माकपा के वरिष्ठ नेता और ठियोग के विधायक राकेश सिंघा ने हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र को टालने के सरकार के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है। बुधवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वैसे तो प्रदेश सरकार को पहले ही विधानसभा सत्र नहीं बुलाना चाहिए था, लेकिन जब कैबिनेट के फैसले के बाद विधानसभा सत्र की राज्यपाल ने अधिसूचना भी जारी कर दी थी उसके बाद विधानसभा सत्र को स्थगित करना तर्कसंगत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सर्वदलीय बैठक में फैसला किया गया था कि विधानसभा सत्र बुलाने के लिए सुझाव मांगे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए सरकार ने कोरोना के आगे हथियार डाल दिए हैं और वह कोरोना से लड़ना नहीं चाहती, इसीलिए विधान सभा सत्र स्थगित कर दिया है।
उनका कहना है कि मुख्यमंत्री कोरोना से अकेले नहीं लड़ सकते, कैबिनेट अकेले नहीं लड़ सकती बल्कि 71 लाख जनता मिलकर कोरोना से लड़ सकती है। प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों जनमंच कार्यक्रम का आयोजन किया था। इससे पहले भाजपा नेताओं की रैलियों का आयोजन भी किया था जिसमे बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया था।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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