हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में 25 अगस्त काे हाेने वाले ईसी अाैर काेर्ट चुनाव के लिए माकपा अाैर कांग्रेंस समर्थित कर्मचारियों में ईसी सीट पर सहमति नहीं बन पाई है। वीरवार काे कैंपस में हुई बैठक में काेई सकारात्मक हल नहीं निकल पाया है। अब शुक्रवार काे फिर से बैठक हाेगी। दरअसल, इस बार ईसी पद पर माकपा समर्थित कर्मचारी अपने उम्मीदवार काे मैदान में उतारना चाहते हैं। जबकि कांग्रेस समर्थित कर्मचारी इस शर्त काे मानने के लिए तैयार नहीं हैं। पिछले काफी समय से माकपा, कांग्रेस समर्थित में गठजोड़ हाेता आया है। माकपा समर्थित उम्मीदवार हर बार काेर्ट पद पर चुनाव लड़ते अाए हैं। माकपा समर्थित कर्मचारी नरेश कुमार शर्मा काे ईसी पद के लिए मैदान में उतारना चाहते हैं। ऐसे में अब इस पर खींचतान का दाैर चला हुआ है। प्रत्यक्ष रूप से कर्मचारी किसी भी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े है, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से कर्मचारी दलों के नाम पर ही चुनाव लड़ते हैं। ऐसे में एचपीयू में भाजपा, कांग्रेस और माकपा समर्थित प्रत्याशियों के बीच इस बार कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। पिछली बार लगभग 801 मतदाताओं ने वोट डाले थे। इस बार 791 मतदाता अपने प्रत्याशियों का चयन करेंगे। इससे पहले पूर्व कर्मचारी नेता चाैधरी वरयाम सिंह बैंस चार बार जीत का रिकाॅर्ड अपने नाम कर चुके हैं। वे तीन बार लगातार जीते थे।
इसलिए जरूरी है ईसी अाैर काेर्ट के चुनाव ः विवि में कर्मचारियों के चुनावों में ईसी और कोर्ट सदस्यों का चुनाव सबसे महत्त्वपूर्ण होता है। इसमें कर्मचारी ऐसे दो प्रतिनिधियों का चयन करते हैं, जो कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को सीधे सरकार के समक्ष उठा सकते हैं। ऐसे में इन चुनावों के लिए सभी कर्मचारियों के वोट बेहद महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ईसी व कोर्ट सदस्य के चुनाव में विवि के प्रत्येक चतुर्थ श्रेणी से लेकर अधिकारी वर्ग तक के कर्मचारी मतदान कर ईसी और कोर्ट सदस्यों का चयन करते हैं। वर्तमान में ईसी सदस्य पद पर प्रेमराज शर्मा अाैर काेर्ट पद पर ललित कुमार चुने गए हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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