शिमला में अब लोग हेल्पलाइन पर बंदरों, लंगूरों और लेपर्ड के खतरे की शिकायत कर सकेंगे। इसके लिए वन विभाग का वाइल्ड लाइफ विंग एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने जा रहा है। लोगों की शिकायत मिलने पर वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंचेगी। शिकायत पर की गई कार्रवाई को वन अधिकारी मॉनीटरिंग करेंगे। शिमला शहर में बंदरों और लंगूरों आदि के बारे में लोग शिकायत अभी तक पुलिस या स्थानीय पार्षद से ही करते हैं जो कि आगे वन विभाग को इसकी सूचना देते हैं।
ऐसे में वन विभाग का वाइल्ड लाइफ विंग एक हेल्पलाइन जारी करने जा रहा है जिससे लोग आसानी से शिकायत कर सकें। इसमें लोगों की शिकायतों और क्या कार्रवाई हुई है, इसका भी ब्योरा रहेगा। शिमला शहर में बंदरों का आतंक बहुत ज्यादा है। वहीं अब लंगूरों के हमले के मामले भी सामने आ रहे हैं।
वहीं लोगों के सामने दिक्कत यह रहती है कि वे बंदरों, लंगूरों के बारे में किससे शिकायत करें। इसके चलते वाइल्ड लाइफ विंग इसके लिए एक हेल्पलाइन लांच करना चाह रहा है जिस पर सभी लोग शिकायत कर सकेंगे। पहले ट्रायल आधार पर शिमला में यह हेल्पलाइन जारी होगा और अगर इसका रिस्पॉन्स अच्छा रहा है तो बाकी जगहों पर भी इसको लागू किया जा सकेगा।
अभी टीम को सही समय पर सूचना नहीं मिलती, देरी से पहुंचती है
शिकायतों का रहेगा रिकॉर्डः विभाग जो हेल्पलाइन जारी करेगा उसमें यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिकायत का ब्योरा भी बना रहे। लोगों ने क्या शिकायत की है और कहां से की है, इसका रिकार्ड भी विभाग रखेगा। शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है, इसकी भी स्टाफ को रिपोर्ट अधिकारियों को देनी होगी। इस तरह अधिकारी इन शिकायतों को खुद मॉनीटरिंग करेंगे।
हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने पर वाइल्ड लाइफ विंग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंचेगी। वन विभाग के वाइल्ड लाइफ विंग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम टूटीकंडी के रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर में तैनात रहती हैं। हालांकि अभी भी टीम इस तरह की शिकायतों पर शहर के विभिन्न हिस्सों में जा रही है।
मगर टीम को सही समय पर कई बार सूचना नहीं मिल पाती है। ऐसे में जब लोग हेल्पलाइन पर शिकायत करेंगे तो इसको अटेंड करने वाले रैपिड रिस्पॉन्स टीम को इसकी सूचना देंगे और मौके पर पहुंचकर इस पर कार्रवाई के लिए कहेंगे। इनमें अगर कहीं कोई बंदर या लंगूर अक्रामक बन गया है तो उसको रेस्क्यूू किया जाएगा। इसी तरह लेपर्ड की शिकायत मिलने पर वहां विभाग द्वारा पिंजरा लगाया जाएगा।
रोजाना दो से तीन लोगों पर झपट रहेः शिमला शहर में बंदरों के आतंक किस कदर है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रोजाना शहर में दो से तीन लोगों को बंदर निशाना बना रहे हैं। शहर ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां पर बंदरों का आतंक न हो। कई जगह लोगों,खासकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है।
कई बार लंगूरों के हमले के मामले भी सामने आ चुके हैं। हाल ही में रिज मैदान पर एक लंगूरों ने कई लोगों को निशाना बनाया था। शहर में लेपर्ड की शिकायतें भी कई हिस्सों से आ रही हंै। ऐसे में यह हेल्पलाइन लोगों के लिए मददगार साबित हो सकती है।
वाइल्ड लाइफ विंग एक हेल्पलाइन नंबर जारी करेगा, जिस पर लोग बंदरों, लंगूर आदि के बारे में शिकायत कर सकेंगे। अभी तक कोई डेडिकेटिड नंबर नहीं है जिस पर लोग इस तरह की शिकायत विभाग से कर सके। हेल्पलाइन से लोगों को शिकायत करने में आसानी होगी। वाइल्ड लाइफ विंग भी इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर सकेगा। कृष्ण कुमार, डीएफओ वाइल्ड लाइफ शिमला
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Source From
RACHNA SAROVAR
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