सीआईडी ने रामपुर के शिक्षिका आत्महत्या मामले में जांच पूरी कर इसका चालान अदालत में पेश कर दिया है। सीआईडी ने एक माह के भीतर यह जांच पूरी की है। चालान मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया है, जिनमें ससुराल पक्ष के पांच लोग शिक्षिका को आत्महत्या के लिए उकसाने और प्रताड़ित करने के आरोपी बनाए गए हैं। निजी स्कूल में कार्यरत महिला शिक्षिका ने 9 जून 2020 को आत्महत्या की थी। आरंभ में इसकी जांच पुलिस ने की, लेकिन महिला के परिजन और स्थानीय लोग जांच को लेकर खुश नहीं थे। लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाते हुए धरना प्रदर्शन कि और किसी और एजेंसी से इसकी जांच करवाने की मांग की।
इसके बाद बीते 22 जुलाई को इस मामले को डीजीपी ने सीआईडी को सौंपा था। सीआईडी क्राइम डीआईजी विमल गुप्ता की निगरानी में एडिशनल एसपी साइबर क्राइम नरवीर सिंह राठौर ने इस केस की जांच की। सीआईडी की टीम ने दो सप्ताह तक रामपुर में डेरा डालकर कई तथ्य जुटाए और एक माह के भीतर इस जांच को पूरी कर अदालत में चालान पेश कर दिया। सीआईडी ने पांच लोगों को अभियुक्त बनाया है, इसमें शिक्षिका का जेठ सुधांशु, ननद नवेदिता और ननद का पति कुलदीप सहित पांच लोग हैं। इस मामले में एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था था जिसमें इन लोगों पर तंग करने के आरोप लगाए थे। फॉरेसिंक जांच में सामने आया था कि यह सुसाइड नोट शिक्षिका ने ही लिखा था।
डीआईजी विमल गुप्ता ने कहा है कि एक माह के भीतर प्रोफेशनल तरीके से इस केस की जांच पूरी कर चालान अदालत में पेश किया गया है। केस में वैज्ञानिक, डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्य अभियुक्तों के खिलाफ जुटाए हैं। आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 498 (ए), 306 व 34 के तहत चालान पेश किया गया है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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