लाॅकडाउन के दौरान भी पिछले दरवाजे से नहीं, बल्कि सामने के गेट से एंट्री दी जा रही थी। गिरफ्तार युवती समेत पार्टी में शामिल सभी लोगों ने बताया कि वे सामने के गेट से ही दाखिल हुए थे। होटल के एक हिस्से में बार है, जिसे संचालकों का एक दोस्त चला रहा था। पार्टी में वह भी था।
बार में लाॅकडाउन में दोगुने दाम में शराब मिलने की बात आई है। शहर के कई युवक-युवतियां पार्सल के बहाने वहां शराब लेने रोज पहुंचते थे।

आउटर के 40 होटल-ढाबों को नोटिस
तेलीबांधा इलाके में संचालित 40 से ज्यादा रेस्टोरेंट, कैफे, होटल, बार, ढाबा को पुलिस ने नोटिस जारी किया है। टीआई रमाकांत साहू ने बताया कि सभी को कलेक्टर के आदेश का पालन करने को कहा गया है। तय समय पर होटल, ढाबा बंद किया जाए। कहीं भी बैक डोर शराब बिक्री या पार्टी की शिकायत मिली, तो मालिक पर केस दर्ज कर लाइसेंस भी निरस्त किया जाएगा। थाने से क्वींस क्लब और वहां संचालित बार का लाइसेंस निरस्त करने की चिट्ठी एसएसपी को लिखी गई है। एसएसपी यह चिट्ठी कलेक्टर को भेज रहे हैं।



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तेलीबांधा थाने में पुलिस की हिरासत में युवती।


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