(राकेश पुरोहितवार) टीएमबीयू की वाणिज्य की परीक्षा का प्रश्न-पत्र लीक होने के मामले की जांच विवि की कमेटी ने भी की थी। प्रतिकुलपति रामयतन यादव के नेतृत्व में बनी तीन सदस्यीय कमेटी ने 5 बिंदुओं पर सवाल उठाया था। विवि की जांच कमेटी की रिपोर्ट और उठाए गए सवाल को पुलिस ने भी अहम माना है।
7 जुलाई 2019 को बीआरएम कॉलेज मुंगेर की प्रिंसिपल सह केंद्राधीक्षक डाॅ. अनिता प्रसाद से प्रतिकुलपति कक्ष में प्रोवीसी की मौजूदगी में पूछताछ हुई थी, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि ये गलतियां उनके कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक डाॅ. यूएन राय के स्तर से हुई है।
प्राचार्य की गिरफ्तारी पर कोर्ट से लगी है रोक
विवि की जांच कमेटी यह मानती है कि विवि द्वारा सुचारु रूप से परीक्षा के संचालन की पूरी जिम्मेदारी केंद्राधीक्षक की होती है। केस की नामजद आरोपी बीआरएम कॉलेज मुंगेर की प्रिंसिपल सह केंद्राधीक्षक डॉ. अनिता प्रसाद के खिलाफ कोर्ट ने अगले आदेश तक गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है।
विवि कमेटी की जांच कमेटी के ये हैं निष्कर्ष
1. मारवाड़ी काॅलेज के पूर्व शिक्षक डॉ. डीएन साह ने प्रश्न-पत्र सेट कर काॅलेज के विभागाध्यक्ष प्रो. पवन कुमार पोद्दार को दो प्रति (प्रेस कॉपी और ऑफिस कॉपी) में दी थी। जांच में पाया कि ऑफिस कॉपी फोटो स्टेट था।
2. मोडेरेशन स्तर पर कोई गलती जांच कमेटी ने नहीं पाई। मोडेरेशन बोर्ड के सदस्य ने मोडरेट करने के बाद उसी दिन परीक्षा विभाग प्रश्नपत्र दे दिया था।
3. परीक्षा विभाग में प्रश्न-पत्र की ऑफिस कॉपी जांच कमेटी ने सील पाई थी। जिसे कुलपति, प्रतिकुलपति, विभागाध्यक्ष व परीक्षा नियंत्रक की उपस्थिति में खोला गया था।
4. परीक्षा विभाग द्वारा प्रेस से कुल तीन हजार प्रश्न-पत्र प्राप्त किया गया था। परीक्षा विभाग में जो बचे प्रश्न-पत्र थे, वे पूर्णत: सील थे।
5. विभिन्न परीक्षा केंद्रों से जो प्रश्न-पत्र के पैकेट वापस लाए गए थे, उन प्रश्न-पत्रों में बीआरएम कॉलेज मुंगेर का एक पैकेट पूर्णत: फटा हुआ पाया था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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