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नगर परिषद में ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने का स्थानीय विधायक ने किया विरोध

मंडी की नगर निगम बनाने के फैसले के साथ ही अब इसका विरोध भी होना शुरू हो गया है। नगर निगम में शामिल होने वाले दो विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों ने इस मामले पर लोगों की राय जानने की बात कही है। मंडी के विधायक व पूर्व मंत्री अनिल शर्मा ने नगर परिषद में ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने का विरोध किया है। दरंग के विधायक जवाहर ठाकुर ने भी इस मामले में लोगी की राय लेने की बात कही है।

अनिल शर्मा ने कहा कि नगर निगम अगर शहर के वार्डो में बनता है तो मैं स्वागत करूंगा। मगर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने का विरोध करता हूं। पहले भी नगर निगम बनाने का पंचायतों की ओर से विरोध है। सरकार पंचायतों को जोड़ने से पहले पंचायतों की राय लेनी चाहिए और पंचायतों की ओर प्रस्ताव लेने चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के पास रोजगार के लिए मनरेगा है।

कोई भी हाउस टैक्स नहीं भरना पड़ता है। नगर निगम बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बिजली, पानी और हाउस टैक्स के बिल देने पड़ेंगे। घर व गौशाला बनाने के लिए भी नक्शे बनाने पड़ेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग नगर निगम की सुविधा लेने के लिए तैयार नहीं हैं, वे इसका विरोध करते आए हैं। जब मैं पंचायती राज मंत्री था तो उस समय भी पंचायतें अपने आप को निगम के दायरे में आने के पक्ष में नहीं थी।

आज भी सरकार को पंचायतों को पूछ कर ही ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम में जोड़ने का निर्णय लेना चाहिए। पंचायतें खुद प्रस्ताव पारित कर नगर निगम में जुड़ने के लिए तैयार होती है तो ही उन्हें नगर निगम में जोड़ा जाए। पंचायतों के साथ जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए।

नगर निगम बनने से लोगों को जो भी सुविधाएं रूरल एरिया के तहत मिलती है वह सुविधाएं नगर निगम में आने से तो नहीं मिल पाएंगी। इसलिए पंचायतों का हमेशा नगर निगम में जोड़ने का विरोध होता रहा है। पंचायतें अगर स्वयं निर्णय लेती हैं तो ही इन्हें नगर निगम में जोड़ा जाए।

लोगों की राय ली जाएगी

द्रंग के विधायक जवाहर ठाकुर ने कहा कि नगर निगम बनाने के लिए सरकार ने अपना निर्णय ले लिया है। शहर और गांव में बहुत अंतर होता है। अगर समय के अनुसार विकास की बात की जाए तो कुछ निर्णयों के साथ चलना भी पड़ता हं। आजादी के बाद समय परिवर्तन के हिसाब से कुछ बदलाव भी जरूरी हो जाते है।

मगर लोगों की राय व सहमति भी जरूरी है। क्योंकि सुविधाएं आमजन के कल्याण के लिए होती है। द्रंग विस क्षेत्र की कुछ पंचायतें नगर निगम के दायरे में आएंगी। पंचायत लेबल पर मिलने वाली सुविधाओं के बदले नगर निगम के तहत जो सुविधाएं लोगों को मिलती है वही गांव के लोगों को भी लेनी पड़ेंगी। इस बारे में लोगों की राय ली जाएगी किसी को कोई भी समस्याएं नगर निगम बनने से लग रही हो तो उनका पक्ष सरकार के समक्ष रखा जाएगा।

देश की सबसे पुरानी नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा मिला है जो स्वागत योग्य है। नगर निगम बनने से विकास की गंगा बहेगी। रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसके लिए जो भी ग्रांट आएगी वह सेंटर गवर्नमेंट से ही आएगी। लोगों को नगर निगम बनने से कई सुविधाएं मिलेंगी।
नीलम शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, नप म




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Source From
RACHNA SAROVAR
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