जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ दो मोर्चों पर काम कर रहे हैं। उन्हें पब्लिक को नई सरकार के कार्यकलापों का बेहतरीन अहसास तो कराना ही है, साथ में पार्टी और संगठन को और धारदार और प्रभावकारी बनाने का बड़ा टास्क भी है। शनिवार की देर शाम नीतीश, पार्टी कार्यालय पहुंचे; वहां पहले से मौजूद नेताओं कार्यकर्ताओं से बात की। उन्होंने विधानसभा चुनाव में हारे नेताओं से कहा-’इलाके में नए सिरे से जुटें। लोगों की समस्याओं का समाधान कराएं।’
नीतीश से मिलने पहुंचे नेता, कार्यकर्ताओं में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा, रंजू गीता आदि भी थीं। कुछ ने हार के कारण बताए, तो कई से नीतीश ने विधानसभा चुनाव का फीडबैक लिया। करीब घंटे भर की पूरी बातचीत कमोबेश इसी लाइन पर हुई कि कैसे पार्टी को नए सिरे से और धारदार बनाया जाए; संगठन कैसे और मजबूत और असरदार हो? नीतीश सबसे यही कहते रहे कि ‘और मेहनत कीजिए। पूरे मनोयोग से लगे रहिए।
अपने-अपने इलाके में लगातार घूमते रहिए। लोगों से बात कर उनकी तथा इलाके की समस्याओं और उनके कारणों को जानिए, उसके समाधान में कोई कसर नहीं छोड़िए। संसदीय लोकतंत्र में हार-जीत का सिलसिला तो चलता ही रहता है। मूल बात है जनता की समस्याओं से गंभीर सरोकार जताकर उसका समाधान कराना। … सरकार और जनता के बीच पुल बनिये।’ इस दौरान जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह, संसदीय दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, प्रदेश जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष सह मंत्री डॉ. अशोक चौधरी, मंत्री विजय कुमार चौधरी आदि भी मौजूद थे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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