बिहार के चुनावी मैदान में नेता सुरक्षा कवच के साथ घूम रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एसपीजी सुरक्षा घेरे में हैं तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सीआरपीएफ की विशेष वीआईपी सुरक्षा लेकर चुनावी मैदान में सभाएं कर रहे हैं। दूसरी ओर राज्य सरकार ने राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित वीआईपी नेताओं की सुरक्षा का पिछले महीने ही वर्गीकरण किया है।
इसके तहत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जेड प्लस और एएसएल प्रोटेक्टी सुरक्षा दायरे में रखा गया है। एएसएल प्रोटेक्टी वीवीआईपी अगर कहीं जाते हैं तो उसके पहले सुरक्षाकर्मियों की एक टीम उस जगह का पहले मुआयना करती है।
नीतीश को जेड प्लस के साथ एएसएल प्रोटेक्टी, लालू-राबड़ी व मांझी को जेड प्लस
नए सुरक्षा वर्गीकरण के तहत पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और जीतन राम मांझी को जेड प्लस सुरक्षा घेरे में रखा गया है। हालांकि लालू प्रसाद जेल में हैं और इसके कारण वे चुनावी मैदान में नहीं दिख रहे। इसके अलावा बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, सांसद ललन सिंह, पूर्व सांसद सैयद शाहनवाज हुसैन, सांसद और जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और पूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा को जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का भी नाम शामिल था लेकिन अब उनका निधन हो चुका है।
तेजस्वी-मीरा को वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा
वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा वालों में लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार और विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव हैं। 16 दूसरे नेताओं को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। इनमें पूर्व स्पीकर उदय नारायण चौधरी, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह, पूर्व मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह, पूर्व सांसद शरद यादव, पूर्व मंत्री शकील अहमद, सांसद पशुपति कुमार पारस, पूर्व विधायक रणविजय सिंह, सांसद सुशील कुमार सिंह, पूर्व मंत्री पीके शाही, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, विधायक मदन मोहन झा, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव और पूर्व मंत्री अनिल कुमार शामिल हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment