चंबाघाट में बंद हुई बागवानी विभाग की मशरूम यूनिट को फिर से यहां शुरू करने की मांग को लेकर उत्पादक किसानों को कांग्रेस का सहारा मिला है। इस मामले को लेकर मशरूम उत्पादक पहले ही गुस्से में है अब कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। यह यूनिट तीन साल पहले फोरलेन की जद में आने की वजह से बंद हुई थी, अब सरकार इसे यहां से मंडी जिला में शिफ्ट करने जा रही है। पार्टी ने इसके अलावा फॉरेस्ट कंजरवेटर ऑफिस को सोलन से शिफ्ट करने का भी विरोध किया है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि इन दोनों संस्थानों को यहां से शिफ्ट किया गया तो आंदोलन होगा।
यह यूनिट परवाणू-शिमला फोरलेन सड़क निर्माण की जद में आने के कारण ताेड़ी गई थी। जो आज तीन साल बीतने के बाद भी फिर से शुरू नहीं की गई है। इससे अधिकतर मशरूम उत्पादकों का भविष्य अधर में लटक गया है।जानकारी के अनुसारइस यूनिट को शुरू करने के लिए वे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले थे जिस पर4.80 करोड़ रुपए मंजूर हुआ और16जुलाई, 2019 को चंबाघाट में नई जगह भूमि पूजन भी हुआ। इसके बावजूद विभागीय सुस्ती के कारण यूनिट निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया।
चंबाघाट की कंपोस्ट यूनिट पांच जिला सोलन,शिमला,किन्नौर,बिलासपुर और सिरमौर के मशरूम उत्पादकों को खाद उपलब्ध करवाती थी। चंबाघाट में यह कंपोस्ट यूनिट1979 में स्थापित हुई थी। इसी यूनिट से देश में मशरूम का उत्पादन शुरू हुआ। इस यूनिट के कारण ही सोलन के आसपास के लोगों ने मशरूम के उत्पादन को अपनाया और अपनी आर्थिकी भी मजबूत की। आज करीब 400 किसान सोलन जिला में मशरूम का उत्पादन करते हैं जो हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले कहीं अधिक है।
सरकार सोलन की पहचान मिटाने में जुटी
कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि अगर यहां की यूनिट में खाद बनना शुरू नहीं हुआ तो सोलन का मशरूम सिटी का तगमा कायम रहना मुश्किल है। यह यूनिट तीन साल पहले फोरलेन सड़क निर्माण के लिए तोड़ी गई थी,लेकिन अब इसे यहां से मंडी शिफ्ट किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार अब तो सोलन की पहचान को मिटाने में ही लग गई है। इसका असर सोलन में मशरूम उत्पादन पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मंडी के विकास के खिलाफ नहीं है लेकिन जिला मंडी में सरकार अलग से मशरूम कंपोस्ट यूनिट स्थापित करें।
कंजरवेटर ऑफिस भी शिफ्ट करने की मंशा
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार में सोलन में जलशक्ति विभाग का सर्किल व फॉरेस्ट कंजरवेटर कार्यालय खोले गए थे। कांग्रेस सरकार के समय में जारी हुई अधिसूचना के अनुसार कंजरवेटर कार्यालय सोलन के अंडर सोलन,नालागढ़, कुनिहार व जिला सिरमौर वन मंडल को शामिल किया जाना था,लेकिन वर्तमान सरकार ने इस कार्यालय के अंडर केवल सोलन व नालागढ़ वन मंडल को शामिल किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार की मंशा शुरू से इस कार्यालय को बंद करने की रही है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment