header ads

इस साल भी पूरा नहीं हो पाएगा शामती बाईपास, अभी 40 फीसदी काम बाकी; सोलन के जाम से छुटकारा पाने

(पवन ठाकुर) शहर के मालरोड पर रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए बन रहे आंजी-शामती बाईपास के लिए अभी लोगों को और इंतजार करना पड़ेगा। इसका निर्माण कार्य इस साल भी पूरा नहीं होगा। सड़क को पूरा करने का टारगेट इस साल सितंबर का था जो बीत गया। अभी भी करीब 40 फीसदी काम होना बाकी है।

गनीमत है कि अगले साल भी यह काम पूरा हो जाए। राहत की बात यह है कि जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रहे अधिकतर मामले निपट गए हैं और निर्माण की जद में आ रहे पेड़ों काे काटने काम भी हो गया है।
पहले बाईपास का काम निजी जमीन एक्वायर करने के कारण लटका रहा फिर निजी जमीन पर लगे 350 पेड़ों को काटने का मामला आड़े आ गया। पेड़ों को काटने की मंजूरी में ही करीब एक साल का समय लग गया फिर काटने में भी छह माह का समय लगा दिया।

यह बाईपास सोलन शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई 5.410 किलोमीटर है। इससे बनने से राजगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों को मालरोड होकर नहीं जाना पड़ेगा। आंजी से ही ऐसे वाहन बाईपास से जाते हुए शामती के पास निकलेंगे। इससे मालरोड पर रोजाना लगने वाले जाम से निजात मिलेगी साथ ही लोगों का समय भी बचेगा।

आंजी-शामती बाईपास के निर्माण का काम चल रहा है। अभी तक करीब 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। निर्माण में आड़े आ रही अधिकतर समस्याओं का निवारण हो गया है। 2021 में इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
अरविंद शर्मा,एक्सईएन पीडब्ल्यूडी सोलन

कई गांवों को मिलेगी सड़क सुिवधा : इस बाईपास के निर्माण पर 26 करोड़ रुपए की लागत आ रही है। इसके लिए नाबार्ड फंडिंग कर रही है। इस के निर्माण से शहर की ट्रैफिक समस्या से निजात के साथ आसपास के गांवों श्योथल, मणांजी, भगरोल, धरांझटी कलां, भरखोड़, चिल्ला कलां, चिल्ला खुर्द, चिलाड़ी, बडल्याणा और शमलेच गांव को भी सड़क सुविधा मिलेगी।

10 साल से चल रही प्रक्रिया

इस बाईपास बनने की प्रक्रिया लंबे समय से चल रही है। सोलन शहर की ट्रैफिक समस्या विकराल हुई तो आंजी-शामती बाइपास प्रोजेक्ट का खाका 2009 में बनाया गया। विभागीय औपचारिकताएं पूरी करने में छह साल और लग गए। 2015 में इसकी औपचारिकताएं पूरी हुईं और 2016 में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ।

प्लानिंग की कमी और निजी भूमि के अधिग्रहण में आई समस्याओं के कारण इसका निर्माण कार्य पूरा होने में लगातार देरी होती रही। अधिग्रहण की समस्या हल हुई तो प्राइवेट लैंड पर लगे 350 छोटे-बड़े पेड़ आड़े आ गए। यह पेड़ सड़क निर्माण की जद में आ रहे थे और इन्हें काटने की मंजूरी वन विभाग से मिलनी थी।

काफी समय तक मामला सरकार के पास रहा। मामला जनमंच में उठा तो बीती साल सितंबर में पेड़ों को काटने की मंजूरी मिल गई। इस पर बाईपास के कार्य में तेजी आने की उम्मीद बंधी, लेकिन वन विभाग ने मंजूरी मिलने के इतने समय बाद पेड़ काटने का काम शुरू किया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
निर्माणाधीन शामती बाईपास निर्माण का कार्य अभी पूरा होने में लगेगा समय।


Source From
RACHNA SAROVAR
CLICK HERE TO JOIN TELEGRAM FOR LATEST NEWS

Post a Comment

[blogger]

MKRdezign

Contact Form

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget