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रावण के पुतले सिर्फ 10 फीट के होंगे, ढोल-धुमाल की नहीं होगी अनुमति, दर्शकों के लिए कर सकेंगे ऑनलाइन प्रसारण

हर वर्ष दशहरा उत्सव समितियां 80 से 100 फीट तक रावण का पुतला दहन करती थीं। वहीं इस बार प्रशासन ने सभी पुतलों की ऊंचाई 10 फीट तक निर्धारित की है। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच मैदानों में होने वाले दशहरा उत्सव में इस बार दर्शक दीर्घा नहीं होगी। साथ ही इसके लिए दशहरा उत्सव समितियां दर्शकों के लिए उत्सव का प्रसारण सोशल मीडिया के माध्यम से कर सकती हैं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए वर्तमान परिदृश्य में बड़े आयोजन संभव नहीं है।
दशहरा पर्व मनाने एडीएम विनीत नंदनवार ने समितियों के लिए 22 बिंदुओं पर गाइडलाइन जारी की है। तीन दिन पहले ही पुलिस कंट्रोल रूम में एडीएम और एएसपी ने समितियों की बैठक लेकर उनसे लिखित विचार मांगे थे, जिसके आधार पर रावण का पुतला दहन करने के संबंध निर्देश जारी किए गए है। इसमें कोई भी समिति को पुतले को 10 फीट से अधिक ऊंचा नहीं रख सकती है। साथ ही पुतला दहन किसी बस्ती या रहवासी इलाकों में नहीं किया जा सकता, केवल खुले स्थान पर ही पुतला जलाया जाएगा। दशहरा उत्सव के दौरान समिति के पदाधिकारी समेत किसी भी हाल में 50 से ज्यादा व्यक्ति शामिल नहीं होंगे। आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। अनावश्यक भीड़ न हो, इसकी जिम्मेदारी आयोजक समिति की होगी। समितियों को दर्शकों तक यह संदेश पहले की पहुंचाना हाेगा कि कार्यक्रम का आयोजन सीमित स्वरूप में किया जा रहा है। आयोजन स्थल के लिए पहले आओ पहले पाओ की नीति के तहत प्राथमिकता दी जाएगी। सभी शर्ताें के अधीन 10 दिन पहले ही नगर निगम के जोन कार्यालय में आवेदन करना होगा और अनुमति मिलने के बाद ही पुतला दहन किया जा सकेगा।

खास बिंदु, इनका पालन करना अनिवार्य

> दर्शकों के लिए रावण दहन के दौरान ऑनलाइन प्रसारण की व्यवस्था की जा सकती है।
> पुतला दहन के दौरान समितियों को वीडियोग्राफी कराना होगा।
> आयोजन में आने वाले सभी सदस्यों का रजिस्टर में नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करेगी।
> मैदान परिसर में 4 सीसीटीवी लगाना होगा, ताकि संक्रमित होने पर आसानी से ट्रेस किया जा सके।
> सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वागत, भंडारा, प्रसाद वितरण, पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी।
> सभी सदस्यों को मास्क और सेनिटाइजर के उपयोग के साथ सोशल डिस्टेंसिंग रखनी होगी।
> रावण दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में अनिवार्य रूप से बेरिकेटिंग कराना होगा।
> ढोल-धुमाल, डीजे और बैंड बजाने व किसी भी तरह का साज-सज्जा की अनुमति नहीं होगी।
> पुतला दहन के दौरान कोई व्यक्ति कोरोना संक्रमित होता है तो इलाज का खर्च समिति को उठाना होगा।
> एक आयोजन स्थल से दूसरे आयोजन स्थल के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी होगी।

समिति को करनी होगी यह व्यवस्था
अनुमति के बाद समिति को सेनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैंडवाश व क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था करनी होगी। स्क्रीनिंग के दौरान किसी को बुखार या कोरोना के सामान लक्षण पाए जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने का जिम्मा समिति का होगा। साथ ही फायर ब्रिगेड या फायर एक्सटिंग वीशर की व्यवस्था करनी होगी। आयोजन के दौरान ट्रैफिक बाधित न हो यह सुनिश्चित करना होगा। वहीं एनजीटी व शासन के द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम, भारत सरकार, सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशाें का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।

"वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए दशहरा उत्सव के लिए 22 बिंदुओं पर गाइडलाइन जारी की गई है। बढ़ते कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए समितियों के लिए नियमावली बनाई गई है, जिसका पालन कार्यक्रम के दौरान समितियों को करना होगा।"
- विनीत नंदनवार, एडीएम, रायपुर



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फाइल फोटो।


Source From
RACHNA SAROVAR
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