(पवन ठाकुर) प्रदेश में कम पैदावार का असर सोलन और परवाणू की सेब मंडियों पर भी पड़ा है। इन मंडियों में इस बार पिछले साल की अपेक्षा करीब 40फीसदी कम पेटियां पहुंची हैं। सीजन खत्म होने को है और अभी तक इन दोनों बड़ी मंडियों में करीब 20 लाख सेब की पेटियां आई हैं। जबकि पिछले साल पूरे सीजन में 38 लाख सेब की पेटियां यहां पहुंची थी।
इससे करीब300 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ था। इस साल इसमें करीब 70 से 80 करोड़ रुपए की कमी रहेगी। सोलन और टर्मिनल यार्ड परवाणू में इस बार सेब सीजन की रौनक फीकी रही। जबकि पिछले कुछ साल से इन दाेनों मंडियों में सेब का अच्छा कारोबार होता रहा है। सोलन में टिन के शैडों में सेब की खरीद-फरोख्त होती है,बावजूद इसके यहां पिछले साल करीब150 करोड़ का कोरोबार हुआ।
अकेले सोलन मंडी में ही 20 लाख पेटियां पहुंची थी। इस बार सीजन के आखिरी पड़ाव में पहुंचने पर इतनी संख्या दोनों मंडियों की है। आने वाले दिनों अधिकतर पांच लाख पेटियां और आने की संभावना है जिससे यह संख्या 25लाख तक ही पहुंचेगी जो पिछले साल की अपेक्षा13 लाख पेटी कम होगी।
इस साल जिला की दोनों बड़ी मंडियों में पिछले साल की अपेक्षा कम सेब पहुंचा है। इसके कई कारण है। सबसे बड़ा कारण तो पैदावार कम होना है। इसके अलावा सीधी खरीद और कोरोना वायरस के कारण भी कम कारोबार इस पर सेब का हो रहा है।
डाॅ. रविंद्र शर्मा,सचिव, मार्केटिंग कमेटी, सोलन
कम पैदावार व कोरोना संकट से प्रभावित हुआ कारोबार
इस साल प्रदेश में सेब की कम पैदावार हुई है। इसका असर मंडियों के कारोबार पर भी पड़ा है। सेब सीजन के पीक पर रहने के दौरान कोरोना का कहर भी ज्यादा था। इस दौरान परवाणू और सोलन में कोरोना पॉजिटिव के लगातार मामले सामने आ रहे थे।
इस कारण अधिकतर बागवानों ने अपनी नजदीक की मंडियों में ही सेब बेचे। इसके अलावा एक बड़ा कारण डायरेक्ट ऑडिनेंस भी रहा। इससे कई कंपनियों और खरीदारों ने सीधे बागवानों से संपर्क कर उनके बागीचे से ही सेब खरीदा। इस कारण कम सेब मंडियों में पहुंचा।
लहसुन, मटर और टमाटर का रहा अच्छा कारोबार
इस साल लॉकडाउन के बीच मटर और लहसून का अच्छा कारोबार हुआ। इस सीजन में अकेले सोलन मंडी में करीब 38 हजार टन मटर पहुंचा। जो कि अभी तक का सर्वाधिक है। शुरूआत में पिटने के बाद यहां मटर के दाम किसानों को अच्छे मिले।
टमाटर तो पूरे सीजन में ही तेजी में रहा। लहसुन भी इस साल उंचाइयों पर रहे। लहसुन 40रुपए से शुरू होकर200 रुपए प्रतिकिलो तक बिका। इससे अनुमान लगाया जा रहा था कि इस साल सेब का कारोबार भी अच्छा रहेगा।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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