जिले में 22 माह में ही जमीन विवाद के 16073 मामले दर्ज हो गए। यह जानकारी शहर विधायक शैलेष पांडेय के विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल ने दी। विधायक शैलेष पांडेय ने विधानसभा में पूछा था कि 1 जनवरी से 2019 से 30 नवंबर 2020 तक कितने जमीन विवाद के मामले दर्ज हुए और कितने मामलों का निपटारा हुआ।
इनमें 12182 मामलों का निपटारा हो चुका है। 23 मार्च से हुए लॉकडाउन के बाद राजस्व मामलों में सीमांकन, नामांतरण, रिकार्ड दुरुस्ती, खाता बंटवारा के मामलों की पेंडेंसी इतनी बढ़ी कि वह अब तक पटरी पर नहीं आ पाई है। पिछले दिनों विधायक शैलेष पांडेय ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण भी किया था।
एसडीएम देवेंद्र पटेल के साथ
काफी देर तक हुई चर्चा में वे राजस्व मामलों के निपटारों की बात करते रहे। तहसील निरीक्षण के दौरान आम लोगों को होने वाली समस्याओं और जटिल प्रक्रिया पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अफसरों को आने वाले जरूरतमंदों को अधिक सुविधाएं देने की भी बात कही थी।
निपटारों में लगातार आती गईं अड़चनें
लॉकडाउन के दौरान से आने वाली अड़चनों की वजह से नामांतरण और सीमांकन मामले लगातार बढ़ते गए। अफसरों के कोविड ड्यूटी में व्यस्त होने की वजह से मामले लगातार बढ़ते गए। आम लोग पहले ही कोविड से परेशान थे ऊपर से राजस्व मामलों में बढ़ती तारीखों ने उन्हें और भी परेशान कर दिया। ऐसी कई शिकायतें भी शहर विधायक के पास पहुंची थीं। इसके बाद ही वे तहसील कार्यालय निरीक्षण करने पहुंचे थे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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