शनिवार को जिले में 157 लोग कोरोना संक्रमित मिले। वहीं 5 लोगों की मौत हुई। मरने वालों में चार महिला और एक पुरुष शामिल हैं। दो महिलाएं 40 से कम उम्र की हैं। एक महिला एमसीएच में भर्ती थी, जिसे मेकाहारा में पॉजिटिव पाए जाने के बाद 3 नवंबर को एमसीएच रेफर किया गया था। महिला की बुखार नहीं उतर रहा था। डॉक्टरों के मुताबिक महिला को ब्रेन टीबी भी थी। शुक्रवार देर रात महिला की मौत हुई है।
जिंदल फोर्टिस हॉस्पिटल में शुक्रवार देर रात लोइंग निवासी 38 वर्षीय महिला की मौत हुई है। कोरोना के बाद दिल का दौरा पड़ने से महिला की मौत हुई। पुलिस लाइन उर्दना से 13, जेएसपीएल कॉलोनी से 4 संक्रमितों के साथ ही कांलिदी कुंज सहित अन्य इलाकों में मरीज मिले हैं। मरने वालों में डूमरडीह सारंगढ़ की 65 वर्षीय महिला, रायगढ़ की 68 वर्षीय महिला और धरमजयगढ़ खेड़ापाली निवासी 66 वर्षीय पुरुष शामिल हैं।
सबसे ज्यादा 94 मौतें एमसीएच में, डॉक्टर बोले: लक्षण के बावजूद देर से आते हैं मरीज
जिले में कोरोना से अब तक 163 लोगों मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा 94 लोगों की मौत एमसीएच में हुई है। एमसीएच के डॉक्टर्स का कहना है कि लक्षण आने के 3-4 दिन बाद मरीज टेस्टिंग करा रहे हैं और इलाज कराने देर से पहुंचते हैं, तब फेफड़े पूरी तरह संक्रमित हो जाते हैं। ऑक्सीजन सेचुरेशन (ऑक्सीजन लेवल) को लेकर भी गंभीर नहीं है।
शनिवार को मरने वाले एक मरीज का ऑक्सीजन लेवल 51 तक गिर गया था। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स की स्टडी के मुताबिक मरने वालों में 25 फीसदी लोग 5 दिन देरी से अस्पताल पहुंचे। 50 फीसदी मरीज ऐसे थे जो लक्षण आने के 3 दिन बाद टेस्टिंग और इलाज कराने पहुंचे। 94 में 60 लोग ऐसे हैं जो 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। इसमें बीपी, सुगर, हाइपरटेंशन था।
सर्दी, बुखार, नहीं आ रहा स्वाद, जांच जरूरी
एमसीएच के प्रभारी डॉ वेद प्रकाश घिल्ले ने बताया कि सही समय इलाज नहीं मिल पाने की वजह से लोगों का लंग्स 80-90 फीसदी खराब हो रहा है। ऑक्सीजन लेवल 92 के ऊपर होना चाहिए था, लेकिन 48 लोगों में आक्सीजन लेवल 80 से नीचे था।
- अब तक 955 गंभीर मरीजों का इलाज हुआ
- 735 मरीज ठीक होकर वापस गए
- 100 लोग रेफर हुए, 92 मरीजों की गई जान, उसमें 45 लोग केजीएच हॉस्पिटल से रेफर होकर आए।
समय पर कराएं जांच
एमसीएच हॉस्पिटल में जो भी मरीज आ रहे है उनमें ऑक्सीजन लेवल काफी कम रहता है। 5-6 दिन में स्थिति खराब होने लगती है। ज्यादातर मरीजों के फेफड़े खराब पाए गए है। सर्दी, बुखार, कफ रहना या फिर मौसम बदलने के बाद कोई भी लक्षण दिखता है तो जांच जरूर करा लें।''
डॉ पीएम लूका, डीन, मेडिकल कॉलेज
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Source From
RACHNA SAROVAR
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