देश में अपनी तरह का पहला फैसला:नाबालिग दंपती के गुनाह की सजा 4 माह का मासूम न भुगते, इसलिए जज ने सबूत रहते आरोपी पिता को किया बरी, बोले-3 जिंदगियों का सवाल था
बिहारशरीफ कोर्ट ने कानूनी की जगह सामाजिक व मानवीय पहलू का रखा ध्यान,जज ने कहा- यह केस अपवाद है, दूसरे मामलों में यह फैसला नजीर नहीं बनेगा
Post a Comment