यही अभी के दौर में अगस्त की मास्क क्रांति है। जिस तरह अगस्त क्रांति में बिहार के लोग अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हुए थे, ठीक उसी तरह सामाजिक कार्यकर्ता व सीए प्रभाष झा कोरोना काल में लोगों के लिए आगे आए हैं। उन्हाेंने घर-घर जाकर मास्क बांटने का काम शुरू किया। अबतक 70 हजार से ज्यादा मास्क बांट चुके हैं। लक्ष्य एक लाख मास्क बांटने का है।
काेराेना के खिलाफ इस युद्ध में उनकी पूरी टीम काम कर रही है। ये सभी जरूरतमदों और गरीबाें तक रीयूजेबल मास्क पहुंचा रहे हैं। प्रभाष ने बताया कि काेराेना के विरुद्ध हम आमजनाें का खड़ा हाेना बहुत जरूरी है। तीन साल पहले मल्टीनेशनल कंपनी में 40 लाख की सालाना कमाई छाेड़ कर दलित एवं महादलित समुदाय के हजारों बच्चों को अपने सात केंद्राें में रोज शिक्षादान भी दे रहे हैं।
प्रभाष झा ने कहा- समाज के प्रति जिम्मेदार होना जरूरी
प्रभाष ने बताया कि संकट के इस दौर में सबको साथ मिलकर लड़ना है। कोरोना को तो खत्म होना ही है लेकिन एक सवाल तो रहेगा कि इस दौर में हमने समाज के लिए क्या किया? बस इसी सोच के साथ मैंने एक लाख मास्क बांटने का काम शुरू किया। मधुबनी, पटना, सुपाैल, दरभंगा जिले से इसकी शुरुआत की।
आमजन को जागरूक करना सराहनीय
पद्मश्री डॉ. मानस बिहारी वर्मा ने कहा कि प्रभाष की नमामि मिथिला फाउंडेशन ने मास्क के प्रति जागरूक करने का भी काम किया है।
काेराेना वॉरियर्स के रूप में कर रहे काम
बिहार सरकार में विशेष सचिव वरिष्ठ आईएएस प्रदीप झा ने कहा कि प्रभाष की टीम 3 वर्षों से समाज निर्माण में तत्पर है। आईपीएस मनु महाराज ने कहा कि कोरोना वाॅरियर्स के रूप में काम प्रशंसनीय है।
आज मास्क और दो गज की दूरी ही हथियार
हिमाचल के पूर्व मुख्य सचिव व वर्तमान में रेरा के चेयरमैन श्रीकांत बल्दी ने कहा कि आज मास्क व दो गज की दूरी यही दो हथियार हैं जिससे हम काेरोना संकट से लड़ सकते हैं।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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