स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही बयानबाजी पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि वे पार्टी को नेतृत्व प्रदान कर मार्गदर्शन करतीं रहें। यदि स्वास्थ्यगत या किसी अन्य कारणों से आप ये नहीं करना चाहतीं तो राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि मैं पार्टी अनुक्रम में काफी निचले क्रम में आता हूं इस पर मेरा बोलना उचित नहीं है फिर भी मैं अपने आपको रोक नहीं पा रहा हूं। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा कि गांधी परिवार से हटकर कांग्रेस के बारे में सोचेंगे तो पार्टी और कमजोर हो जाएगी। देश में नरेन्द्र मोदी का कोई विकल्प अगर हो सकते हैं तो वे केवल राहुल गांधी ही हो सकते हैं। उपाध्याय ने कहा मोदी हर बार कहते हैं कि वे कांग्रेस मुक्त भारत चाहते हैं, लेकिन उनका इशारा गांधी परिवार मुक्त कांग्रेस की ओर होता है। मोदी कांग्रेस से नहीं बल्कि गांधी परिवार के मजबूत नेतृत्व क्षमता से ज्यादा डरते हैं। संचार प्रमुख शैलेष त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी पर भरोसे का मतलब सबकी खुशहाली है। लिस्ट बहुत लंबी है। यदि रमन सिंह चाहें तो उन्हें पूरी सूची उपलब्ध करा देंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने राहुल गांधी के साथ ही कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। रमन ने कहा है कि राहुल गांधी पर भरोसे का मतलब वादाखिलाफी और भ्रष्टाचार है। कांग्रेसी वर्किंग कमेटी की बैठक से पहले रमन ने सोमवार को सुबह ट्वीट कर छत्तीसगढ़ सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। रमन ने कहा कि राज्य में अब तक न तो शराबबंदी हुई, न ही बेरोजगारों को रोजगार मिला। अब तक बेरोजगारी भत्ता भी नहीं दिया जा रहा है। नियमितीकरण का वादा भी अधूरा है। धान का दो साल का बोनस अब तक नहीं दिया गया। दूसरी ओर, भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कटाक्ष किया है कि कांग्रेसी जिसे अपना अध्यक्ष बनाएंगे, यकीनन वह जमानत पर बाहर घूम रही कोई चार्जशीटेड शख्सियत होगी। पूरे देश को पता है कि चार्जशीटेड शख्सियत कौन है। कांग्रेस की नियति ही यही हो चली है कि वह कूपमंडूक की तरह एक परिवार के खूंटे से बंधी रहे। कांग्रेस में चिट्ठीबाजी की तमाम कवायद का कुल जमा सार अंतत: यही निकलना है कि एक चार्जशीटेड की अनुशंसा पर एक चार्जशीटेड को एक चार्जशीटेड द्वारा कांग्रेस का अध्यक्ष पद सौंपा जा रहा है।
साय ने कहा कि आर्थिक घोटालों में चार्जशीटेड लोगों के नेतृत्व में काम करने के लिए रिरियाते लोगों को भाजपा पर कोई टिप्पणी करना शोभा नहीं देता। देश जानता है कि किस तरह यूपीए के शासनकाल में राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित होकर भाजपा नेताओं को झूठे आरोप मढ़कर परेशान और प्रताड़ित करने का सिलसिला चलाया गया था। अग्निपरीक्षा के उस दौर से खरा निकलकर भाजपा के नेताओं ने अपनी सत्यनिष्ठा और प्रामाणिकता सिद्ध की। घूसखोर और तड़ीपार कहकर प्रदेश कांग्रेस चरित्र हनन की जो राजनीति इन दिनों कर रही है, उसका कुछ हासिल हाथ आना नहीं है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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