मंदिरों के बाहर नवरात्रों में अबकी बार दुकानें नहीं लगेंगी। नवरात्र 17 अक्टूबर सें शुरू होंगे। लोग मंदिरों में न तो प्रसाद और न ही चुन्नी चढ़ा पाएंगे। हवन, मुंडन और कन्या पूजन आदि पर भी पाबंदी रहेगी। नवरात्रों में मंदिरों में होने वाली व्यवस्था को लेकर शिमला में हुई बैठक में यह निर्देश जारी किए गए।
डीसी शिमला अमित कश्यप की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि मंदिरों को बंद करने की अवधि भी इस दौरान आधा से एक घंटा बढ़ाई जाएगी ताकि लोग आराम से मंदिरों में पूजा अर्चना कर सकें और इनमें भीड़ न हो। मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आनॅलाइन आरती व्यवस्था की जाएगी।
नवरात्रों में अबकी बार जाखू, तारा देवी, संकटमोचन और कालीबाड़ी मंदिर के समीप दुकानें नहीं लगेंगे। मंदिरों के पास भीड़ न हो, इसके चलते प्रशासन ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। आम तौर पर मंदिरों के बाहर दुकानें लगी रही थी हैं जिसमें प्रसाद व अन्य सामग्री रहती है। लेकिन अबकी बार ये दुकानें नहीं लगेंगी।
मंदिर परिसर और इसके बाहर श्रद्धालुओं के लिए उचित दूरी बनाए रखने के लिए गोलों की व्यवस्था की जाएगी ताकि भीड़ न लगे।नवरात्रों के दौरान श्रद्धालु मंदिरों में किसी प्रकार का प्रसाद व चुन्नी नहीं चढ़ा सकेंगे।
वहीं मूर्तियों को छूना, टीका लगाना और हवन, मुंडन और कन्या पूजन आदि पर भी पाबंदी रहेगी। श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश व निकासी के लिए मंदिरों को अलग-अलग व्यवस्था करनी होगी और इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के साथ ही मास्क का इस्तेमाल करना भी जरूरी होगा।
मंदिर में दाखिल होने से पहले होगी थर्मल स्कैनिंग
सभी मंदिरों में दाखिल होने से पहले श्रद्धालुओं की थर्मल स्कैनिंग होगी। सभी मंदिरों के गेट पर इसकी व्यवस्था की जाएगी। अगर जांच में किसी व्यक्ति का तापमान ज्यादा पाया जाता है तो उसको मंदिर परिसरों में बनाए गए आइसोलेशन रूम में रखा जाएगा।
इसके बाद उसकी कोविड जांच की जाएगी और कोविड पाॅजिटिव पाए जाने पर श्रद्धालु को क्वारेंटाइन सेंटर भेजा जाएगा। मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।
सोशल डिस्टेंसिंग का भी रखना होगा ध्यान
डीसी अमित कश्यप कहा है कि नवरात्रों में सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने, मास्क का उपयोग करने और हाथों को धोने अथवा सेनेटाइज करने की अनिवार्यता का धार्मिक स्थलों में सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदिर कमेटियां परिसर में स्कैनर नल और साबुन के लिए फूट पैडल हैंड वाॅश की व्यवस्था करेंगी।
इसके साथ ही एसडीएम और मंदिर न्यासी लोगों को कोविड संक्रमण से बचाव के बारे जागरूक करने के लिए होर्डिंग्स लगाने, पैंफ्लेट्स बांटने और माध्यमों सहारा लेंगे। बैठक में एडीसी अपूर्व देवगन, एडीएम प्रभा राजीव, आयुक्त (उपायुक्त) डा. पूनम, एडिशनल एसपी सुशील शर्मा, जिला के सभी एसडीएम, मंदिरों के न्यासी एवं सदस्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सेथर्मल स्कैनिंग में किसी को बुखार हुआ तो रखेंगे आइसोलेशन पर
मंदिरों को सुबह और शाम को सेनेटाइजेशन करने के साथ ही दिन में भी दो बार सेनेटाइज करना जरूरी होगा। वहीं मंदिरों में प्रवेश थर्मल स्कैनिंग के बाद ही दिया जाएगा। अगर किसी में बुखार पाया गया तो उसको मंदिर में ही आइसोलेशन में रखा जाएगा और उसका टेस्ट लिया जाएगा।
मंदिर कमेटियां श्रद्धालुओं के जूते आदि खोलने और बिना छुए उनकी उचित व्यवस्था के लिए पूरे इंतजाम करेंगे। यही नहीं मंदिरों में रखने वाले दान पात्र सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखे जाएंगे और वे तीन दिन बाद खोले जाएंगे। इनमें नकदी की गिनती व बंडलों की पैकिंग विशेष सेनेटाइजेशन व्यवस्था के तहत की जाएगी। नवरात्रों के दौरान मंदिर कमेटियों को अतिरिक्त दान पात्रों की व्यवस्था भी करनी होगी ताकि लोगों को असुविधा न हो।
तारादेवी मंदिर के लिए चलेंगी एचआरटीसी की बसें
नवरात्रों के दौरान एचआरटीसी की बसें बस स्टैंड और आनंदपुर बाइफरकेशन से तारादेवी मंदिर तक आएंगी। मंदिर के लिए पार्किंग व्यवस्था आनंदपुर सड़क पर की जाएगी। मंदिर जाने वाली बसों को दिन में चार बार सेनेटाइज किया जाएगा।
बसों में भीड़ न जमा होने और बसों में कोई खड़ा न हो, यह पुलिस और अन्य अधिकारी सुनिश्चित करेंगे। नवरात्रों के दौरान मंदिर परिसर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिस, एचआरटीसी और अन्य कर्मचारियों के खाने व पीने की व्यवस्था मंदिर कमेटी द्वारा की जाएगी।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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