कुटलैहड़ के कोठियां में चाय और कॉफी की पैदावार के लिए संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इस एरिया में फिर किसानों को चाय व कॉफी की खेती के प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कृषि विभाग और टी-बोर्ड पालमपुर के अधिकारियों को योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस सिलसिले में उनकी कृषि विभाग और टी-बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। कोठियां पहाड़ी इलाका हैं और वहां किसानों के पास कई कनाल भूमि खाली पड़ी है। जो चाय और कॉफी की खेती के लिए उपयुक्त है। साथ ही उक्त एरिया में सिंचाई के लिए पेयजल की कोई कमी नहीं है। कृषि विभाग और टी-बोर्ड पालमपुर के अधिकारियों की टीम जल्द ही कोठियां में संभावनाएं तलाशने के लिए विजिट करेगी। इसके अलावा किसानों को चाय और कॉफी की पैदावार को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग और टी-बोर्ड संयुक्त रूप से कार्यशाला भी लगाएगा। जिसमें कोठियां के किसानों को चाय और कॉफी की खेती के बारे उपयोगी जानकारी दी जाएगी। जिसका मकसद क्षेत्र के किसानों की आमदनी को बढ़ाना है। काबिलेगौर है कि जिला ऊना में चाय और कॉफी की पैदावार के लिए वातावरण अनुकूल है। धर्मशाला महंता में कॉफी का पहले से उत्पादन किया जा रहा है। जिसके सकारात्मक रिजल्ट सामने आ रहे हैं। ऐसे में कुटलैहड़ के कोठिया में चाय और कॉफी की खेती की जा सकती है। क्षेत्र के किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग इनके पौधों व उनकी देखभाल बारे जानकारी मुहैया करवाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment