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ऑनलाइन कक्षाओं में हाजिरी 8 से 10% तक घटी, स्कूली बच्चों की पढ़ाई में खराब नेटवर्क की बाधा

पटना| काेराेना संकट के कारण लंबे समय से स्कूल बंद हैं। लाॅकडाउन के दाैरान स्कूलाें ने बच्चाें की पढ़ाई हर्ज न हाे, इसके लिए ऑनलाइन क्लासेज शुरू कीं। अभी भी पढ़ाई वर्चुअल माेड में ही चल रही है। इस व्यवस्था में बच्चे क्लास ताे कर रहे हैं, लेकिन एक बात सामने आई है कि ऑफलाइन में जहां अटेंडेंस 100 प्रतिशत तक होता था।

ऑनलाइन में अभी तक 100 प्रतिशत अटेंडेंस नहीं हुआ है। करीब-करीब हर स्कूल में 8 से 10% बच्चे हर दिन गैरहाजिर रहते हैं। जो बच्चे अक्सर अनुपस्थित होते हैं, शिक्षक उनके अभिभावकों से संपर्क करते हैं। बच्चाें के गैरहाजिर रहने में नेटवर्क की समस्या, घर में एक ही फाेन या लैपटाॅप का हाेना मुख्य कारण बन रहे हैं।
5 प्रतिशत बच्चे क्लास ज्वाइन ही नहीं कर पाते
संत जेवियर्स की प्राइमरी वर्ग की शिक्षिका सुप्रिया लूसी क्लास 1 से 5 तक के बच्चों को पढ़ाती हैं। वे बताती हैं- कई कारणों से 5 प्रतिशत बच्चे क्लास अटेंड ही नहीं कर पाते। मुख्य कारण नेटवर्क होता है। वहीं, कई घर में दोनों पेरेंट्स के वर्किंग होने के कारण बच्चे को फोन नहीं मिलता। ऐसे में हम उनके लिए पीपीटी और वीडियो बनाकर देते हैं।

कुछ बच्चे तो क्लास के दौरान वीडियो ऑफ करके सो जाते हैं। पेरेंट्स से बातचीत के बाद जब हमें पता चला तो हम बीच-बीच में कुछ एक्टिविटी और एक्सरसाइज कराकर क्लास को इंट्रेस्टिंग बनाते हैं। वहीं स्कूल की हायर क्लास की शिक्षिका जेसिंटा बेनेडिक्ट बताती हैं कि गांवों में फंसे कई बच्चों के साथ नेटवर्क की समस्या हमेशा ही होती है।
कभी भी 100% अटेंडेंस नहीं हुआ
संत माइकल हाईस्कूल की अंग्रेजी की शिक्षिका इप्शिता शरण ने बताया कि ऑफलाइन क्लासेज में अक्सर 100% अटेंडेंस होते थे। ऑनलाइन मोड में हमने कभी ऐसा नहीं देखा। 8 से 10% तक स्टूडेंट्स हमेशा अनुपस्थित होते हैं। इसमें नेटवर्क की समस्या सबसे काॅमन है। अगर कोई स्टूडेंट हमेशा ऐसी बात कहता है ताे हम पेरेंटस से कॉन्टेक्ट करते हैं। कई घर में तीन बच्चे हैं और एक फोन है तो बड़े बच्चे को प्राथमिकता मिलती है। ऐसे में कई बार उनकी समस्या वाजिब रहती है।
बाढ़ से भी परेशानी

लोयाेला हाई स्कूल के शिक्षक अमरेंद्र कुमार ने कहा कि बाढ़ की वजह से कुछ स्टूडेंट्स को सचमुच में बहुत परेशानी हुई। वरना बहुत कम बच्चे ऐसे बहाने बनाते हैं। प्राइमरी में ये शिकायतें ज्यादा होती हैं। अटेंडेंस की बात की जाए तो पहले के अनुसार उपस्थिति में थोड़ा फर्क है। इसका सबसे बड़ा कारण नेटवर्क ही है।
एक कोशिश: शिक्षकों के अनुसार बच्चे ऑनलाइन क्लास से राेज जुड़ें, इसके लिए क्लास को इंट्रेस्टिंग बनाने की कोशिश करते हैं। उन्हें छोटी-छोटी एक्टिविटी में इन्वॉल्व कर के पढ़ाते हैं।

क्लास नहीं कर पाने के ये कारण बता रहे छात्र

  • फोन खराब हो गया
  • नेटवर्क खराब है
  • कैमरा टूट गया
  • तबीयत खराब है
  • पापा-मम्मी घर पर नहीं थे
  • एक ही फोन था, भइया पढ़ रहा था


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Attendance in online classes decreased by 8 to 10%, poor network barrier for school children to study


Source From
RACHNA SAROVAR
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