कोरोना संक्रमण के बीच शुरु हो रहे मानसून सत्र में विधानसभा के भीतर सबकुछ बदला हुआ नजर आएगा। इस बार परिसर में विधायक अकेले तो मंत्री अपने एक सहायक के साथ ही भीतर जा पाएंगे, वहीं सदन में प्रवेश के पहले उन्हें कई तरह की जांच से होकर गुजरना होगा। इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत करने काढ़ा पिलाया जाएगा। सदन के भीतर फिजिकल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने हर साेफे के बीच में कांच का पार्टीशन किया गया है। वहीं 90 सदस्यों के लिए 11 अतिरिक्त कुर्सियां भी लगाई गई हैं। सभी सदस्यों को स्वास्थ्य जांच के लिए एक हेल्थ किट भी दिया जाएगा। रोज सदन का सैनेटाइजेशन कराया जाएगा तथा सदस्यों का टेम्प्रेचर एवं आक्सीजन लेवल भी चेक किया जाएगा। स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने सोमवार को तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मुख्य सभा भवन व मुख्य समिति कक्ष में एंटी बैक्टेरियल सरफेस कोटिंग करायी जा रही है। सचिवालय के वही अधिकारी-कर्मचारी आएंगे जिनका काम से रोज आना जरूरी है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था पर जितने भी पुलिसकर्मियों के लिए विधानसभा में रहने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान प्रमुख सचिव चंद्रशेखर गंगराड़े मौजूद थे।
किसान, कोरोना व कानून व्यवस्था पर स्थगन प्रस्ताव लाएगी भाजपा, आज बैठक में बनाएंगे रणनीति
मानसून सत्र में कल बुधवार से हंगामा बरपेगा। भाजपा किसान, कोरोना और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर स्थगन प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस संबंध में रणनीति बनाने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के विधानसभा स्थित कक्ष में मंगलवार को बैठक होगी, जबकि सीएम हाउस में रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक होगी। भाजपा के 14 विधायक हैं। विधायक दल की बैठक में अलग-अलग विषयों की शुरुआत करने के लिए जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। भाजपा लगातार किसानों को दो साल का बोनस नहीं देने और बोनस की राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठा रही कोरोना संक्रमण में वृद्धि के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही है। इन सब मुद्दों पर काम रोको प्रस्ताव लाकर भाजपा सरकार को घेरेगी। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सत्र में चर्चा के लिए चार दिनों का समय कम है, लेकिन जनहित के ज्वलंत सवाल अधिक हैं। इन्हें विपक्ष मजबूती के साथ सदन में उठाएगा। कोरोना को लेकर पूरे प्रदेश में जो वातावरण है, उसके लिए प्रदेश की सरकार जिम्मेदार है। कांग्रेस सरकार कोरोना के नियंत्रण के लिए कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठा रही है।
निजी स्कूलों में फीस तय करने कानून: पांडेय
सत्र के दौरान सरकार निजी स्कूलों में फीस निर्धारण के लिए विनियामक आयोग बनाने के लिए विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा। कांग्रेस विधायक शैलेष पांडेय ने पालकों की तकलीफ को समझते हुए 2019 में स्कूलों में प्रवेश के समय स्कूल शिक्षामंत्री डा.प्रेमसाय सिंह टेकाम को इसके लिए आयोग या कानून बनाने का प्रस्ताव दिया था। जिस पर कैबिनेट ने भी गंभीरता से विचार किया और इस सत्र में इसे लाकर कानून के रुप में सामने लाया जा रहा है। पांडेय ने बताया कि इससे लाखों पालकों को राहत मिलेगी। नए सहकारी बैंकों, पूर्व एवं वर्तमान विधायकों का यात्रा भत्ता बढ़ाने, बस्तर विवि का नामकरण, आयोगों में सदस्य संख्या बढ़ाने जैसे विधेयक भी आएंगे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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