तीसरी लहर से बच्चों को डराना नहीं, बचाना है:दो अस्पताल ,कहीं भी बच्चों के लिए वेंटिलेटर नहीं, आईसीयू में सिर्फ 8 ही बेड, ऐसी तैयारियों से तीसरी लहर में निपटना मुश्किल
बच्चों के लिए कोई भी डेडिकेटेड अस्पताल नहीं, सरकारी दो, सदर में आईसीयू तक नहीं,मायागंज की एनआईसीयू में 36 बेड, गांवों में हालत बदतर, किए जाते हैं सिर्फ रेफर
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