देशभर में हत्या की घटनाओं में 0.3 फीसदी कमी आई है। एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक देश में 2019 में हत्या के 28918 मामले सामने आए, जबकि 2018 में 29017 मामले सामने आए थे। बिहार में साल 2019 में 3231 लोगों की हत्या हुई। इनमें 112 नाबालिग थे। उम्र के हिसाब से देखें सबसे अधिक हत्या युवाओं की हुई।
एक साल में 18 से 30 साल की उम्र के 1368 लोगों की हत्या हुई। 30 से 45 साल के 1215, 45 से 60 वर्ष के 502 और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 34 लोगों की हत्या हुई। छह साल से कम उम्र के एक, छह से 12 साल के 28 और 12 से 16 वर्ष के 40 बच्चों की हत्या हुई। 16 से 18 साल के 43 लोगों की हत्या हुई।
जमीन विवाद में 782 की गई जान
बिहार में हत्या की 270 घटनाएं प्रेमप्रसंग के कारण हुईं। वहीं अवैध संबंधों के कारण 101 घटनाएं हुईं। हालांकि, इससे अधिक जमीन विवाद में 782 और पारिवारिक विवाद में 235 हत्या हुई। दहेज के कारण 84 और राजनैतिक कारणों से छह हत्या हुई। राजधानी पटना में अवैध संबंधों के कारण चार और प्रेम प्रसंग में 9 हत्या हुई।
अन्य राज्यों को देखें तो दहेज एवं राजनैतिक हत्या के मामले में बंगाल पहले पायदान पर है। 2019 में बंगाल में दहेज के लिए 356 और राजनैतिक कारणों से 12 हत्या हुई। बिहार और झारखंड में राजनैतिक कारणों से 6-6 हत्या हुई।
अवैध संबंधों के कारण सबसे अधिक 245 हत्या महाराष्ट्र में हुई। उत्तर प्रदेश में प्रेम प्रसंग में 385 और अवैध संबंधों के कारण 102 हत्या हुई। गैंगवार में भी उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों की तुलना में सबसे आगे (28) रहा। बिहार में गैंगवार में एक, राजस्थान में छह और मध्य प्रदेश में चार हत्या हुई।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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