प्रखंड की सोंगर पंचायत अंतर्गत निस्फी व मिर्जापुर में बड़े पैमाने पर महुआ देसी शराब बनाने के खिलाफ ग्रामीणों की बैठक पूर्व मुखिया मुन्ना सहनी की अध्यक्षता में सलेश स्थान मिर्जापुर में हुई।
इसमें गांव में बड़े पैमाने पर महुआ देसी शराब बनाने और पीने पर रोक लगाने का सामूहिक फैसला लिया गया।
बैठक में कारोबारी को पुलिस प्रशासन से गिरफ्तार कराने,बनाने वाले भठ्ठी को तोड़ने,बनाने व पीनेवाले पर 11000 रुपए जुर्माना करने का सामूहिक निर्णय लिया गया।
बैठक में इस कार्य को करने के लिए 31 सदस्यीय निगरानी कमेटी का गठन भी किया गया। मिर्जापुर वासी रबिन हत्याकांड का तार देसी शराब कारोबार से जुड़ा रहने की चर्चा है।
मृतक रबिन देसी शराब का कारोबार करने वाले की सूची बनाकर ताजपुर पुलिस को देने की बात कह रहा था। बैठक में रबिन की हत्या में संलिप्त नामदज मुख्य आरोपी समेत अन्य 3 को गिरफ्तार करने में ताजपुर पुलिस की शिथिलता पर रोष प्रकट करते हुए अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की गई। गिरफ्तारी नहीं करने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार मिर्जापुर गांव के अधिकांश घरों में देसी शराब का कारोबार होता है। गांव का लालदेव चौक अवैध शराब का कारोबार का अड्डा बन चुका है।
बैठक में मिथिलेश सहनी, मनोज सहनी, नरेन्द्र सिह, सरपंच गौरी राम, ,कुंदन गिरी, जगदीश सहनी, शंभू सहनी, अनिल राम, प्रेम कुमार दास, अजय कुमार सहनी, बब्लू सिंह, पप्पू राय थे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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