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2 साल से सिरे नहीं चढ़ी प्री-पेड टैक्सी याेजना, अभी महंगी टैक्सी करनी पड़ रही लोगों को

शहर में प्रीपेड टैक्सी याेजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। अभी ये याेजना कागजाें तक ही सीमित है। जबकि इसका फायदा न ताे स्थानीय लाेगाें काे मिल पा रहा है और न ही पर्यटकाें काे इसका लाभ मिल रहा है। ऐसे में अब परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। शहर की करीब 25 यूनियनाें काे प्रीपेड टैक्सी याेजना से जाेड़ने के लिए तैयारी की गई थी, जबकि, अभी तक इसे शुरू ही नहीं किया गया है।

इसका सबसे ज्यादा फायदा शहर में आने वाले पर्यटकाें काे हाेना हैं। अभी शहर में चलने वाली टैक्सियां मनमाने रेट पर सवारियां बिठाती हैं और तो वहीं बाहरी राज्य से आने वाले पर्यटकाें से भी ज्यादा वसूली होती है। ऑल कमर्शियल ज्वाइंट एक्शन कमेटी के अध्यक्ष अजय सलवाणी का कहना है कि सरकार काे जल्द से जल्द इस याेजना काे शुरू कर देना चाहिए ताकि, आम लाेगाें काे इसका फायदा मिल सके।

उनका कहना है कि परिवहन विभाग अभी तक भी इस याेजना काे शुरू नहीं कर पाया है। वहीं, आरटीओ शिमला दिलेराम का कहना है कि सरकार के आदेश जैसे हाेंगे, उसी तरह काम किया जाएगा। उनका कहना है कि फिलहाल इस याेजना पर काम चल रहा है।

याेजना में ये: चालक का रिकॉर्ड चेक होगा,व्यवहार की भी माॅनिटरिंग
यात्रियाें की सुरक्षा काे देखते हुए जाे भी टैक्सियां प्रीपेड टैक्सी के ताैर पर चलेंगी, उसके चालक की परिवहन विभाग पूरी वैरिफिकेशन करेगा। पुलिस की मदद से टैक्सी चालक का पूरा रिकाॅर्ड जांचा जाएगा। इसके अलावा उसका वैलिड लाइसेंस और एड्रेस प्रूफ भी जांचा जाएगा।

टैक्सी चालक का यात्रियाें के साथ व्यवहार कैसा रहता है, इसकी भी लगातार माॅनिटरिंग हाेगी। परिवहन विभाग के अधिकारी समय-समय पर इसकी फीडबैक लेते रहेंगे।

अभी शहर में पैकेज के नाम पर वसूले जा रहे हैं ज्यादा पैसे

बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकाें से पैकेज के नाम पर ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। पर्यटकों को सभी टूरिस्ट स्पॉट नहीं घुमाए जाते हैं। शहर में निजी गाड़ियों को भी बतौर टैक्सी इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सबसे शिमला के टैक्सी ऑपरेटराें काे भी नुकसान उठाना पड़ रहा हैं, यही नहीं कुछ टैक्सी चालक रात के समय दाेगुने रेट पर टैक्सियां बुकिंग पर दे रहे हैं।

पुराने बस स्टैंड से नालदेहरा के 1500 से दाे हजार रुपए वसूले जा रहे हैं। वहीं, जाखू और कुफरी घूमने के लिए एक टैक्सी चालक 1800 रुपए ले रहे हैं। जबकि इस रूट के लिए प्रशासन ने करीब 700 से 800 रुपए तय किए हैं। जबकि प्रीपेड टैक्सी में इस तरह की ठगी नहीं हाे सकती है।

शेयरिंग का ऑप्शन भी रहेगा...

प्रीपेड टैक्सी के लिए बनाए जा रहे एप में शेयरिंग का ऑप्शन भी रहेगा। उदाहरण के लिए काेई व्यक्ति संजाैली से समरहिल के लिए जा रहा है ताे वाे एप में अगर शेयरिंग का ऑप्शन क्लिक करता है ताे किसी दूसरी टैक्सी में वह सफर कर सकता हैं। इसमें अगर पहले से काेई व्यक्ति समरहिल के लिए सफर कर रहा है ताे वह तय किराया आधा-आधा दे सकते हैं। इससे यात्रियाें पर किराए का बाेझ भी कम हाेगा।

प्रीपेड बूथ बनाने काे मिली मंजूरी, लेकिन बने नहीं

शहर में चिह्नित नाै स्थानाें पर प्रीपेड बूथ बनेंग,इन्हें टूरिस्ट डेस्टिनेशन प्वाइंट भी कहा जा सकेगा। यहां पर एचआरटीसी और परिवहन विभाग के कर्मचारी तैनात रहेंगे। अभी तक ये बूथ बने ही नहीं हैं। यहां से टिकटाें की एडवांस बुकिंग की जा सकेगी।

शहर के प्रत्येक रूट का किराया पहले से निर्धारित किया गया हाेगा। अब किराए में ताेलमाेल करने की काेई जरूरत नहीं हाेगी। घर बैठे भी टैक्सी बुक करवाई जा सकेगी। जिस तरह आप अपना माेबाइल एडवांस में रिचार्ज करते हैं, उसी तरह टैक्सी का किराया भी एडवांस में ही देना हाेगा।



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फाइल फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
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