आम दिनाें में प्रदेश में आने वाले पर्यटकाें और काेविड 19 के दिनाें में पेड क्वारेंटाइन में अाने वालाें की मेजबानी करने वाले हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन( एचपीटीडीसी) स्टाफ काे अभी भी जुलाई की सैलरी नहीं मिली है। जून की सैलरी भी जुलाई काे जाकर मिली थी। स्टाफ की सैलरी जुटाने में लगे एचपीटीडीसी प्रबंधन ने अब क्वारेंटाइन सेंटराें के ताैर पर चल रहे हाेटलाें से क्वारेंटाइन हुए लाेगाें से हुई इनकम भी वापस मांग ली है।
वहीं एचआरटीसी के स्टाफ काे एकाध दिन में जुलाई की सैलरी सकती है, सरकार ने सैलरी की अदायगी के लिए 40 कराेड़ रुपए जारी कर दिए हैं, एकाध दिन में 15 हजार की बड़ी संख्या वाले एचआरटीसी स्टाफ के खाताें में सैलरी अा जाएगी। एचपीटीडीसी की शिमला में चल रही 7 यूनिट्स(हॉलीडे हाेम, लिफ्ट, आशियाना-गुफा, मार्केटिंग ऑफिस स्कैंडल प्वाइंट, सर्किट हाउस विले पार्ले, पीटरहाॅफ और घाेड़ा चाैकी ट्रांसपाेर्ट)के 300 कर्मियोंं ने मैेनेजमेंट काे लिखे पत्र में मांग की थी कि उन्हें 5 तारीख से पहले सैलरी मिलनी चाहिए।
क्वारेंटाइन हुए लोगों से मिली इनकम हर हफ्ते भेजने को कहा गया
एचपीटीडीसी स्टाफ काे हर महीने लगभग 5 कराेड़ रुपए सैलरी और पेंशन के लिए चाहिए। काेराेना की वजह से ज्यादातर हाेटल बंद पड़े हैं, इस वजह से सैलरी देने में मुश्किलें आ रही हैं। एचपीटीडीसी के कुछ हाेटलों को बाहरी राज्याें से अपने घर हिमाचल आने वालाें के लिए पेड क्वारेंटाइन सेंटर्स बनाए गए हैं, लेकिन इन हाेटलाें में भी पेड क्वारेंटाइन हो रहे लोगाें से ज्यादा पैसा नहीं मिल रहा है। अब लगातार राजस्व की कमी का सामना कर रहे एचपीटीडीसी प्रबंधन ने पेड काेरेनटाइन सेंटराें में क्वारेंटाइन हुए लाेगाें से हुई इनकम काे भी हेडक्वार्टर मांगा है। इस पैसे से ही इन पेड क्वारेंटाइन सेंटर्स बनाए गए हाेटलाें काे खर्च पिछले तीन महीने से चल रहा था, लेकिन सीनियर अकाउंट ऑफिसर की ओर से इन हाेटलाें काे भेजे गए आदेश में हर हफ्ते ये क्वारेंटाइन इनकम हेडक्वार्टर भेजने के लिए कहा गया है।
05 कराेड़ सैलरी, पेंशन के लिए चाहिए एचपीटीडीसी को हर महीने
67 के करीब सेंटर्स हैं एचपीटीडीसी के प्रदेशभर में
1500 के करीब कर्मचारी हैं पूरे राज्य में एचपीटीडीसी के
07 यूनिट्स हैं शिमला में, जिनमें हैं 300 कर्मचारी
सरकार के पास फाइल प्रोसेस में, जल्दी मिलेगी सेलरी: कुमुद
एचपीटीडीसी की मैनेजिंग डायरेक्टर कुमुद बाला का कहना है कि स्टाफ की सैलरी हमेशा सरकार से मिलने वाली ग्रांट से दी जाती है। जून की सैलरी दी जा चुकी है और जुलाई से सैलरी के लिए मिलने वाली ग्रांट के फाइल प्रोसेस में है। सैलरी जल्द ही मिल जाएगी। होटलों से क्वारेंटाइन लोगों सी हुई इनकम वापस मांगे जाने पर कुमुद बाला ने कहा कि जिन होटलों में अच्छा रेवेन्यू जेनरेट होता है, उनसे कुछ हिस्सा लिया जाता है ताकि कम रेवेन्यू जेनरेट करने वाली यूनिट का खर्च निकल सके। हर यूनिट के पास रूटीन खर्च के लिए पैसा छोड़ा ही जाता है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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