मोटापे से गठिया (जोड़ो की सूजन) रोग अभिशाप बनता जा रहा है। जंक फूड का बढ़ता चलन मोटापे को बढ़ावा दे रहा है। अब 50 की उम्र से पहले ही गठिया की समस्या हो रही है। इसके साथ जीवनशैली में सामान्य से अधिक आरामदायक बनना और गलत तरीके से जोड़ों की गतिविधियां करना भी गठिया का कारण बन रहा है।
मेडिकल कालेज से लेकर महारानी और जिला आयुर्वेदिक हास्पिटल की ओपीडी में 30 फीसदी मरीज गठिया की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। जिला आयुर्वेदिक डॉ राकेश कुमार भार्गव ने बताया कि जीवनशैली को संतुलित बनाकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से उपचार के लिए महारानी हास्पिटल के आयुष विंग में विशेष व्यवस्था की गई है । यहां पर मरीजों को पंचकर्म के साथ ही अन्य तरीके इलाज किया जाता है। उन्होंने कहा कि जिला आयुर्वेदिक हास्पिटल में मरीजों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाता है । यह बीमारी अधिकतर महिलाओं में पाई जा रही है । जिनकी उम्र करीब 30 से 40 साल के बीच है । उन्होंने कहा कि हर वर्ष 12 अक्टूबर का दिन विश्व ऑर्थराइटिस या गठिया दिवस के तौर पर लोगों के बीच गठिया की बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के लिये मनाया जाता है। लेकिन कोरोना में इस तरह के काम नहीं हो पा रहे हैं ।
मोटापा सबसे बड़ा कारण
भार्गव ने कहा शारीरिक गतिविधि कम होने से मोटापा बढ़ता है, जो आर्थराइटिस के मुख्य कारणों में से एक है। ऑर्थराइटिस का असर मरीज के चलने-फिरने की क्षमता, रोजमर्रा के कामों पर पड़ता है। कम चलने के कारण उसके हृदय स्वास्थ्य पर असर पड़ने लगता है।
गठिया से बचाव के उपाय
- रोजाना संतुलित आहार लें
- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें, ये हड्डियों को कमजोर बनाता है
- साइकिलिंग से हड्डियों को मजबूत बनाएं
- स्वीमिंग को अपनाकर शरीर को तंदुरुस्त रखें
- जंक फूड से तौबा करें, रोजाना सैर करें
- वजन कम रखें।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment