झंडूता विकास खंड की बड़गांव पंचायत में प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि एक प्रत्याशी ने नामांकन के साथ ओबीसी का 5 साल पुराना प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। उसका नामांकन मंजूर कर लिया गया लेकिन दूसरे व्यक्ति का ओबीसी सर्टिफिकेट पुराना होने का तर्क देते हुए उसका नामांकन रद्द कर दिया गया।
बड़गांव पंचायत के गटी गांव निवासी संजू कुमार ने कहा कि उन्होंने प्रधान पद के लिए नामांकन भरा था। नामांकन के साथ उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाण पत्र भी संलग्न किया था। उनके ओबीसी सर्टिफिकेट को पुराना बताते हुए उसे मानने से इंकार करने के साथ ही उनका नामांकन भी रद कर दिया गया।
एक अन्य प्रत्याशी ने ओबीसी का 5 साल पुराना प्रमाण पत्र संलग्न किया था, उसका नामांकन मंजूर कर दिया गया। उन्होंने दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि या तो उक्त व्यक्ति का नामांकन भी रद्द किया जाए, या फिर उनके नामांकन को भी सही करार देकर उन्हें चुनाव लड़ने की अनुमति दी जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। एआरओ पवन ने कहा कि इस तरह की शिकायत मिली है। उच्चाधिकारियों को इससे अवगत करवाया गया है।
मतदाताओं के नाम गायब, कांग्रेस खटखटायगी उच्च न्यायालय का दरवाजा..
प्रदेश युवा कांग्रेस महासचिव रजनीश मेहता ने कहा की मतदाता सूचियों में नाम न होने के कारण जिताऊ इच्छुक उम्मीदवार नामांकन करने से वंचित रह गए हैं। इस संदर्भ में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वोटर लिस्ट मे नामांकन भरने से पूर्व कई उम्मीदवारों को उस समय झटका लगा जब उनका नाम मतदाता सूची गायब था।
पंचायती राज विभाग के द्धारा वोटर लिस्टों मे जिन्हें काफी समय हो गया है उनका नाम डाल दिया गया है और जिन्होंने विधानसभा व लोकसभा चुनावों के समय मतदान किया है उनका काट दिया गया है। सूची से नाम गायब होना विभागीय कर्मियों की लापरवाही को दर्शाता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment