प्रदेश में शनिवार काे कोरोना के 1571 नए संक्रमितों की पहचान की गई है। इस दौरान 22 मरीजों की मौत भी हुई है। इसमें राजधानी की एक मौत भी शामिल है। छत्तीसगढ़ में ठीक होने वाले मरीजों की दर 87.1 फीसदी पर बनी हुई है। विशेषज्ञ फिलहाल इसे राहत की मान रहे हैं। केस कम होने के साथ ही अस्पताल और घर में इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या भी लगातार घट रही है। इससे एक्टिव मरीजों की दर अब 11.7 प्रतिशत पहुंच गई है।
इस हफ्ते की शुरुआत में कोरोना जांच को लेकर जो चुनौती हेल्थ विभाग के सामने आई, अब उसमें भी सुधार देखा जा रहा है। पिछले सात दिन में 22,921 के औसत से कोरोना संदिग्धों की जांच हुई है। केवल एक नंवबर को पूरे प्रदेश में सबसे कम 17,979 सैंपल जांचे गए। इसके बाद से 22 हजार के औसत से कोरोना जांच चल रही है। हेल्थ विभाग के नए निर्देशों के मुताबिक अब सर्वे पर और ज्यादा फोकस बढ़ाया जा रहा है।
दरअसल, कोरोना संदिग्धों की पहचान में हो रही देरी के कारण ही प्रदेश में मौत के आंकड़ों में बढ़ोतरी देखी गई। इसको दूर करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग के बड़े अफसर हर जिलों में स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वे के कामकाज को खुद जाकर देखेंगे, जिन जिलों में कमियां पाई गई है, उन्हें इसमें सुधार करने के लिए भी कहा गया है।
पॉजिटिव के संपर्क में आएं हैं तो खुद से जांच जरूर करवाएं
हेल्थ विभाग उन सभी लोगों की जांच पर फिर से जोर रहा है, जो किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं। अक्टूबर के महीने में पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले संदिग्धों ने न के बराबर जांच करवाई है। स्वास्थ्य विभाग के मीडिया इंचार्ज डॉक्टर सुभाष पांडे के मुताबिक कोई भी ऐसा व्यक्ति जो किसी कोरोना मरीज के संपर्क में आया है, उसे किसी तरह का लक्षण न हो तो भी कोरोना जांच जरूर करवाए, क्योंकि इससे संक्रमण होने की स्थिति में जल्दी ठीक होने की संभावनाएं बहुत अधिक बढ़ जाती है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment