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एनएमसीएच में आज से काेराेना के गंभीर मरीजों का प्लाज्मा थेरेपी से होगा इलाज

एनएमसीएच में शनिवार से कोरोना के गंभीर मरीजों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से होगा। शुक्रवार को समीक्षा बैठक के दौरान प्रमंडलीय आयुक्त संजय कुमार अग्रवाल ने इसे शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पटना एम्स में प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों का सफल इलाज किया जा रहा है। इससे कई मरीज ठीक हो चुके हैं। एनएमसीएच में भी इसके लिए सभी व्यवस्था कराई गई है।

अस्पताल में वार्ड ब्वाॅय की संख्या 93 से बढ़ाकर 150 की गई है। यहां इलाज की व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। प्राचार्य और अधीक्षक को कोरोना मरीज के इलाज के लिए सभी तरह की दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने, मानक के अनुरूप डायट की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया है।
प्लाज्मा डोनेशन की भी सुविधा
एनएमसीएच में प्लाज्मा डोनेट करने की भी सुविधा की शुरुआत होगी। प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि यहां आईजीआईएमएस के सीनियर डॉक्टर की देखरेख में प्लाज्मा डोनेशन की शुरुआत की जाएगी। प्लाज्मा डोनेट करने के इच्छुक लोग एनएमसीएच के हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं।प्रमंडलीय आयुक्त ने अस्पताल में विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पटना सिटी एसडीअाे को प्रतिदिन एनएमसीएच का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही पाली वार डॉक्टरों को वार्ड में विजिट करने का निर्देश दिया है।
क्या है प्लाज्मा थेरेपी
कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले मरीजों के शरीर से लिए गए प्लाज्मा को कोराेना के एक्टिव मरीजों के शरीर में डाला जाता है। इससे मरीज के शरीर में कोरोना संक्रमण से लड़ने की एंटीबॉडी बन जाती है। पटना एम्स में यह प्रयोग सफलतापूर्वक किया जा रहा है। आईजीआईएमएस के साथ समन्वय कर एनएमसीएच में प्लाजमा थेरेपी से मरीजों का इलाज किया जाएगा।

निजी अस्पतालों की जांच के लिए मजिस्ट्रेट तैनात

निजी अस्पताल में कोरोना मरीज के इलाज की सरकारी दर 20 अगस्त से प्रभावी है। अस्पताल को सूचना पट पर सरकारी दर लिखना अनिवार्य है। इससे अधिक शुल्क लेने की शिकायत मिलने पर अस्पताल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम कुमार रवि ने कहा कि निजी अस्पतालों की जांच के लिए मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट निजी अस्पतालों की जांच कर रिपाेर्ट देंगे।

इस दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, इलाज की व्यवस्था, मरीजों के परिजनों की शिकायत आदि से संबंधित मामलों की जांच होगी। निर्धारित सरकारी दर से अधिक शुल्क लेने वाले निजी अस्पतालों के प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के 30 निजी अस्पतालों में कोरोना मरीज के लिए 460 बेड आरक्षित किए गए हैं। जेडीएम अस्पताल सील होने के बाद 45 बेड कम हो गए हैं।

आरएमआरआई में सात दिनों में शुरू हाेगा कोरोना वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल

अगमकुआं स्थित आरएमआरआई में कोरोना वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल होगा। इस पर एक सप्ताह के अंदर काम शुरू हो जाएगा। निदेशक डॉ. प्रदीप दास ने बताया कि तीन भारतीय टीके विकसित किए जा रहे हैं, जो परीक्षण के चरण में हैं। इनमें भारत बायोटेक इंटरनेशनल, जाइडस कैडिला और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया शामिल हैं। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे और आईसीएमआर नई दिल्ली के सहयोग से जो वैक्सीन विकसित किया जा रहा है, उसके तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए देशभर के 17 संस्थानाें को चुना गया है।

उनमें आरएमआरआई भी शामिल है। बिहार में 160 लाेगाें पर परीक्षण होगा। इसके लिए 200 लोगों को चयनित किया जाएगा। पहले और 29वें दिन इंजेक्शन दिया जाएगा। छह माह तक उन्हें निगरानी में रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले और दूसरे चरण के परीक्षणों के प्रारंभिक परिणामों से पता चला कि वैक्सीन बिना सुरक्षा चिंताओं के मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है।

बिहार के अलावा यह परीक्षण विशाखापट्टनम में आंध्र मेडिकल कॉलेज, एम्स दिल्ली, एम्स जोधपुर, बीजे मेडिकल कॉलेज पुणे, आईसीएमआर रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर गोरखपुर, पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन चंडीगढ़, जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च मैसूर में होगा।

रात में भी तैनात रहेंगे सीनियर डॉक्टर, तीन शिफ्टों में बंटेगी ड्यूटी

पीएमसीएच के कोविड अस्पताल में तीनों शिफ्ट में सीनियर (असिस्टेंट प्रोफेसर) डॉक्टर तैनात रहेंगे। इसके अलावा पीओडी (फिजिशियन ऑन ड्यूटी) और जूनियर डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। दरअसल, 14 अगस्त की रात स्वास्थ्य सचिव के निरीक्षण के दौरान कोविड अस्पताल में ड्यूटी पर कोई सीनियर डॉक्टर नहीं मिले थे। क्योंकि तब सीनियर डॉक्टरों की ड्यूटी ही नहीं लगाई गई थी। इसके बाद ही यह नई व्यवस्था बनाई गई है। ऑन ड्यूटी डॉक्टर का नाम बोर्ड पर डिस्प्ले होगा। एक शिफ्ट 8 घंटे की होगी।

यह जानकारी देते हुए अधीक्षक डॉ. विमल कारक ने कहा कि सीनियर डॉक्टर के अलावा एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर रैंक के चिकित्सक ऑन कॉल रहेंगे। जो जरूरत पड़ने पर अस्पताल आएंगे। ऑन ड्यूटी डॉक्टर ही सुबह -शाम कोरोना मरीजों के हेल्थ बुलेटिन जारी करेंगे। डॉक्टरों की ड्यूटी की मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों के नाम के साथ ही कोविड अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की सूची भी बोर्ड पर डिस्प्ले होगी। डॉ. कारक ने बताया कि कोरोना की दवा रेमडेसिवीर उपलब्ध कराने के लिए विभाग को कहा गया है।



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Plasma therapy to treat serious patients of Karenna from today in NMCH


Source From
RACHNA SAROVAR
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