राजनीतिक दल दान में पैसे ले रहे हैं, लेकिन दाताओं का ब्योरा जाहिर नहीं कर रहे। न उनका नाम बता रहे हैं और न पता। एसोसिएशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिफार्म (एडीआर) ने बिहार में चुनाव लड़ने वाले राजनीतिक दलों द्वारा प्रस्तुत योगदान रिपोर्ट की स्थिति तथा रिपोर्ट में घोषित आधी अधूरी जानकारी के विश्लेषण पर आधारित रिपोर्ट जारी की है।
एडीआर ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय 11 दलों का विश्लेषण किया है, जिसमें भाजपा, कांग्रेस, बीएसपी, तृणमूल कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, एनसीपी, जदयू, लोजपा, राजद और आरएलएसपी शामिल हैं। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29 सी (1) के तहत सभी दलों को आय में 100 प्रतिशत की छूट का लाभ उठाने के लिए एक वित्तीय वर्ष में किसी भी दानदाता द्वारा 20 हजार से अधिक के दान का विवरण हर साल 30 सितंबर तक चुनाव आयोग को देना है।
एडीआर ने वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2018-19 तक का विश्लेषण किया है। रिपोर्ट के अनुसार 11 राजनीतिक दलों में से केवल 3 दलों कांग्रेस, बीएसपी और एनसीपी ने ही वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2018-19 के बीच हर साल निर्धारित समय अवधि में अपनी दान रिपोर्ट चुनाव आयोग को दी थी। शेष 8 दलों ने इन पांच वर्षाें की अवधि के दौरान कम से कम एक बार दान रिपोर्ट जमा करने में देर की है।
रिपोर्ट के मुताबिक भाजपा ने प्रत्येक वर्ष अपनी दान रिपोर्ट प्रस्तुत करने में 17 से 30 दिनों तक की देर की है। आरएलएसपी की चार साल की दान रिपोर्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अनुपलब्ध है। एलजेपी ने अपने पांच साल की दान रिपोर्ट में से चार साल की दान रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के बाद आयोग में जमा की थी।
दलों ने 3468 दान दाताओं का पैन विवरण घोषित नहीं किया
2014-15 से 2018-19 के बीच विश्लेषित किए गए राजनीतिक दलों ने 217 दान के दाताओं का नाम घोषित नहीं किया है। इसमें भाजपा ने सबसे अधिक 175 बिना नाम के दान दाताओं की घोषणा की है। राजनीतिक दलों ने 5815 दान दाताओं का पूरा पता घोषित नहीं किया है।
वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2018-19 के बीच भाजपा और आरएलएसपी ने क्रमश: 4935 और 558 दान दाताओं के पते की घोषणा नहीं की है। इसी अवधि में राजनीतिक दलों ने 3468 दान दाताओं का पैन विवरण घोषित नहीं किया है। जबकि 128 दानों का पैन विवरण गलत घोषित किया गया था।
बिहार के दलों ने पांच साल में 34.33 करोड़ रुपए की दान राशि प्राप्त की
रिपोर्ट में चुनाव आयोग के हवाले कहा गया है कि 11 राजनीतिक दलों ने अपनी दान रिपोर्ट में (20 हजार से अधिक) 2777.97 करोड़ की कुल दान राशि घोषित की थी। वित्तीय वर्ष 2014-15 और 2018-19 के बीच भाजपा ने कुल दान का 80.12 प्रतिशत यानी 2225.66 करोड़ की राशि घोषित की थी। जबकि कांग्रेस ने कुल दान की 13.64 प्रतिशत राशि प्राप्त की थी।
बीएसपी ने इन पांच वर्षाें की अवधि में भी 20 हजार से अधिक का कोई भी दान अपनी दान रिपोर्ट में घोषित नहीं की है। खासबात यह है कि बिहार के दलों जदयू, लोजपा, राजद और आरएलएसपी ने पांच वर्षाें की अवधि के दौरान कुल मिलाकर 34.33 करोड़ (1.24 प्रतिशत) की दान राशि प्राप्त की है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment