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नपं व नप लोगों से शुल्क तो ले रही है, लेकिन धरातल पर सुविधाएं कितनी-टीम करेगी जांच

नगर पंचायतों और नगर परिषदों में जो यूजर शुल्क अलग-अलग योजनाओं के तहत लोगों से इकट्ठा किए जा रहे हैं। वह कितने हद तक सभी से कलेक्ट किए जा रहे या नहीं इसके अलावा योजनाओं की आखिर किस तरह लोगों को सुविधाएं मिल रही हैं, इसकी अब विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी।


स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक एक्सपर्ट की टीम ने नगर पंचायतों और नगर परिषदों में औचक निरीक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। नगर परिषद हमीरपुर और नगर पंचायत भोटा में भी एक्सपर्ट की टीम ने पहुंचकर जहां नुमाइंदों से जानकारी हासिल की वहीं सफाई कर्मचारियों से भी जानकारी लेने के अलावा डोर टू डोर पहुंचकर लोगों से भी जानकारी इकट्ठा कर रिपोर्ट में लिखी है।

मंगलवार को टीम ने यहां नगर परिषद एरिया में बाकायदा जो यूजर शुल्क लिए जा रहे हैं उनकी एवज में धरातल पर लोगों को कैसी सुविधाएं स्वच्छ भारत मिशन के तहत उपलब्ध हो पा रही हैं या नहीं इसे जांचा। यह टीम पूरे हिमाचल का दौरा करने के बाद अपनी हर अर्बन डेवलपमेंट क्षेत्र से संबंधित रिपोर्ट तैयार कर निदेशालय को सौंपेगी।

इसके बाद जिन नगर परिषदों में प्रॉपर कार्य नहीं हो पा रहा है वहां से अधिकारियों के जवाब तलबी भी हो सकती है। एक्सपर्ट की टीम में ठोस कचरा प्रबंधन विशेषज्ञ ईला जोसेस, सीएस अंसारी, पर्यवेक्षक अभिषेक शर्मा शामिल है। हमीरपुर में नगर परिषद के ईओ केएल ठाकुर, अध्यक्ष सुलोचना देवी, उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज समेत पार्षदों के अलावा सफाई कर्मचारियों से भी इस टीम ने जानकारी जुटाई। नगर परिषद में इस टीम ने रिकॉर्ड को भी जांचा।

शहर में लोगों से जो यूजर चार्जेज लिए जा रहे हैं किस तरह आगे खर्च हो रहे हैं और वह लोगों से प्रॉपर एकत्र भी किए जा रहे या नहीं, यहां वार्डों में सफाई व्यवस्था की कैसी स्थिति है, नालियों के क्या हाल है। इसके अलावा जो कूड़ा संयंत्र लगाया है वहां प्रॉपर तरीके से कूड़े को ठिकाने लगाया जा रहा या नहीं। इसे धरातल पर देखने के बाद अब यह टीम रिपोर्ट तैयार करेगी।

खरीदा जा रहा प्लास्टिक या नहीं : नगर परिषदों और नगर पंचायतों में जो सफाई कर्मचारी हैं वह डोर टू डोर कूड़े को एकत्र कर रहे हैं। जो प्लास्टिक है उसे प्रॉपर खरीदा जा रहा है या नहीं, इसे किस तरह रखा जा रहा है इसको भी टीम ने अपनी जांच के बिंदू पर रखा हुआ है। कुछ नगर पंचायतों और नगर परिषदों में अलग-अलग कूड़ा इकट्ठा नहीं हो पा रहा।

सरकार योजनाएं तो चलाती है, लेकिन धरातल पर उन लोगों तक वह कैसे और किस तरह पहुंच रही है जबकि यूजर शुल्क अर्बन क्षेत्रों में मोटे तौर पर लिए जा रहे हैं तो सुविधाएं लोगों को वैसी मिलनी चाहिए। इसको लेकर यह टीम भी बाकायदा जानकारी लेकर लोगों के आधार पर रिपोर्ट में शामिल करेगी।



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नप अधिकारियों और नुमाइंदों से जानकारी लेते एक्सपर्ट टीम के मेंबर।


Source From
RACHNA SAROVAR
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