जिला में नैचुरल फार्मिंग को जिला में और अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है। नैचुरल फार्मिंग को व्यापकता प्रदान करने के लिए विभाग सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने बैंकों को भी आदेश दिए कि इस संबंध में जो भी प्रभावी कार्यवाही करने की आवश्यकता है उस संबंध में बैंक अथवा विभाग कार्य योजना तैयार करें।
उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी ने साेमवार काे जिला सहकारी बैंक द्वारा आयोजित बैठक में यह आदेश दिए।उन्हाेंने कहा कि जिला में कृषि, बागवानी, पशुपालन व अन्य संबद्ध व्यवसायों से जुड़े लोगों को वास्तविक तौर पर स्केल ऑफ फाइनांस की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए ताकि ग्रामीणों को इसका अधिक से अधिक लाभ प्राप्त हो सके।
राज्य स्तरीय तकनीकी समिति को संस्तुति के लिए भेजेंगे रिपोर्ट
बैठक के संयोजक बैंक राज्य सहकारी बैंक के सहायक महा प्रबंधक विशेषवर शर्मा ने बताया कि जिला में स्केल ऑफ फाइनांस के आधार पर विभिन्न बैंक किसानों व बागवानों को विभिन्न फसलों के लिए वित्त प्रदान करते हैं। बैठक में निर्धारित किए गए स्केल ऑफ फाइनांस की रिपोर्ट राज्य स्तरीय तकनीकी समिति को संस्तुति के लिए जाएगी। उन्होंने बताया कि यह स्केल ऑफ फाइनांस वर्ष 2021-22 के लिए किया जाएगा।
इन फसलों को स्केल ऑफ फाइनेंस की दी गई सुविधा...
जिले में मुख्य तौर पर कृषि फसलों के तहत गेहूं, जौ, मक्का, धान, दालें, तेल का बीज, मटर, पत्ता गोभी, फूल गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, लहसुन, अदरक शामिल हैं। बागवानी के तहत सेब, नींबू प्रजाति के फल, बादाम, कीवी, खुमानी, पलम, चेरी, आम, अनार, अमरूद, नाशपती आदि फल। पुष्प उत्पादन के तहत कारनेशन, ग्लेडुला, गुलाब तथा क्रिस थेनमम प्रजाति के फूल, मत्स्य पालन एवं पशु स्वास्थ्य संबंधित स्केल ऑफ फइनांस निर्धारित किए जाते हैं।
बैठक में राज्य सहकारी बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक संजय शर्मा, उप-निदेशक कृषि एचआर ठाकुर, नाबार्ड से राजेश डोगरा, एलडीएम यूको बैंक एके सिंह, पीएनबी बैंक से संजय रतवान, बागवानी विभाग से विषय विशेषज्ञ डाॅ. अंजना जस्टा एवं लाभ सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र शिमला रोहडू से डाॅ. नरेंद्र सिंह भी शामिल थे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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