यहां स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय के कॉम्प्लैक्स में जिस नवनिर्मित भवन में भोटा स्थित चैरिटेबल अस्पताल के कोविड-19 अस्पताल को शिफ्ट किया जाना है, उसके लिए अभी अच्छा खासा वक्त लग सकता है। केवल अधिसूचना जारी होने से यह सेंटर शिफ्ट नहीं होगा और न ही चैरिटेबल हॉस्पिटल भोटा में पिछले सात माह से लोगों को स्वास्थ्य की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
वजह यह है कि नवनिर्मित भवन में तीनों मंजिल पर पहुंचने के लिए रैंप नहीं है। इसलिए उसका निर्माण होना है। स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी से एस्टीमेट मांगा है। फिर इसकी अप्रूवल मिलेगी और टेंडर बुलाकर इसका काम अवार्ड किया जाएगा। यह सारी प्रक्रिया वक्त लेगी, लिहाजा कम से कम 2 माह तो इस सारे प्रोसेस को लगेंगे ही।
मतलब साफ है की शिफ्टिंग का काम इतना आसान नहीं है। काबिले गौर है कि 5 दिन पहले आयुर्वेदिक चिकित्सालय के नए भवन को कोविड-19 केयर सेंटर या अस्पताल में तब्दील करने की अधिसूचना सरकार ने जारी की थी। तब यह माना जा रहा था कि चैरिटेबल हॉस्पिटल भोटा में अब आम लोगों को शीघ्र ही सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी। लेकिन ऐसा अभी कतई होने वाला नहीं है।
भोटा में कोरोना मरीजों के लिए तकरीबन 50 बिस्तरों की व्यवस्था का दावा है। इन तमाम को आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन में तैयार किया जाना है। हालांकि इतने बेड यहां लग पाएंगे, इस पर अभी भी संशय है। क्योंकि 30 बेड से ज्यादा की यहां व्यवस्था करना कठिन काम है।
अन्य सुविधाएं तो मुहैया यहां हो जाएंगी। लेकिन 50 बेड लगाने का काम आसान नहीं है। फिर सबसे महत्वपूर्ण चीज यह है कि तीन मंजिले इस भवन में रैंप नहीं है और केवल सीढिय़ों से होकर ही मरीजों को ऊपरी मंजिलों में पहुंचाया जा सकता है।
इधर चैरिटेबल हॉस्पिटल भोटा के प्रशासक बेलीराम का कहना है कि वे तो इस तैयारी में जुट गए हैं कि जैसे ही यह अस्पताल यहां से शिफ्ट होता है, वह इसकी साफ सफाई करवाएंगे और 10, 12 दिन में आम मरीजों के लिए अपनी पुरानी व्यवस्थाएं बहाल कर देंगे। लेकिन निर्भर इसी बात पर करता है कि कोविड अस्पताल यहां से कब तब्दील होता है।
लंबे समय से उठ रही है शिफ्ट करने की मांग :
चैरिटेबल हॉस्पिटल भोटा से कोरोना अस्पताल को शिफ्ट करने की मांग काफी लंबे समय से हो रही थी। क्योंकि इस अस्पताल में रोजाना 500 से 700 की ओपीडी वैसे ही रहा करती थी और इतनी लंबी अवधि के बाद इस अस्पताल में इलाज करवाने वाले इलाका वासी मरीज बेहद परेशान हैं।
वे आंदोलन भी कर चुके हैं। इसीलिए कोविड अस्पताल को यहां से शिफ्ट करने की अधिसूचना जारी हुई है, लेकिन अभी 2 माह का वक्त और लग सकता है। यदि काम में तेजी आई तो 1 माह में भी शिफ्टिंग हो सकती है। लेकिन असल मसला रैंप के निर्माण पर टिका हुआ है।
इधर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के एमएस डॉ. आरके अग्निहोत्री का कहना है कि पीडब्ल्यूडी को एस्टीमेट बनाने को कह दिया गया है। एक-आध दिन में यह तैयार हो जाएगा। उसके बाद निर्माण होगा। रैंप के बन जाने के बाद ही भोटा के कोविड अस्पताल को यहां शिफ्ट किया जा सकता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment