आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट को ले जिले में चाेरी छिपे नित्य करोड़ों का सट्टा लग रहा है और आश्चर्यजनक बात यह कि पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं है। जो पुलिस जिले में लॉ एंड ऑर्डर स्थापित रखने एवं अपराधियों पर नकेल कसने का दंभ भर्ती है। आखिर शहरी क्षेत्र के हर गलियों में खेले जाने वाले सट्टे की जानकारी पुलिस महकमे को आखिर क्यों नहीं है।
साइबर सेल भी इस मामले में मानो निरंकुश ही है। आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट के प्रारंभ होते ही युवाओं में खासा उत्साह दिखता है। यह उत्साह खेल के प्रति रुचि कम एवं आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट में लगने वाले सट्टे को लेकर विशेषकर रहता है। आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट के आयोजित सभी लीग मैच में प्रतिदिन लोग करोड़ों रुपए का सट्टा खेल रहे हैं।
जिसमें कुछ के हाथ जीत लगती है तो अधिकांश को हार ही मिलती है। आईपीएल 20 क्रिकेट लीग मैच में कुछ तो सट्टे पर लाखों रुपए एवं उससे अर्जित संपत्ति को भी हार जाते हैं। जिसके बाद उसके बाद आत्महत्या के सिवाय कोई दूसरा विकल्प मौजूद नहीं रहता है। जिले में संचालित सट्टा जुआ, लॉटरी में हार का मुंह देखे लोगों ने पूर्व के वर्षों में कई लोगों ने आत्महत्या तक कर ली है।
युवावर्ग है चपेट में, हर गली मोहल्ले में हो रही सट्टेबाजी
मैच प्रारंभ होते ही खासकर युवा वर्ग टीवी से चिपक जाते हैं तो कुछ मोहल्लों के चौक चौराहे एवं गलियों में अपने अपने मोबाइल पर क्रिकेट मैच देखते रहते हैं। जिनमें कुछ लोग खेल रूचि से क्रिकेट मैच देखते हैं शेष दोनों से खेल रहे टीम व खिलाड़ियों पर दाव लगाते हैं। यहां तक कि टॉस से लेकर कौन खिलाड़ी अर्धशतक बनाएंगे एवं कौन टीम जीतेगी इस पर सट्टा खेलते हैं। जिस कारण शाम होते ही गली मोहल्ले एवं घरों में लोग टीवी एवं मोबाइल से चिपक जाते हैं।
3-5 घंटे में दोगुनी होती है राशि
आईपीएल 20-20 क्रिकेट लीग मैच तकरीबन 3 से 5 घंटे का होता है। इस दरम्यान जिस क्रिकेट टीम पर रुपया लगाया जाता है अगर वह टीम जीत जाती है तो लगाई गई राशि का दोगुना रुपया सटोरियों को मिलता है। शहरी क्षेत्र की बात करें तो शहर के पानी टंकी चौक, नया टोला, शिव मंदिर चौक, बड़ा बाजार, विनोदपुर, अड़गड़ा चौक, अमला टोला, न्यू मार्केट, फल पट्टी, हरदयाल चौक, दुर्गा स्थान चौक, डेहरिया, ड्राइवर टोला, गौशाला, मिरचाईबाड़ी सहित अन्य क्षेत्रों में व्यापक रूप से सट्टेबाज युवाओं को गुमराह कर सट्टा खेलने का काम करते हैं।
कहीं आतंकी फंडिंग के लिए तो नहीं
सट्टेबाज की माने तो उन लोगों के कुछ जान पहचान के ही लोग और उनकी ओर से जारी फोन नंबर पर उनकी ओर से दांव पर लगाए गए रुपए टीम की जीत पर दोगुनी राशि उसे उपलब्ध कराते हैं। लेकिन पानी टंकी चौक, अड़गड़ा चौक, अमला टोला, मंगल बाजार सहित कुछ अन्य इलाकों में व्यापक तौर पर सट्टे में रुपया लगाया जाता है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर इस क्षेत्र में सट्टा कौन चला रहा है। जब इस संदर्भ में भास्कर रिपोर्टर ने पड़ताल की तो पाया कि कुछ एक सटोरियों की सांठगांठ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में है।
उदासीन है साइबर सेल
साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी को ले सूबाई सरकार के निर्देश पर सूबे के सभी जिलों में साइबर सेल की स्थापना की गई ताकि साइबर अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। सरकार की सोच महज एक सोच बनकर ही रह गई।
भास्कर रिपोर्टर और सट्टेबाज के बीच बातचीत
रिपोर्टर : क्या हाल है भाई, किसके किसके बीच आज मैच है ?
सट्टेबाज : कोलकाता चेन्नई के बीच।
रिपोर्टर : किस टीम की स्थिति मजबूत है?
सट्टेबाज : मजबूत तो चेन्नई ही है लेकिन डिपेंड करता है कि कौन टीम पहले बैटिंग कर रही है। जो पहले बैटिंग कर रही है उस पर ज्यादा पैसा लग रहा है। अभी तक चेज कर जीतने वाली टीम दो-तीन ही है।
रिपोर्टर : कितना पैसा लगाया जाएगा ?
सट्टेबाज : तुम भी खेल रहे हो क्या। शाम में उसी चौक पर पहुंच रहे हैं तब बात करते हैं।
रिपोर्टर : पेमेंट कौन लेगा, कितना देना होगा ?
सट्टेबाज : पेमेंट तो मौके पर ही देना होगा। वहीं पर रखना पड़ता है। दोनों टीम पर पैसा लगता है और जो जीतेगा वो पैसा ले जाएगा।
रिपोर्टर : पैसा दोगुना मिलेगा क्या गारंटी है ?
सट्टेबाज : पूरी गारंटी है। वहां तो रहोगे ही न देख लेना। दोनों तरफ से पैसा लगता है। यह जान लो कोलकाता-चेन्नई पर ज्यादा पैसा लग रहा है। इसलिए पैसा की गारंटी है। शाम को आते हैं देखते हैं...।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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