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संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग कर ज्यादा उत्पादन लेने पर रहेगा जोर

मृदा स्वास्थ्य दिवस पर जिले के विभिन्न प्रखंडों पर कार्यक्रम का आयोजन कर किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। जिसमें प्रत्येक प्रखंड में 10-10 किसानों को बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिया गया। इसको लेकर सदर प्रखंड के मटोखर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन कृषि पदाधिकारी शिवदत्त सिन्हा के द्वारा किया गया। इसी प्रकार घाटकुसुंभा प्रखंड में बीडीओ दीपक कुमार कौशिक, अरियरी प्रखंड में सहायक निदेशक पौधा संरक्षण, चेवाड़ा प्रखंड में सहायक निदेशक कृषि अभिकरण तथा शेखोपुरसराय में जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा किया गया, जबकि बरबीघा प्रखंड में अपर थाना अध्यक्ष विनोद कुमार झा के द्वारा किया गया। इस दौरान किसानों को अपनी मिट्टी की पहचान कर उसका परीक्षण कराकर संतुलित पोषक तत्वों का प्रयोग कर अधिक उपज लेने पर जोर दिया गया। वहीं, कृषि समन्यवक ने स्वास्थ्य कार्ड के अनुरूप उर्वरक डालने को कहा तथा फसल अवशेष प्रबंधन के द्वारा मृदा स्वास्थ्य मे वृद्धि पर विस्तृत चर्चा की। कृषि समन्वयक ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड को पढ़ने की विधि तथा मिट्टी के पीएच वैल्यू के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।

कार्यक्रम के शुभारंभ में 100 किसानों ने अपनी सहभागिता का निर्वहन किया : घाटकुसुम्भा प्रखंड के माफो पंचायत अंतर्गत गुरेरा गांव में भी मृदा स्वास्थ्य दिवस का आयोजन किया गया। इस मौके पर बीडीओ दीपक कुमार कौशिक ने कहा कि विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर सभी किसानों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने खेत की मिट्टी की जांच कराने के बाद जारी स्वास्थ्य मृदा कार्ड व पोषक तत्वों के अनुसार खाद का उपयोग करें। कार्यक्रम के शुभारंभ में 100 किसानों ने अपनी सहभागिता का निर्वाह किया। जिसमें 10 किसानों के बीच मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए। वहीं, कृषि पदाधिकारी कमरे आलम ने कहा कि जिन किसानों के मिट्टी का पीएच वैल्यू 6.5 से कम है।

चेवाड़ा में की गई मिट्टी जांच कर दी गयी प्रमाणपत्र : चेवाड़ा में विश्व मृदा दिवस के अवसर पर कृषि कार्यालय द्वारा किसानों के खेत की मिट्टी का जांच किया गया। इस दौरान उन्हें जांच के उपरांत मिट्टी की गुणवत्ता का प्रमाण पत्र भी दिया गया। कृषि समन्वयक प्रमोद कुमार सिन्हा तथा अमरनाथ मेहता ने बताया कि विश्व मृदा दिवस के अवसर पर किसानों को कई आवश्यक जानकारी भी दी गई तथा उन्हें उनकी खेत की मिट्टी जांच कर यह बताया गया इस मिट्टी में क्या कमी है और अगर कमी है तो इसकी भरपाई कैसे हो पाएगी। कृषि समन्वयक ने बताया कि मिट्टी जांच से पहले किसानों के बीच प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया और किसानों के द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब भी दिया गया।

किसानों को जैविक खेती अपनाने की दी सलाह..
कृषि विभाग के रसायन सहायक निदेशक डॉ.शालिनी कुमारी ने कहा कि विश्व मृदा स्वास्थ्य दिवस पर सभी किसानों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वह अपने खेत की मिट्टी की जांच कराने के बाद जारी स्वास्थ्य मृदा कार्ड के अनुसार पोषक तत्वों के प्रयोग पर बल दिया गया। उन्होंने कहा किसानों की आय बढ़ाने के लिए सबसे अधिक जरुरी है फसल उत्पादन की लागत को कम करना एवं फसलों का अधिक उत्पादन होना।



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Emphasis will be on taking more production by using balanced nutrients


Source From
RACHNA SAROVAR
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