प्रदेश में जिन कर्मचारियाें की मृत्यु हाे गई या जाे कर्मचारी पद से सेवानिवृत हाे गए है उन्हेंं और उनके परिवार वालाें काे सरकार न्यू पेंशन स्कीम(एनपीएस) के तहत ग्रेच्युटी का लाभ देगी। एनपीएस के तहत डेथ और रिटायर्ड ग्रेच्युटी का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा जाे 2003 से लेकर 2017 के बीच में रिटायर हुए हैं या जिनकी मृत्यु 2003 से लेकर 2017 के बीच में हुई है।
वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं, इससे करीब 5500 परिवारों काे ये वित्तीय लाभ मिलेगा। हालांकि इससे सरकार के खजाने पर 100 कराेड़ रुपए का अतिरिक्त बाेझ पड़ेगा लेकिन 14 साल से ग्रेच्युटी मिलने का इंतजार कर रहे लाेगाें काे सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार के इस फैसले से प्रत्येक परिवार काे 10 लाख रुपए तक की वित्तीय लाभ दिया जाएगा।
सरकार ने 2003 में बंद कर दिया था ग्रेच्युटी देना
राज्य सरकार ने न्यू पेंशन स्कीम के तहत लगे कर्मचारियाें काे 2003 से ग्रेच्युटी का लाभ देने बंद कर दिया था, जाे 2017 तक जारी रहा। इस बीच सरकार ने 2017 के बाद लगे कर्मचारियाें काे ग्रेच्युटी का लाभ देना शुरू कर दिया था। 2003 से 2017 के बीच लगे कर्मचारियाें काे इस लाभ से 14 साल तक वंचित रखा गया।
हिमाचल प्रदेश सचिवालय कर्मचारी संघ और न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी संघ ने मिलकर सरकार के समक्ष इस भेदभाव काे खत्म कर इस अवधि में रिटायर हुए कर्मचारियाें और मृतक कर्मचारियाें के परिवार काे डेथ और रिटायर ग्रेच्युटी दिए जाने की मांग की।
सरकार ने दाेनाें संघाें की इस मांग काे मानते हुए इस अवधि में रिटायर हुए कर्मचारियाें और मृतक कर्मचारियाें के परिवार काे ग्रेच्युटी देने के आदेश शुक्रवार को जारी कर दिए हैं। सचिवालय कर्मचारी संघ के प्रधान संजीव शर्मा ने सरकार के इस फैसले का स्वागत कर कहा कि वह और एनपीएस कर्मचारी संघ अपनी इस मांग काे लेकर कई बार मुख्यमंत्री से भी मिले थे। उन्हाेंने इस मांग काे मानने का आश्वासन दिया था, इसे अब पूरा कर दिया गया है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment