प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने शनिवार को एनएमसीएच का जायजा लिया। उन्होंने कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की नॉर्मल और सिजेरियन डिलेवरी केे लिए डेडिकेटेड वार्ड बनाने को कहा। प्लाज्मा थेरेपी शुरू किए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि यहां प्लाज्मा डोनेशन की व्यवस्था नहीं होने से इसे आईजीआईएमएस और पटना एम्स से संबद्ध किया गया।
अगर कोई प्लाज्मा डोनेट करना चाहता है, तो उसे आईजीआईएमएस और पटना एम्स भेजा जाएगा और वहां से डोनेट किए गए प्लाज्मा को लाकर एनएमसीएच में भर्ती कोरोना मरीजों को चढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर में एक प्रशासनिक भवन बनाया जाएगा।
जहां अधीक्षक, उपाधीक्षक व अस्पताल का कार्यालय एक ही जगह रहेगा। कोरोना के एक मरीज को अस्पताल में 100 रुपए से बढ़ाकर 175 रुपए प्रति दिन के हिसाब से डाइट दिया जाएगा। मेनू रिवाइज होगा। मरीजों को पौष्टिक आहार के साथ-साथ काढ़ा, ड्राई फ्रूट आदि देने की भी व्यवस्था होगी।
डोनर की करानी होगी कई जांच
आईजीआईएमएस में प्लाज्मा उपलब्ध रहने पर 440 रुपए लगेंगे। यदि प्लाज्मा उपलब्ध नहीं है और डोनर को लेकर जाएंगे तो 9700 रुपए देने होंगे। साथ ही डोनर की जांच भी करानी होगी। संस्थान सूत्रों के मुताबिक प्लाज्मा किट की कीमत ही 9,600 रुपए के करीब हैं। आईजीआईएमएस में अभी तक 6 यूनिट प्लाज्मा ही डोनेट हुआ। इनमें पांच यूनिट प्लाज्मा मरीज को दे दिया गया। अब एक ही यूनिट प्लाज्मा बचा है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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