धारटीधार क्षेत्र के गांव ठाकुर गवाना के शहीद जवान प्रशांत ठाकुर को वीरवार को गिरि नदी के तट पर सैकड़ों लोगों ने अंतिम विदाई दी। इस मौके शहीद प्रशांत के भाई विशाल ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। शहीद जवान के साथ आएं सेना के जवानों ने अपने साथी को सलामी दी।
उत्तराखंड से हिमाचल मे प्रवेश करते ही उनके पार्थिव शरीर पर पांवटा वासियों ने फूल बरसाए। इसके बाद पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। यहां पर सैकड़ों लोग उनके अंतिम दर्शन के लिए सुबह ही प्रतीक्षा कर रहे थे। भारी बारिश के बीच सैकड़ों लोगों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गांव नजदीक गिरि तट पर ले जाया गया। जहां पर उनका सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ संस्कार किया गया। गौरतलब है कि तीन दिन पार्थिव शरीर यहां पहुंचा है। इससे पहले जम्मू कश्मीर के बारामुला में आतंकियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए तीनों सैनिकों को देहरादून में श्रद्धांजलि दी गई। देहरादून के मिलिट्री अस्पताल से 10 बजे तीनों की पार्थिव देह को उनके गांव के लिए रवाना किया। इसके बाद प्रशांत ठाकुर की पार्थिव देह करीब 12 बजे पांवटा पहुंची। पांवटा से करीब 1 घंटे में पैतृक गांव गवाना पहुंची। रास्ते में भी वीर सपूत को जगह-जगह लोगों ने श्रद्धांजलि दी। प्रशांत ठाकुर अमर रहे के नारे आसमान में गूंजते रहे। राजकीय व सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस मौके पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल, उपायुक्त डॉ. आरके परूथी, एसपी सिरमौर, भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र चैहान, सचिव नरेंद्र चौहान के अलावा भूतपूर्व सैनिक उपस्थित थे।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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