header ads

न आढ़ती न बिचौलियों की जरूरत... दुर्गम जिले लाहौल स्पिति में किसान लगाते हैं अपनी मंडी, डायरेक्ट लोगों को बेचते हैं सब्जियां

हिमाचल का सबसे बर्फीला और दुर्गम जनजातीय जिला लाहौल स्पीति। यहां के काजा उपमंडल में लाॅकडाउन लगा तो किसानों को चिंता हुई, सही दाम पर सब्जी कैसे बेचें। किसानों ने कृषि विभाग के समक्ष मामला उठाया। विभाग ने किसानों को अपनी मंडी नाम से काजा में प्लेटफार्म दिया, किसान अपनी सब्जियां आढ़तियों को नहीं बेचते, डायरेक्ट लोगों को ही बेचते हैं। लाहौल स्पीति में पिछले कई वर्षों से प्राकृतिक खेती हो रही है, लेकिन यहां पर फसल विविधीकरण इतने व्यापक स्तर पर नहीं था।

कृषि विभाग ने विविधीकरण का भी विस्तार करते हुए किसानों को जागरूक किया और प्राकृतिक खेती के बारे में किसानों को और बारीकियां सिखाई। काजा उपमंडल में कृषि विभाग के तहत चल रहे आत्मा प्रोजेक्ट में स्पीति क्षेत्र के किसानों को सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती के अधीन प्रशिक्षित किया जा रहा है। एडीएम ज्ञान सागर नेगी ने बताया कि लाहौल स्पीति में वर्षों से प्राकृतिक कृषि हो रही है पर प्राकृतिक खेती में भी बेहतर तकनीक का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। इसके बारे में कृषि विभाग ने स्पीति के किसानों को प्रशिक्षित किया है।

चालीस हजार रु. की सब्जियां बेच चुकी हैं यीशे डोलमा

स्पीति क्षेत्र के लिदांग की रहने वाली यीशे डोलमा अभी तक अपनी मंडी में चालीस हजार रुपए की सब्जियां बेच चुकी है। पहले भी मटर की छोड़ कर कई सब्जियां उगाती थी लेकिन केवल अपने खाने के लिए। अपनी मंडी में अपनी सब्जियां बेच रहे ढंखर के दिलीप कुमार का कहना है कि अपनी मंडी बहुत अच्छा माध्यम है। रंगरीक के रहने वाले किसान टाशी नामज्ञयाल का कहना है कि आजकल पर्यटन सीजन भी नहीं है लेकिन फिर भी हमें सब्जियों के दाम अच्छे मिल रहे हैं, क्योंकि अपनी मंडी में हम सीधे उपभोक्ताओं को बेच रहे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
कुल्लू। लाहौल के स्पीति में पहली बार अपनी मंडी स्टॉल लगाकर किसान बेच रहे हैं सब्जियां


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget