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जल जीवन मिशन पर विभाग के दावों पर सवालिया निशान, जनजातीय मोर्चा ने लगाया फर्जीवाड़ा का आरोप

जल जीवन मिशन को लेकर जनजातीय युवा मंच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। युवा मंच ने खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि जलशक्ति विभाग ने कागजों में ही इस योजना को पूरा करने का दावा कर प्रधानमंत्री तक की आंखों में धूल झोंका है। जनजातीय युवा मंच ने हिमाचल प्रदेश में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में फर्जीवाड़ा का आरोप लगाया है। 15 अगस्त 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन का शुभारंभ किया था। इस मिशन का लक्ष्य देशभर के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वर्ष 2024 तक नल द्वारा पेयजल उपलब्ध करवाना है।


इसके लिए जनजातीय जिला लाहौल में 3. 5 लाख करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। मंच के अध्यक्ष सुदर्शन जस्पा ने कहा है कि इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर देश के प्रधानमंत्री के समक्ष फर्जी आंकड़े पेश किए गए। यही बजह है कि अटल टनल रोहतांग के उद्घाटन के दौरान सिस्सू के मंच से नरेंद्र मोदी ने लाहौल स्पीति में इस योजना के शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का जिक्र किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने जल जीवन मिशन के लाभार्थियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत में कहा था कि हिमाचल प्रदेश सरकार जल जीवन मिशन को प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन करने वाला पहला राज्य बन गया है।


उन्होंने बताया था कि वर्ष 2019- 20 के दौरान 1,61,102 परिवारों को पेयजल उपलब्ध करवाया गया है तथा जिला लाहौल स्पीति के लाहौल और स्पीति विकासखंड, सोलन के कंडाघाट और किन्नौर के पूह विकासखंड में शत प्रतिशत परिवारों को इस मिशन के तहत कवर किया गया है। जबकि सच्चाई इसके कोसों दूर है। सुदर्शन जस्पा ने आरोप लगाया है कि लाहौल स्पीति जिले में 10प्रतिशत घरों में भी पेयजल के लिए नल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लेकिन इसके विपरीत प्रदेश सरकार किस जानकारी के आधार पर जबरदस्ती अपनी पीठ थपथपा रही है।



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प्रतीकात्मक फोटो


Source From
RACHNA SAROVAR
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