सेनेटाइजर के नाम पर शराब का धंधा करने वाले शातिरों को अब पटना पुलिस तलाशेगी। मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने सरगना रोहन समेत 10 लोगों पर एफआईआर किया है। अभिषेक और मोहन गिरफ्तार हैं। बाकी के आठ लोग और गिरोह के बड़े मोहरे फरार चल रहे हैं।
मामला दिल्ली और बिहार के कई जिले से जुड़ा है। ऐसे में इस मामले की जांच पटना पुलिस भी करेगी। सहायक उत्पाद आयुक्त प्रहलाद भूषण ने कहा कि हमलोग पटना पुलिस के वरीय अधिकारियों को इस संदर्भ में लिखेंगे। यह गिरोह बड़ा है और इस पर पुलिस ही काम करे तो बेहतर होगा। अबतक की कार्रवाई की पूरी जानकारी हमलोग जल्द पटना पुलिस से साझा करेंगे।
पटना, सुपौल, मधेपुरा और सहरसा में भेजी जाती थी शराब की खेप
सरगना रोहन फारबिसगंज का रहने वाला है। वह दिल्ली में ही रहता है और वहां से शराब की खेप भेजता है। कई महीनों से वह यह धंधा कर रहा था। पटना में पूर्णिया का अभिषेक उसे रिसीव करता था और फिर संबंधित जिले में पिकअप से भेज देता था। पूछताछ में पता चला कि पटना के साथ सहरसा, सुपौल, मधेपुरा आदि जिलों में माल जाता था। जिन 10 लोगों पर एफआईआर हुआ है, उनमें पटना के दो वाहन मालिक भी हैं।
कूरियर कंपनी से भी होगी पूछताछ
दिल्ली से सेफ एक्सप्रेस से शराब की खेप पटना भेजी गई थी। जांच टीम का मानना है कि कूरियर कंपनी के कर्मियों को यह पता होगा कि बोरे में सेनेटाइजर की जगह शराब है। इसी कारण आसानी से बड़ी-बड़ी खेप लगातार पटना आ रही थी। इस संबंध में जांच टीम अब कूरियर कंपनी के कर्मियों से भी पूछताछ करेगी। उत्पाद विभाग की टीम ने मालसलामी थाना के करमलीचक से दो शातिरों को पिकअप में लदे शराब के साथ गिरफ्तार किया था। शातिरों ने पुलिस से कहा कि यह सेनेटाइजर है, लेकिन जांच में बोरे में शराब मिली।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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