कोरोना काल में युवतियों का रैकेट युवा डाक्टरों, सरकारी अफसरों और नेताओं के अश्लील वीडियो व ऑडियो बनाकर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा है। रैकेट की युवतियां चर्चित पेशेवरों को कॉल कर पहले उनसे दोस्ती करती हैं। फिर उन्हें वीडियो कॉल कर अश्लील हरकतें करते हुए बातचीत करती हैं। इस दौरान वे वीडियो कॉल को रिकार्ड कर लेती हैं। बाद में वही रिकार्डिंग वायरल करने की धमकी देकर तगड़ी रकम मांग रही हैं।
वीडियो की रिकार्डिंग वे इतनी सफाई से करती हैं कि उनसे बातें करने वाला भी साफ नजर आता है। उसी रिकार्डिंग का कुछ हिस्सा पहले युवकों को भेजा जाता है। फिर उनसे कहा जाता है कि उनके पास पूरी फिल्म है, अगर उनकी मांग पूरी नहीं की तो उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया जाएगा। देश के कई राज्यों में इस फार्मूले पर ठगी की जा चुकी है।
जालसाज युवतियां बड़ी चालाकी से डाक्टरों, सरकारी अफसरों, बड़े कारोबारियों और युवा नेताओं को फंसाती हैं, ताकि उनसे ज्यादा से ज्यादा रकम वसूली जा सके। राजधानी के एक होटल कारोबारी, डॉक्टर, युवा नेता और सरकारी कर्मचारी ठगी के शिकार हो चुके हैं। एक नेता की शिकायत पर रायपुर पुलिस ने केस भी दर्ज किया। बाकी अन्य की शिकायत पर साइबर सेल जांच कर रही हैं। अधिकांश लोग बदनामी के कारण सामने नहीं आ रहे हैं। कुछ ही लोगों ने शिकायत की हैं।
डेटिंग एप उपयोग करने वाले हो रहे शिकार : साइबर सेल प्रभारी अभिषेक महेश्वरी ने बताया कि ज्यादातर उन लोगों को इस तरह के कॉल आ रहे हैं, जो डेटिंग एप उपयोग कर रहे हैं। इंटरनेट में बहुत सारे डेटिंग एप और साइट है। इन एप के माध्यम से युवक-युवतियां आपस में बातचीत करते हैं।
यहीं से नंबर निकालकर लोगों को ब्लैकमेल किया जा रहा है।
ऐसे फंसाते हैं लोगों को
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक पीड़ित ने बताया कि उनके पास कुछ दिनों से अनजान नंबर से कॉल आ रहा था। नया नंबर देखकर उन्होंंने कॉल रिसीव नहीं किया। फिर सोशल मीडिया में चैट मैसेज आया। तब बातचीत हुई। एक दिन रात को वीडियो कॉल आया तो रिसीव कर लिया। उसमें एक बिना कपड़ों की लड़की दिखाई दी। वह इधर-उधर की बातें करते हुए उलझाए रखी और डेढ़ मिनट का वीडियो बना लिया। फिर उसने उस वीडियो को भेजा, जिसमें दोनों बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उसने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
राजस्थानी गिरोह का पैटर्न का गिरोह
पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि इस तरह की ठगी राजस्थान भरतपुर का गिरोह करता है। कई बार युवक ही लड़की बनकर चैट करते हैं। बातों को उलझाकर युवकों को अश्लील हरकतों के लिए उकसाते हैं। फिर उसे रिकॉर्ड करते लेते हैं। कुछ रैकेट ने युवतियों को शामिल किए है, जो कॉल करके युवकों को फंसाती हैं। भरतपुर के कई गांव में ऐसा रैकेट चल रहा हैं।
पुलिस ने इस मामले में दर्ज किया केस
डीडी नगर पुलिस ने बताया कि राज्य के एक बड़े छात्र नेता को इस तरह का कॉल आया था। उनसे 7100 रुपए का खाते में जमा करने को कहा गया। उनका भी इस तरह का वीडियो बनाने की कोशिश की गई थी। इसमें अश्लील वीडियो को टेंपर किया गया है। जिस मोबाइल नंबर से कॉल किया गया है, वह फर्जी निकला। दूसरे की आईडी से सिम लिया गया है। उसके बाद कॉल किया गया हैं। पुलिस के अनुसार छात्र नेता ने ठग को पैसा नहीं दिया है।
ऑनलाइन ठगी का नया फार्मूला
एसएसपी अजय यादव ने बताया कि ऑनलाइन ठगी करने वाली युवतियां केवल युवकों या बड़े लोगों को टारगेट कर रही हैं, जो किसी पेशे से जुड़े हुए हैं। कुछ मामलों में तो युवतियां सोशल मीडिया में पहले युवकों से चैट करती है। फिर उनका मोबाइल नंबर लेकर वीडियो कॉल से जुड़ती है। उसके बाद अश्लील हरकतें कर उनका वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करती हैं। इसकी जांच के लिए साइबर सेल की विशेष टीम बनाई गई है।
ऐसे बच सकते हैं ठगी से
- अनजान नंबरों से बातचीत करते समय सावधानी बरतें।
- डेटिंग एप या साइट का उपयोग करने से बचना चाहिए।
- अनजान लोगों से चैट करने से पहले उसकी जानकारी लें।
- अनजान लोगों से वीडियो कॉल पर बात न करें।
- वीडियो कॉल को रिकॉर्ड करने के कई एप हैं, इसलिए सावधानी बरतें।
- वीसी को रिकॉर्ड करके दो लोगों के बातचीत को टेंपर किया जा सकता है।
( साइबर एक्सपर्ट मोहित साहू के मुताबिक)
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Source From
RACHNA SAROVAR
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