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जयराम ठाकुर ने कहा -2020 कोविड में चला गया, अगले दो साल फोकस सिर्फ विकास कार्यों पर

2020 कोविड में गुजर गया और 2021 का इस्तकबाल करने की तैयारी है। उम्मीद है कि यह वर्ष महामारी से मुक्त होगा और राज्य के विकास कार्यों में जो ठहराव इस वर्ष आया, आगामी वर्ष में तेजी से काम होगा। कई योजनाएं जाे अधूरी पड़ी हैं उन्हें पूरा किया जा सकेगा। बल्क ड्रग पार्क को लाने के प्रयास हैं।

एयर कनेक्टिविटी, कई फोरलेन प्रोजेक्ट अभी अधूरे पड़े हैं। इनके लिए सरकार के नए साल में क्या प्रयास होंगे। कोविड रोकने के लिए सरकार के प्रयासों समेत कई तरह के सवालों को लेकर दैनिक भास्कर ने बात की मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ। पेश हैं मुख्य अंश...

- सवाल: सरकार के कार्यकाल को तीन साल हाे गए हैं, आप किस तरह से देखते हैं?
मुख्यमंत्री: काेविड का हिमाचल में भी व्यापक असर हुआ है। हालांकि शुरू में लाॅकडाउन के दाैरान केस ज्यादा नहीं थे। जब लाॅकडाउन का फेज खत्म हुआ और अनलाेक का फेज शुरू हुआ ताे उसके बाद अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने में केसों में बढ़ोतरी आई। इस पर नियंत्रण रखने के लिए हमें पाबंदियां लगानी पड़ी। इसका परिणाम यह रहा कि मामले अब कम आने लगे हैं लेकिन इससे अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई।

- सवाल: इन तीन सालाें में सरकार की उपलब्धियां क्या रही?
मुख्यमंत्री: प्रदेश में सरकार के तीन साल उपलब्धियाें भरे रहे हैं। 70 साल से अधिक आयु के 2.79 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकाें काे 1500 रुपए मासिक पेशन दी गई। आयुष्मान भारत याेजना में 30 लाख 3 हजार परिवार काे पंजीकृत किया गया और 76 हजार 805 राेगियाें पर 79.90 कराेड़ रुपए व्यय किए। उज्ज्वला याेजना, गृहिणी सुविधा याेजना,सहारा याेजना, मुख्यमंत्री स्टार्टअप याेजना सहित कई कल्याणकारी याेजनाएं शुरू की गई, जिससे प्रदेश के लाखाें लाेग लाभांवित हुए है।

- सवाल: अगले दाे साल सरकार के लिए चुनावी साल हैं? इन दाे साल में सरकार के सामने सबसे बड़ा चैलेंज क्या है?
मुख्यमंत्री: उन कार्यों को पूरा करना जाे काेविड के कारण प्रभावित हुए। उम्मीद करते हैं कि नया साल हमारे वित्तीय प्रबंधन के लिए बेहतर हाेगा। जो दो साल सरकार के पास बचे हैं उसमें पूरा फोकस विकास कार्यों पर रहेगा। कुछ प्राेजेक्ट ऐसे हैं जाे शुरू करने की स्थिति में हैं और कुछ पूरा हाेने की स्टेज में हैं। सरकार ऐसे प्राेजेक्टाें काे प्राथमिकता के आधार पर देखेगी।

- सवाल: काेविड के दाैरान विपक्ष की क्या भूमिका रही?
मुख्यमंत्री: विपक्ष कोविड काल को भी राजनैतिक मुद्दा बनाने से नहीं चूका जबकि यह न तो प्रदेश और न ही मानव निर्मित मुद्दा है। यह वैश्विक महामारी है। कांग्रेस से कहना चाहता हूं कि अगर उनके पास काेई फार्मूला है ताे बताइए हम उस पर काम करके बेहतर करने की काेशिश करेंगे।

कांग्रेस के पास अगर काेविड ही मुद्दा है ताे आप मानकर चलिए की तीन साल बीतने के बाद भी उसके पास सरकार के खिलाफ कुछ नहीं है। ऐसे में इन्हें समझना चाहिए कि सरकार पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। काेविड के कारण हमारा काम प्रभावित हुए है उसका लाभ लेने की काेशिश कर रही है। विपक्ष इस स्थिति में नहीं है कि वह किसी मुद्दे पर हमारा सामना कर सके। कांग्रेस अपने आप कई गुटाें में बंटी हुई है। वहां पर नेतृत्व की लड़ाई लड़ी जा रही है।

- सवाल: सड़कें प्रदेश की लाइफ लाइन हैं, एनएच ,फाेरलेन और एयर-कनेक्टिविटी का काम आगे नहीं बढ़ पाया है? उस दिशा में सरकार क्या कर रही है?
मुख्यमंत्री: जहां तक फाेरलेन की बात है उसमें ताे काम चल रहा है। किरतपुर-मनाली फाेरलेन के एक हिस्से का काम जिस कंपनी काे दिया था उस कंपनी की हालात खराब हाे गई और उस कंपनी ने काम छाेड़ दिया था। अब नए सिरे से नई कंपनी काे दाे पार्ट करके काम दिया है। इसके टेंडर हाे गए हैं।

इसी तरह शिमला कालका फाेरलेन के काम में भी तेजी आई है। पठानकाेट-मंडी फाेरलेन पर भी काम चल रहा है। दाे अाैर फाेरलेन शिमला मटाैर फाेरलेन का काम एडवांस स्टेज पर है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हाे गई है। जहां तक एनएच की बात है वाे सारा मामला केंद्र के सामने रखा है।

बल्क ड्रग फार्मा पार्क बड़ा प्राेजेक्ट है? यह हिमाचल को कैसे मिल सकता है?
मुख्यमंत्री- निवेश के सेंक्टर में हमने इनेवस्टर मीट करवाने का एक प्रयास किया और इसका अच्छा इम्पेक्ट भी रहा। इसमें से 13000 कराेड़ की ग्राउंड ब्रेकिंग की थी जिसमें से 10 हजार कराेड़ के काम जमीनी स्तर पर शुरू हुए हैं। सरकार दस हजार कराेड़ रुपए की दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग शीघ्र करेगी।

इससे 30 से 40 हजार कराेड़ के निवेश पर असर पड़ा है। बल्क ड्रग फार्मा पार्क के लिए सरकार ने बहुत प्रभावशाली बिडिंग की है। पूरी उम्मीद है कि तीन में से एक फार्मा पार्क हिमाचल काे मिलेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्रियाें के समक्ष मैंने मजबूती के साथ पक्ष रखा है। अगर यह पार्क हिमाचल काे मिलता ताे इससे टर्नओवर 60 से 70 हजार कराेड़ रूपए का हाेगा जाे राज्य की अर्थव्यवस्था काे ही बदल देगा। इससे लाेगाें काे राेजगार के अवसर मिलेंगे।



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जयराम ठाकुर फाइल फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
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