संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘क्लाइमेट लीडर’ कहा। उसके हाईलेवल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में बिहार सरकार के जल-जीवन-हरियाली अभियान को दुनिया के लिए नजीर बताया गया। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर गुरुवार को यह कांफ्रेंस वर्चुअल मोड में हुआ। इसे नीतीश कुमार के अलावा कई देशों के प्रधानमंत्री एवं प्रमुख नेताओं ने संबोधित किया।
नीतीश ने विश्व समुदाय से ‘कार्बन न्यूट्रल फ्यूचर’ की परिकल्पना को साकार करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के द्वारा उत्पन्न खतरनाक संकटों के मद्देनजर हमने विकास की अपनी रणनीति बदली। इसे जल संरक्षण और हरियाली से जोड़कर नया रूप दिया, जिसका नाम है-जल-जीवन-हरियाली अभियान।
हमने महत्वपूर्ण नीतिगत पहल की
नीतीश ने कहा कि मानना है कि जल और हरियाली है, तभी जीवन सुरक्षित है। हमने महत्वपूर्ण नीतिगत पहल की है। जैसे-पर्यावरण के अनुकूल खेती, भूजल, सतही और बारिश के जल का संरक्षण, हरित ऊर्जा, जैव विविधता का संरक्षण। हरित आवरण को बढ़ाने का हमारा प्रयास जन सहभागिता पर आधारित है। हमलोग फूड फॉरेस्ट्री को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि हरित आवरण बढ़ने के साथ खाद्य सुरक्षा भी हो सके। इसके लिए हमने राज्य बजट से 3.5 अरब डॉलर का आवंटन किया है।
हमें उम्मीद है कि यह अभियान तापमान कम करने के वैश्विक लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। इस दिशा में जनजागृति पैदा करने के लिए 19 जनवरी 2020 को रिकार्ड 18 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई। इसमें 5.16 करोड़ लोग शामिल हुए। महात्मा गांधी ने कहा था-’यह धरती, इस पर रहने वाले सभी लोगों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, लेकिन सबकी लालच पूरी नहीं हो सकती।’
यूएन ने मंत्री संजय झा से कहा-दुनिया को रास्ता दिखाएगा हरियाली अभियान
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा के साथ बातचीत में यूएन के पर्यावरण मामलों के भारत प्रमुख अतुल बगई ने कहा कि हरियाली अभियान, पूरे विश्व में ‘कार्बन न्यूट्रालिटी’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए पथ प्रदर्शक बनेगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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