भागलपुर के करीब पांच सौ रेलकर्मियों को रात्रि भत्ता के करीब 75 लाख रुपए वापस करने होंगे। रेलवे बोर्ड ने मालदा डिवीजन को वसूली करने के निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड के आदेश के बाद भागलपुर में तैनात रेल कर्मचारियों में खलबली मच गई है। रेलकर्मी बोर्ड के इस फैसले को गलत बताकर आदेश की वापसी की मांग कर रहे हैं।
इस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन (इरमू) ने बोर्ड के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। इरमू के शाखा सचिव आरके सिंह ने बताया कि ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन (एआईआरएफ) के जनरल सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने रेल मंत्रालय को फैसले को वापस लेने का अनुरोध किया है।
यदि बोर्ड आदेश वापस नहीं लेता है तो पूरे देश में कर्मचारी संगठन फिर से चक्का जाम कर देंगे। जरूरत पड़ी तो कोर्ट का सहारा लेंगे। क्योंकि काम पहले लिया गया, आदेश बाद में जारी किया गया। इरमू के जिला सचिव ने बताया कि इस फैसले के बाद एक कर्मचारी को करीब डेढ़ लाख रुपये वापस करने होंगे। कर्मचारी यह रकम कहां से वापस करेगा, यह बड़ा सवाल है। इसलिए हमलोग विरोध कर रहे हैं।
43,600 रु. बेसिक होल्डर को जुलाई 2017 से भत्ता मना था रेलवे द्वारा रात्रि ड्यूटी करने वाले रेल कर्मचारियों को रात्रि भत्ता मिलता है। रेलवे बोर्ड ने 2017 में फैसला किया था कि जिस रेल कर्मचारी की बेसिक 43 हजार 600 रुपये से ज्यादा है, उसे अब रात्रि भत्ता नहीं मिलेगा। बोर्ड ने एक जुलाई 2017 से इस फैसले को लागू करने की बात कही थी। इसके बावजूद कर्मचारियों को भत्ते का भुगतान हो रहा था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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