केन्द्रीय शहरी एवं आवास विकास मंत्रालय ने स्टेट एनुअल एक्शन प्लान (SAAP-I) के तहत मुंगेर में शहरी जलापूर्ति योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी है। अमृत योजना के तहत 19846.69 लाख रुपए की प्राक्कलित राशि से शहर के सभी 45 वार्ड के 26271 घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पाइप लाइन बिछा कर जलापूर्ति किया जाएगा। इसके अलावा कस्तूरबा वाटर वर्क्स लिमिटेड में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाएगा। जहां पानी रिसाइकिल होकर शहर में आपूर्ति होगा। इसके लिए मुंबई की एजेंसी जेएमसीजेडब्ल्यूआईएल को कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी द्वारा 14 अगस्त 2020 को एकरारनामा के बाद शहर में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। कार्य की देखरेख बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (BUIDCO) करेगी।
बता दें कि दो साल पूर्व पीएचईडी की देखरेख में जिंदल कंपनी द्वारा 12799.75 लाख की लागत से नगर निगम क्षेत्र के 24 वार्ड में पाइप लाइन बिछा कर कस्तूरबा वाटर वर्क्स में एक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बना कर शुद्ध जलापूर्ति शुरू किया गया। परंतु जिंदल द्वारा बिछाया गया पाइप लाइन बहुत जगह क्षतिग्रस्त हो चुका है। नई एजेंसी द्वारा फेज-बी में 7046.94 लाख की लागत से शहर के शेष 21 वार्ड में पाइप लाइन बिछाने के अलावा हाई कैपेसिटी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट कस्तूरबा मंे बनाया जाएगा। इसके अलावा पूर्व की कंपनी द्वारा बिछाए गए पाइप लाइन की मरम्मत कर घर-घर पेयजलापूर्ति एजेंसी के द्वारा की जाएगी। शहरी एवं आवास विकास मंत्रालय ने 20 माह में कार्य समाप्त करने की तिथि निर्धारित की है।
24 वार्ड में बिछ चुकी 28 किलोमीटर पाइप लाइन
अमृत योजना के तहत फेज-ए में मुंगेर जलापूर्ति योजना का कार्य पीएचईडी की देखरेख में कार्यकारी एजेंसी जिंदल कंपनी के द्वारा शहर के 24 वार्ड में पाइप लाइन बिछा कर दो साल पूर्व जलापूर्ति की गई थी। इसके तहत जिंदल कंपनी द्वारा 454 क्यूविक लीटर का 03 वाटर टावर तीन स्थानों पर बनाया गया था। जबकि शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति हेतु 28 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाया गया था और कस्तूरबा वाटर वर्क्स में 13.6 एमएलडी क्षमता का 01 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया था। परंतु जिंदल कंपनी द्वारा बिछाए गए पाइप लाइन कई जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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