प्रदेश में दो नई मौतें होने से मौतों का आंकड़ा अब 19 हो गया। चंबा में अस्पताल में 48 साल के व्यक्ति की मौत हुई है, वह कोरोना के साथ साथ निमोनिया और शुगर का भी मरीज था। वहीं डलहौजी की रहने वाली 48 वर्षीय मृतक महिला को गंभीर हालत में इलाज के लिए मंगलवार सुबह टांडा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया था। सैंपल लेने के बाद उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। इसके बाद उसे मंगलवार शाम को धर्मशाला कोविड अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।
बुधवार सुबह महिला की मौत हो गई। वहीं प्रदेश में बुधवार को काेराेना संक्रमण के 176 नए मामले सामने आए हैं। इसमें बिलासपुर में 28, चंबा में 12, कांगड़ा में 16, कुल्लू में 5, मंडी में 21, शिमला में 5, सिरमाैर में 21 , साेलन में 51, किन्नौर में 10और ऊना में 3 मामले हैं। अब प्रदेश में संक्रमितों का कुल आंकड़ा बढ़ कर 4411 पहुंच गया है। इसमें 1154 सक्रिय मामले हैं। 2992 मरीज ठीक हो चुके हैं। बुधवार शाम पांच बजे की रिपोर्ट के मुताबिक 28 और मरीज ठीक हो गए हैं। राज्य में 19 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
40 मरीज राज्य के बाहर चले गए हैं। मंडी जिले में कोरोना संक्रमण के 21 नए मामले आए हैं। सभी संक्रमित बलद्वाड़ा क्षेत्र के हैं,जो पहले के संक्रमितों के प्राथमिक संपर्क बताए जा रहे हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी का एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। ट्रैवल हिस्ट्री चंडीगढ़ की बताई जा रही है।
याचिका: सरकार के उपाय नाकाफी; हाईकोर्ट ने कोविड मरीजों से संबंधित अस्पतालों के निरीक्षण के लिए बनी कमेटी का ब्यौरा किया तलब
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को उस समिति के सदस्यों के विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोविड संक्रमित मरीजों के लिए अधिकृत सरकारी और अन्य अस्पतालों के निरीक्षण, पर्यवेक्षण और मार्गदर्शन के लिए गठित की गई है।
मुख्य न्यायाधीश लिंगप्पा नारायण स्वामी व न्यायाधीश अनूप चिटकारा की खंडपीठ ने ये आदेश वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश्वर सिंह चंदेल की याचिका पर सुनवाई के बाद दिए। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार की ओर से कोविड -19 महामारी के रोकथाम के लिए उठाए जा रहे उपाय नाकाफी हैं। याचिका में स्थिति को संभालने के लिए विभिन्न उपाय भी सुझाए गए हैं। प्रार्थी ने संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों को जरूरी उपायों को लागू करने और न्यायालय को इस आशय की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देने की मांग की है।
राज्य में कोविड 19 के संबंध में तेजी से विकसित होने वाली स्थिति पर नजर रखने के लिए डॉक्टरों और अधिकारियों की विशेषज्ञ समिति की नियुक्ति करने की मांग भी की है। मामले पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने सर्वोच्च न्यायालय के 19 जून, 2020 को पारित आदेश की प्रति सौंपी, जिसमें कोरोना रोगियों के समुचित इलाज और अस्पतालों में शवों की गरिमापूर्ण हैंडलिंग के संबंध में निर्देश पारित किए गए हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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